{"_id":"5855778b4f1c1b035264a291","slug":"becoming-a-matter-of-dispute-between-adm-lawyer","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडीएम-वकील के बीच तकरार से मामला गरमाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडीएम-वकील के बीच तकरार से मामला गरमाया
देवरिया
Updated Sat, 17 Dec 2016 11:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। एडीएम वित्त एवं राजस्व बीएल मौर्य और अधिवक्ताओं से तकरार के बाद कलेक्ट्रेट का शनिवार को माहौल गरम हो गया है। एडीएम पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने उनके न्यायालय के बहिष्कार का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि कलेक्ट्रेट के अधिवक्ता रमाशंकर मिश्र शुक्रवार को एक शहीद सैनिक की पत्नी के पेंशन संबंधी प्रकरण में पुनर्विवाह के वेरीफिकेशन संबंधी प्रमाण पत्र के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व के पास गए थे।
किसी बात को लेकर दोनों में तकरार हो गई। शनिवार को अधिवक्ता राजेश मणि के नेतृत्व में अधिवक्ता एडीएम से बात करने पहुंचे। बातचीत के दौरान फिर तकरार शुरू हो गई। वकील राजेश मणि का आरोप है कि एडीएम ने जेल भिजवाने की धमकी दी। वकीलों ने एडीएम के रवैये से जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजबांके तिवारी को अवगत कराया। इसके बाद वकीलों ने निर्णय लिया कि 24 दिसंबर तक एडीएम वित्त एवं राजस्व के न्यायालय का बहिष्कार किया जाएगा। यदि डीएम के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में उपाध्यक्ष घनश्याम तिवारी, ललित नारायण पांडेय, रमाशंकर मिश्र, हरेंद्र, चंद्रबली, हरेराम मिश्र, श्रीनिवास मिश्र, दिनेश आदि मौजूद रहे। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने किसी भी विवाद से इंकार किया है। उनका कहना है कि यदि वकील बहिष्कार करते हैं तो वे क्या करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसी बात को लेकर दोनों में तकरार हो गई। शनिवार को अधिवक्ता राजेश मणि के नेतृत्व में अधिवक्ता एडीएम से बात करने पहुंचे। बातचीत के दौरान फिर तकरार शुरू हो गई। वकील राजेश मणि का आरोप है कि एडीएम ने जेल भिजवाने की धमकी दी। वकीलों ने एडीएम के रवैये से जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजबांके तिवारी को अवगत कराया। इसके बाद वकीलों ने निर्णय लिया कि 24 दिसंबर तक एडीएम वित्त एवं राजस्व के न्यायालय का बहिष्कार किया जाएगा। यदि डीएम के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन
बैठक में उपाध्यक्ष घनश्याम तिवारी, ललित नारायण पांडेय, रमाशंकर मिश्र, हरेंद्र, चंद्रबली, हरेराम मिश्र, श्रीनिवास मिश्र, दिनेश आदि मौजूद रहे। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने किसी भी विवाद से इंकार किया है। उनका कहना है कि यदि वकील बहिष्कार करते हैं तो वे क्या करें।
विज्ञापन