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अर्थी पर लिटाते ही चलने लगीं सांसें
देवरिया
Updated Mon, 02 Jan 2017 10:44 PM IST
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इंद्रावती देवी।
- फोटो : अमर उजाला
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बरहज (ब्यूरो)। बुजुर्ग महिला को मृत समझकर अर्थी तैयार की गई लेकिन जैसे ही उसे अर्थी पर लिटाया गया वह जीवित हो उठी। अचानक हुए इस वाकये के बाद शोक का माहौल खुशी में बदल गया। इसकी खबर जैसे ही इलाके में फैली, लोग महिला को देखने के लिए दरवाजे पर पहुंचने लगे। मामला कपरवार गांव के पश्चिम टोले का है।
65 साल की इंद्रावती देवी पत्नी स्व. सर्वप्रसाद रोज की तरह रविवार की शाम भोजन करके सोने चली गई। सोमवार की सुबह देर तक बिस्तर से नहीं उठीं तो परिवारवाले जगाने पहुंचे। लेकिन काफी प्रयास के बाद वह नहीं उठी। आनन-फानन में नजदीक के निजी चिकित्सक को बुलाकर दिखाया गया। डॉक्टर ने देखने के बाद उसे मृत बताया। यह सुनकर परिवारवालों में कोहराम मच गया।
मौत की जानकारी होने पर लोग जुट गए। इसके बाद उसके दाह संस्कार की व्यवस्था की जाने लगी। जब इंद्रावती को अर्थी पर रखा जा रहा था। इसी बीच इंद्रावती उठकर बैठ गई, जो पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा।
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65 साल की इंद्रावती देवी पत्नी स्व. सर्वप्रसाद रोज की तरह रविवार की शाम भोजन करके सोने चली गई। सोमवार की सुबह देर तक बिस्तर से नहीं उठीं तो परिवारवाले जगाने पहुंचे। लेकिन काफी प्रयास के बाद वह नहीं उठी। आनन-फानन में नजदीक के निजी चिकित्सक को बुलाकर दिखाया गया। डॉक्टर ने देखने के बाद उसे मृत बताया। यह सुनकर परिवारवालों में कोहराम मच गया।
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मौत की जानकारी होने पर लोग जुट गए। इसके बाद उसके दाह संस्कार की व्यवस्था की जाने लगी। जब इंद्रावती को अर्थी पर रखा जा रहा था। इसी बीच इंद्रावती उठकर बैठ गई, जो पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा।
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