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Deoria News: शुरू से मनबढ़ रहा कौशल, अब बन गया शातिर अपराधी
Tue, 15 Jul 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 15 Jul 2025 12:45 AM IST
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देवरिया/गौरी बाजार। कुशीनगर जिले के एक होटल में ठगी के बाद हुई किसान इंद्रकुमार तिवारी की हत्या का मुख्य आरोपी कौशल कुमार गौरी बाजार थाना क्षेत्र के सांडा गांव का निवासी है। गांव में जब उसकी करतूत की खबर अखबारों के माध्यम से पहुंची तो लोगों में सनसनी फैल गई और चर्चाओं का बाजार गरम हो गया। सांडा गांव निवासी श्रीकिशुन के तीन पुत्रों में कौशल सबसे छोटा है।
ग्रामीणों के अनुसार, वह बचपन से ही मनबढ़ और उदंड प्रवृत्ति का था। एक बार गांव में ही किसी अन्य व्यक्ति की बोलेरो गाड़ी को अपना बताकर बेच दिया था। हालांकि, मामला गांव में ही दबा दिया गया और पुलिस तक बात नहीं पहुंच पाई। इस तरह की कई छोटी-बड़ी घटनाओं में वह समय-समय पर शामिल होता रहा।
कुछ साल पहले कौशल का झंगहा थाना क्षेत्र के नई बाजार व मिठ्ठाबेल गांव में अपने रिश्तेदारों के यहां आना-जाना होता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात युवती साहिबा बानो से हुई। दोनों के बीच प्रेम हुआ और परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर विवाह कर लिया। इस पर नाराज होकर परिवार वालोंं ने कौशल से नाता तोड़ लिया। विवाह के बाद कौशल पत्नी के साथ गांव छोड़कर बाहर रहने लगा और आजीविका चलाने के लिए ठगी और अपराध की राह पकड़ ली।
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पत्नी का नाम बदलकर खुशी तिवारी रख दिया और उसे अपने जाल का एक हिस्सा बना लिया।कौशल ने शातिराना तरीके से मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी किसान इंद्रकुमार तिवारी को शादी का झांसा देकर गोरखपुर बुलाया। गोरखपुर के दिव्यनगर मोहल्ले में किराए पर कमरा लेकर वह पत्नी के साथ रहने लगा। वहीं से उसने इंद्रकुमार को फंसाया और कुशीनगर के एक होटल में खुशी तिवारी (साहिबा बानो) के साथ उसका विवाह कराया। संवाद
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ग्रामीणों के अनुसार, वह बचपन से ही मनबढ़ और उदंड प्रवृत्ति का था। एक बार गांव में ही किसी अन्य व्यक्ति की बोलेरो गाड़ी को अपना बताकर बेच दिया था। हालांकि, मामला गांव में ही दबा दिया गया और पुलिस तक बात नहीं पहुंच पाई। इस तरह की कई छोटी-बड़ी घटनाओं में वह समय-समय पर शामिल होता रहा।
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कुछ साल पहले कौशल का झंगहा थाना क्षेत्र के नई बाजार व मिठ्ठाबेल गांव में अपने रिश्तेदारों के यहां आना-जाना होता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात युवती साहिबा बानो से हुई। दोनों के बीच प्रेम हुआ और परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर विवाह कर लिया। इस पर नाराज होकर परिवार वालोंं ने कौशल से नाता तोड़ लिया। विवाह के बाद कौशल पत्नी के साथ गांव छोड़कर बाहर रहने लगा और आजीविका चलाने के लिए ठगी और अपराध की राह पकड़ ली।
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पत्नी का नाम बदलकर खुशी तिवारी रख दिया और उसे अपने जाल का एक हिस्सा बना लिया।कौशल ने शातिराना तरीके से मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी किसान इंद्रकुमार तिवारी को शादी का झांसा देकर गोरखपुर बुलाया। गोरखपुर के दिव्यनगर मोहल्ले में किराए पर कमरा लेकर वह पत्नी के साथ रहने लगा। वहीं से उसने इंद्रकुमार को फंसाया और कुशीनगर के एक होटल में खुशी तिवारी (साहिबा बानो) के साथ उसका विवाह कराया। संवाद