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गहराता जा रहा बाढ़ का संकट
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Sun, 24 Jul 2016 10:37 PM IST
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रुद्रपुर में तिघरा मराछी बांध पर कटान करती राप्ती नदी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रुद्रपुर,एकौना। बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर दिख रहा है। क्षेत्र की नदियों का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है। गोर्रा और राप्ती के जलस्तर में बढ़ोतरी को देख रुद्रपुर में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। वहीं बाढ़ को लेकर सुरक्षा चौकियों पर कोई पोख्ता इंतजाम नहीं है। ऐसे में लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
रविवार को गोर्रा नदी 69.10 मीटर और राप्ती नदी 68.80 मीटर पर बह रही थी। दोनों नदियों का खतरा निशान 70.50 मीटर है। राप्ती नदी तिघरा और मराछी बांध पर कई जगहों पर कटान कर रही है। करहकोल, हड़हा, माझा नरायन, नीबा, गायघाट, केवटलिया आदि जगहों पर नदी बंधों को काट कर रही है।
केवटलिया गांव के सामने राप्ती नदी सीधे टक्कर मार रही है। जिससे गांव वालों के होश उड़े है। यहां नदी तीन बार में करीब पचास बीघा जमीन कटान कर चुकी है। गोर्रा नदी पिडरा करनपुर और पिड़रा भुसउल बांध पर लगातार दबाव बनाए हुए है।
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विभाग नदियों का जलस्तर बढ़ता देख बाढ़ सुरक्षा बचाव के कार्य में तेजी दिखा रहा है। पिड़रा स्थित बाढ़ सुरक्षा चौकी में पानी टपक रहा है। वायरलेश सेट बचाकर रखना कर्मचारियों के लिए समस्या बनी है। पानी पड़ने की वजह से अक्सर वायरलेश सेट खराब हो जाता है।
किसी तरह कर्मचारी बाढ़ कंट्रोल रुम को सूचना दे पा रहे है। इस संबंध में एसडीएम डॉ.राजेश कुमार ने कहा कि बाढ़ की संभावना को लेकर प्रशासन तैयार है। सिंचाई विभाग को चौकियों को दुरूस्त रखने का निर्देश दिया गया है।
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रविवार को गोर्रा नदी 69.10 मीटर और राप्ती नदी 68.80 मीटर पर बह रही थी। दोनों नदियों का खतरा निशान 70.50 मीटर है। राप्ती नदी तिघरा और मराछी बांध पर कई जगहों पर कटान कर रही है। करहकोल, हड़हा, माझा नरायन, नीबा, गायघाट, केवटलिया आदि जगहों पर नदी बंधों को काट कर रही है।
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केवटलिया गांव के सामने राप्ती नदी सीधे टक्कर मार रही है। जिससे गांव वालों के होश उड़े है। यहां नदी तीन बार में करीब पचास बीघा जमीन कटान कर चुकी है। गोर्रा नदी पिडरा करनपुर और पिड़रा भुसउल बांध पर लगातार दबाव बनाए हुए है।
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विभाग नदियों का जलस्तर बढ़ता देख बाढ़ सुरक्षा बचाव के कार्य में तेजी दिखा रहा है। पिड़रा स्थित बाढ़ सुरक्षा चौकी में पानी टपक रहा है। वायरलेश सेट बचाकर रखना कर्मचारियों के लिए समस्या बनी है। पानी पड़ने की वजह से अक्सर वायरलेश सेट खराब हो जाता है।
किसी तरह कर्मचारी बाढ़ कंट्रोल रुम को सूचना दे पा रहे है। इस संबंध में एसडीएम डॉ.राजेश कुमार ने कहा कि बाढ़ की संभावना को लेकर प्रशासन तैयार है। सिंचाई विभाग को चौकियों को दुरूस्त रखने का निर्देश दिया गया है।