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आपात परिस्थिति में घबराएं नहीं, मुकाबला करें
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बरहज के गड़ेर कृषक विद्या मंदिर उ.मा.विद्यालय में अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्य अतिथ?
- फोटो : DEORIA
आपात परिस्थिति में घबराएं नहीं, मुकाबला करें
छात्राओं को पेन, हेयर पिन, पानी की बोतल, बैग को हथियार बनाकर खतरों से निपटने की दी गई व्यावहारिक जानकारी
ताइक्वांडो खिलाड़ी प्रियंका और संस्कृति ने हमला करने एवं इससे बचने के तरीकों को बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
गड़ेर/बरहज। ताइक्वांडो के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक गिरीश सिंह ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में कभी डरें नहीं। खतरे की स्थिति में तेज आवाज निकालना भी हथियार बन सकता है। वह बुधवार को कृषक विद्या मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल गड़ेर में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के अंतर्गत आयोजित आत्मसुरक्षा प्रशिक्षण शिविर में मौजूद 350 छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।
गिरीश सिंह ने कहा कि छात्राओं में अक्सर आत्मविश्वास की कमी देखने को मिलती है। इसे दूर करना अति आवश्यक है। तेज आवाज से ऊर्जा का शरीर में संचार होता है। ऐसी स्थिति में सामने वाला पीछे हटने को मजबूर होता है। कोई पीछा या परेशान करता है तो इसे अपने अभिभावक या शिक्षक से जरूर बताएं। अक्सर देखने में आता है कि परेशान करने वाले आपके अपने या पास-पड़ोस के ही लोग होते हैं। उनका विरोध करिए। पढ़ते समय भी तेज आवाज में पढ़ें। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।
इस दौरान छात्राओं व शिक्षिकाओं को आपात स्थिति में हेयर पिन, पेन, बैग, पानी की बोतल को कैसे हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हमले के वक्त हाथ, पैर का सही इस्तेमाल, मुक्का बांधने का सही तरीका सहित आत्मसुरक्षा से संबंधित अन्य व्यावहारिक जानकारी ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रियंका कुमारी व राष्ट्रीय खिलाड़ी संस्कृति शाह ने दी।
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बचने के तरीकों को देखकर छात्राएं भी रोमांच से भर उठीं।
एसओ ने दी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
इसके पूर्व एसओ भलुअनी बृजेश मिश्र ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्राओं से कहा कि समाज में अच्छे व बुरे दोनों तरह के लोग हैं। निर्भया कांड के बाद ऐसे अभियान की जरूरत पड़ी और देश व प्रदेश में आत्मसुरक्षा के प्रति महिलाओं को जागरूक किया जा रहा हैं। यूपी सरकार की एंटी रोमियो स्क्वॉड सादे वेश में स्कूल-कॉलेजों का भ्रमण कर रही है।
संकट के समय 1090, 112, 181 हेल्पलाइन नंबरों का प्रयोग अवश्य करें। पहचान जाहिर होने के डर को त्याग दें, क्योंकि इन शिकायतों को गुप्त रखा जाता है। समस्या का समाधान होने तक आपसे फीडबैक लिया जाता है। ओलंपिक में महिला खिलाड़ियों ने ही देश का मान-सम्मान ऊंचा बनाए रखा। आप भी पढ़-लिखकर अच्छे इंसान बनें, पुलिस आपके साथ है।
प्रधानाचार्य बोले, छात्राओं को सशक्त बना रहा अपराजिता अभियान
स्कूल के प्रधानाचार्य कैप्टन जितेंद्र सिंह ने कहा कि अमर उजाला परिवार के अपराजिता अभियान ने जिले की छात्राओं व महिलाओं को सशक्त बनाया है। ऐसे कार्यक्रम अन्य जगहों पर भी चलाने चाहिए ताकि हमारी माता बहनें कहीं आने-जाने में डरें नहीं। अपने अधिकार जानें और बेझिझक उसका इस्तेमाल करें। संचालन शिक्षक हरेंद्र बहादुर सिंह ने किया। इस दौरान अर्जुन दीक्षित, उपेंद्र प्रसाद, देवानंद, फूलवती देवी, वंदना कुशवाहा, उमेश यादव, नीरज सहित अन्य शिक्षक भी मौजूद रहे।
स्पीकअप
आत्मसुरक्षा को लेकर अब ज्यादा सचेत रहेंगे। संकट के समय जो तरीके निपटने के बताए गए हैं, उनका भरपूर उपयोग करेंगे। ऐसे प्रशिक्षण हमेशा आयोजित होते रहने चाहिए।
-सावित्री विश्वकर्मा
हेयर पिन, पेन और बैग भी हथियार हो सकते हैं, यह प्रशिक्षण में पता चला। अब आत्मविश्वास बढ़ा है कि आपात स्थिति का डटकर मुकाबला किया जा सकता है। घबराएंगे नहीं।
-स्तुति चतुर्वेदी
छात्राओं को अक्सर छींटाकशी का सामना करना पड़ता है। अब खुलकर ऐसा करने वालों को जवाब देंगे। अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी आत्मसुरक्षा के तरीकों को बताएंगे।
-अनुष्का चौरसिया
पहले लगता था कि हम नहीं कर पाएंगे, लेकिन प्रशिक्षण में अचानक हुए हमले से कैसे निपटा जाए, इसकी जानकारी मिली। जागरुकता के लिए ऐसे कार्यक्रम हमेशा होते रहना चाहिए।
-खुशी यादव
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छात्राओं को पेन, हेयर पिन, पानी की बोतल, बैग को हथियार बनाकर खतरों से निपटने की दी गई व्यावहारिक जानकारी
ताइक्वांडो खिलाड़ी प्रियंका और संस्कृति ने हमला करने एवं इससे बचने के तरीकों को बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
गड़ेर/बरहज। ताइक्वांडो के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक गिरीश सिंह ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में कभी डरें नहीं। खतरे की स्थिति में तेज आवाज निकालना भी हथियार बन सकता है। वह बुधवार को कृषक विद्या मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल गड़ेर में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के अंतर्गत आयोजित आत्मसुरक्षा प्रशिक्षण शिविर में मौजूद 350 छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।
गिरीश सिंह ने कहा कि छात्राओं में अक्सर आत्मविश्वास की कमी देखने को मिलती है। इसे दूर करना अति आवश्यक है। तेज आवाज से ऊर्जा का शरीर में संचार होता है। ऐसी स्थिति में सामने वाला पीछे हटने को मजबूर होता है। कोई पीछा या परेशान करता है तो इसे अपने अभिभावक या शिक्षक से जरूर बताएं। अक्सर देखने में आता है कि परेशान करने वाले आपके अपने या पास-पड़ोस के ही लोग होते हैं। उनका विरोध करिए। पढ़ते समय भी तेज आवाज में पढ़ें। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।
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इस दौरान छात्राओं व शिक्षिकाओं को आपात स्थिति में हेयर पिन, पेन, बैग, पानी की बोतल को कैसे हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हमले के वक्त हाथ, पैर का सही इस्तेमाल, मुक्का बांधने का सही तरीका सहित आत्मसुरक्षा से संबंधित अन्य व्यावहारिक जानकारी ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रियंका कुमारी व राष्ट्रीय खिलाड़ी संस्कृति शाह ने दी।
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बचने के तरीकों को देखकर छात्राएं भी रोमांच से भर उठीं।
एसओ ने दी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
इसके पूर्व एसओ भलुअनी बृजेश मिश्र ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्राओं से कहा कि समाज में अच्छे व बुरे दोनों तरह के लोग हैं। निर्भया कांड के बाद ऐसे अभियान की जरूरत पड़ी और देश व प्रदेश में आत्मसुरक्षा के प्रति महिलाओं को जागरूक किया जा रहा हैं। यूपी सरकार की एंटी रोमियो स्क्वॉड सादे वेश में स्कूल-कॉलेजों का भ्रमण कर रही है।
संकट के समय 1090, 112, 181 हेल्पलाइन नंबरों का प्रयोग अवश्य करें। पहचान जाहिर होने के डर को त्याग दें, क्योंकि इन शिकायतों को गुप्त रखा जाता है। समस्या का समाधान होने तक आपसे फीडबैक लिया जाता है। ओलंपिक में महिला खिलाड़ियों ने ही देश का मान-सम्मान ऊंचा बनाए रखा। आप भी पढ़-लिखकर अच्छे इंसान बनें, पुलिस आपके साथ है।
प्रधानाचार्य बोले, छात्राओं को सशक्त बना रहा अपराजिता अभियान
स्कूल के प्रधानाचार्य कैप्टन जितेंद्र सिंह ने कहा कि अमर उजाला परिवार के अपराजिता अभियान ने जिले की छात्राओं व महिलाओं को सशक्त बनाया है। ऐसे कार्यक्रम अन्य जगहों पर भी चलाने चाहिए ताकि हमारी माता बहनें कहीं आने-जाने में डरें नहीं। अपने अधिकार जानें और बेझिझक उसका इस्तेमाल करें। संचालन शिक्षक हरेंद्र बहादुर सिंह ने किया। इस दौरान अर्जुन दीक्षित, उपेंद्र प्रसाद, देवानंद, फूलवती देवी, वंदना कुशवाहा, उमेश यादव, नीरज सहित अन्य शिक्षक भी मौजूद रहे।
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आत्मसुरक्षा को लेकर अब ज्यादा सचेत रहेंगे। संकट के समय जो तरीके निपटने के बताए गए हैं, उनका भरपूर उपयोग करेंगे। ऐसे प्रशिक्षण हमेशा आयोजित होते रहने चाहिए।
-सावित्री विश्वकर्मा
हेयर पिन, पेन और बैग भी हथियार हो सकते हैं, यह प्रशिक्षण में पता चला। अब आत्मविश्वास बढ़ा है कि आपात स्थिति का डटकर मुकाबला किया जा सकता है। घबराएंगे नहीं।
-स्तुति चतुर्वेदी
छात्राओं को अक्सर छींटाकशी का सामना करना पड़ता है। अब खुलकर ऐसा करने वालों को जवाब देंगे। अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी आत्मसुरक्षा के तरीकों को बताएंगे।
-अनुष्का चौरसिया
पहले लगता था कि हम नहीं कर पाएंगे, लेकिन प्रशिक्षण में अचानक हुए हमले से कैसे निपटा जाए, इसकी जानकारी मिली। जागरुकता के लिए ऐसे कार्यक्रम हमेशा होते रहना चाहिए।
-खुशी यादव