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बेचू के आग्रह पर बरहज आए थे अनंत महाप्रभु
देवरिया
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:08 PM IST
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बरहज आश्रम पर कथा सुनाते नरहरी दास।
- फोटो : अमर उजाला
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बरहज। योगीराज अनंत महाप्रभु के 240वीं जयंती पर शुक्रवार को गुरु चित्रपटों का विशेष पूजन आश्रम पीठाधीश्वर आंजनेयदास ने किया। उन्होंने कहा कि योगीराज अनंत महाप्रभु बरहज निवासी बाबा लालदास के साथ उनके आग्रह पर नाव से अयोध्या से बरहज आए। बेचू साह के आग्रह पर नंदना वार्ड पश्विमी में कुटिया बनाकर रहने लगे।
आगे चलकर यह स्थान उनकी साधना स्थली बन गई। आश्रम के प्रणेता अनंत महाप्रभु का जीवन सच्चे संत का जीवन था। सत्संग में कथा का रसपान करते हुए आचार्य नरहरिदास ने कहा कि वैज्ञानिक युग में भौतिकता का विकास तेजी से हो रहा है। लोग उसी अनुपात में आध्यात्मिक ज्ञान से दूर होते जा रहे हैं। यही कारण है कि धार्मिक कट्टरता, संकीर्णता और असहिष्णुता जैसी विसंगतियों से समाज विखंडित हो रहा है।
इस मौके पर कुशेश्वरदास व हरिओम चरण ने भी कथा का रसपान कराया। इस दौरान डॉ शिवानंद गुप्त, ब्रजराज उपाध्याय, सुग्रीव पांडेय, देवेंद्र सिंह, प्रेमशंकर पाठक, आशुतोष शुक्ला, रामजी यादव, रामाश्रय यादव, जयप्रकाश उपाध्याय, विनय मिश्र, सुनील पांडेय, वीरेंद्र दीक्षित, अंजनी उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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आगे चलकर यह स्थान उनकी साधना स्थली बन गई। आश्रम के प्रणेता अनंत महाप्रभु का जीवन सच्चे संत का जीवन था। सत्संग में कथा का रसपान करते हुए आचार्य नरहरिदास ने कहा कि वैज्ञानिक युग में भौतिकता का विकास तेजी से हो रहा है। लोग उसी अनुपात में आध्यात्मिक ज्ञान से दूर होते जा रहे हैं। यही कारण है कि धार्मिक कट्टरता, संकीर्णता और असहिष्णुता जैसी विसंगतियों से समाज विखंडित हो रहा है।
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इस मौके पर कुशेश्वरदास व हरिओम चरण ने भी कथा का रसपान कराया। इस दौरान डॉ शिवानंद गुप्त, ब्रजराज उपाध्याय, सुग्रीव पांडेय, देवेंद्र सिंह, प्रेमशंकर पाठक, आशुतोष शुक्ला, रामजी यादव, रामाश्रय यादव, जयप्रकाश उपाध्याय, विनय मिश्र, सुनील पांडेय, वीरेंद्र दीक्षित, अंजनी उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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