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Deoria News: छात्रावास के खिलाड़ी करेंगे तेज गेंदबाजी का अभ्यास, मिली बालिंग मशीन
Sat, 13 Apr 2024 01:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:34 AM IST
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स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट छात्रावास के खिलाडियो के लिए आई बालिंग मशीन।संवाद
...फोटो समाचार
अधिकतम 160 किमी रफ्तार से होगी गेंदबाजी, शाॅर्ट पिच एवं बाउंसर गेंदों का सामना करने में बनेगी मददगार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए बालिंग मशीन उपलब्ध हो गई है। ऐसे में बल्लेबाजों को अब गति के हिसाब से अभ्यास करने का मौका मिलेगा। करीब चार लाख रुपये में मशीन खरीदी गई है। जल्द ही छात्रावास के खिलाड़ी इससे अभ्यास कर सकेंगे और अपने बल्लेबाजी विधा को और बेहतर बना सकेंगे।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में वर्ष 2012 से खेल निदेशालय की ओर से क्रिकेट व वाॅलीबाल छात्रावास का संचालन हो रहा है। वर्तमान में क्रिकेट में 25 व वाॅलीबाल में 15 खिलाड़ी यहां खेल सीखते हैं। यहां उन्हें प्रशिक्षण के अलावा कक्षा नौ से 12वीं तक की पढ़ाई, भोजन, आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। किक्रेट के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को और बेहतर बनाने के लिए पिछले कई वर्षों से बालिंग मशीन की मांग की जाती रही है। अब खेल निदेशालय ने बालिंग मशीन जिला खेल कार्यालय को उपलब्ध करा दिया है।
स्टेडियम परिसर स्थित क्रिकेट कोर्ट पर बैटर व मशीन के बीच 20.12 मीटर की यानी 22 गज की दूरी पर इसे सेट किया जाएगा और इसके बाद अभ्यास किया जा सकता है।
शाॅर्ट पिच व बाउंसर गेंद का सामना करने से बल्लेबाजों का बढ़ेगा आत्मविश्वास
छात्रावास के क्रिकेट प्रशिक्षक अवधेश यादव ने बताया कि बालिंग मशीन में स्पीड मापक यंत्र लगा है। इसकी मदद से अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की गेंदबाजी होगी। इससे बाल स्विंग होगी, गुडलेंथ बाल भी सेट करके खेल सकेंगे, शाॅर्टपिच गेंदों व बाउंसर की भी प्रैक्टिस कर सकते हैंं। साथ ही बरसात के मौसम में इंडोर हाल में प्रैक्टिस करने में आसानी होगी। बारिश के मौसम में जब गेंदबाज के लिए पिच गीली होती है तो यह मशीन वहां कारगर साबित होगी। मशीन के आ जाने के बाद बल्लेबाजों का आत्मविश्वास बेहतर होने की उम्मीद है।
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क्रिकेट छात्रावास के खिलाड़ियों को ध्यान में रखकर बालिंग मशीन मंगवाई गई है। वह तेज गति से आने वाली हर प्रकार की गेंदों का सामना आत्मविश्वास के साथ अभ्यास के दौरान कर सकेंगे। इससे उनकी प्रतिभा भी निखरेगी और बेहतर खिलाड़ी बनकर अपने खेल से बड़ा नाम कमाएंगे। इसी के लिए खेल निदेशालय की ओर से यह मशीन उपलब्ध कराई गई है।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी
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अधिकतम 160 किमी रफ्तार से होगी गेंदबाजी, शाॅर्ट पिच एवं बाउंसर गेंदों का सामना करने में बनेगी मददगार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए बालिंग मशीन उपलब्ध हो गई है। ऐसे में बल्लेबाजों को अब गति के हिसाब से अभ्यास करने का मौका मिलेगा। करीब चार लाख रुपये में मशीन खरीदी गई है। जल्द ही छात्रावास के खिलाड़ी इससे अभ्यास कर सकेंगे और अपने बल्लेबाजी विधा को और बेहतर बना सकेंगे।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में वर्ष 2012 से खेल निदेशालय की ओर से क्रिकेट व वाॅलीबाल छात्रावास का संचालन हो रहा है। वर्तमान में क्रिकेट में 25 व वाॅलीबाल में 15 खिलाड़ी यहां खेल सीखते हैं। यहां उन्हें प्रशिक्षण के अलावा कक्षा नौ से 12वीं तक की पढ़ाई, भोजन, आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। किक्रेट के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को और बेहतर बनाने के लिए पिछले कई वर्षों से बालिंग मशीन की मांग की जाती रही है। अब खेल निदेशालय ने बालिंग मशीन जिला खेल कार्यालय को उपलब्ध करा दिया है।
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स्टेडियम परिसर स्थित क्रिकेट कोर्ट पर बैटर व मशीन के बीच 20.12 मीटर की यानी 22 गज की दूरी पर इसे सेट किया जाएगा और इसके बाद अभ्यास किया जा सकता है।
शाॅर्ट पिच व बाउंसर गेंद का सामना करने से बल्लेबाजों का बढ़ेगा आत्मविश्वास
छात्रावास के क्रिकेट प्रशिक्षक अवधेश यादव ने बताया कि बालिंग मशीन में स्पीड मापक यंत्र लगा है। इसकी मदद से अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की गेंदबाजी होगी। इससे बाल स्विंग होगी, गुडलेंथ बाल भी सेट करके खेल सकेंगे, शाॅर्टपिच गेंदों व बाउंसर की भी प्रैक्टिस कर सकते हैंं। साथ ही बरसात के मौसम में इंडोर हाल में प्रैक्टिस करने में आसानी होगी। बारिश के मौसम में जब गेंदबाज के लिए पिच गीली होती है तो यह मशीन वहां कारगर साबित होगी। मशीन के आ जाने के बाद बल्लेबाजों का आत्मविश्वास बेहतर होने की उम्मीद है।
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क्रिकेट छात्रावास के खिलाड़ियों को ध्यान में रखकर बालिंग मशीन मंगवाई गई है। वह तेज गति से आने वाली हर प्रकार की गेंदों का सामना आत्मविश्वास के साथ अभ्यास के दौरान कर सकेंगे। इससे उनकी प्रतिभा भी निखरेगी और बेहतर खिलाड़ी बनकर अपने खेल से बड़ा नाम कमाएंगे। इसी के लिए खेल निदेशालय की ओर से यह मशीन उपलब्ध कराई गई है।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी