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Deoria News: वेतन कटौती से नाराज मेडिकल काॅलेज के दो डाॅक्टर रात में धरने पर बैठे
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प्राचार्य बोले-दोनों डाॅक्टर दबाव बना रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। वेतन कटौती से नाराज महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के बाल रोग के दो डाक्टर मंगलवार की रात में एसएनसीयू के सामने ड्यूटी के दौरान ही धरने पर बैठ गए। डाॅक्टरों ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य ने मनमानी तरीके से हाजिर काटकर वेतन कटौती की है। जब तक कटा वेतन वापस नही मिल जाता है, तब तक धरना जारी रहेगा।
डाॅ. नरेंद्र पाल और डाॅ. महेश कुमार देर शाम जब एनएनसीयू में ड्यूटी के लिए पहुंचे तो पता चला कि उनका जुलाई माह में आठ से दस दिन का वेतन हाजिरी के अभाव में काट दिया गया है। यह सुनते दोनों डाक्टर नाराज हो गए और धरने पर बैठ गए। डाक्टरों का कहना है कि वेतन कटौती मनमानी तरीके से गई है। वह एक दिन भी गैर हाजिर नही रहे है। क्योंकि जहां पर उनकी ड्यूटी रहती, वह काफी संवेदनशील वार्ड है। यहां पर कोई भी डाक्टर लापरवाही नहीं करता है। इसके बाद भी वेतन कटौती करना गलत है। डाॅक्टरों का आरोप है कि प्राचार्य को पूरी जानकारी पहले कर लेनी चाहिए थी। बिना सही जानकारी के कदम उठाया गया है। इसके खिलाफ तब तक धरना देंगे , जब तक वेतन कटौती वापस नही हो जाती है। जबकि दूसरी तरफ दोनों डाॅक्टरों के धरने पर बैठने के कारण अन्य डाॅक्टर भी मौके पर पहुंच गए और मनाने में जुट गए। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने बताया कि एनएनसीयू पर धरना देना गलत है। दोनों संविदा के डाॅक्टर हैं। बायोमैट्रिक हाजिर का नियम है। दोनों लोग दबाव बना रहे हैं। संविदा नियमों के खिलाफ काम कर रहे है। वेतन मेरे स्तर से नहीं दिया जाता है। केवल हाजिरी भेजने का कार्य किया जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। वेतन कटौती से नाराज महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के बाल रोग के दो डाक्टर मंगलवार की रात में एसएनसीयू के सामने ड्यूटी के दौरान ही धरने पर बैठ गए। डाॅक्टरों ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य ने मनमानी तरीके से हाजिर काटकर वेतन कटौती की है। जब तक कटा वेतन वापस नही मिल जाता है, तब तक धरना जारी रहेगा।
डाॅ. नरेंद्र पाल और डाॅ. महेश कुमार देर शाम जब एनएनसीयू में ड्यूटी के लिए पहुंचे तो पता चला कि उनका जुलाई माह में आठ से दस दिन का वेतन हाजिरी के अभाव में काट दिया गया है। यह सुनते दोनों डाक्टर नाराज हो गए और धरने पर बैठ गए। डाक्टरों का कहना है कि वेतन कटौती मनमानी तरीके से गई है। वह एक दिन भी गैर हाजिर नही रहे है। क्योंकि जहां पर उनकी ड्यूटी रहती, वह काफी संवेदनशील वार्ड है। यहां पर कोई भी डाक्टर लापरवाही नहीं करता है। इसके बाद भी वेतन कटौती करना गलत है। डाॅक्टरों का आरोप है कि प्राचार्य को पूरी जानकारी पहले कर लेनी चाहिए थी। बिना सही जानकारी के कदम उठाया गया है। इसके खिलाफ तब तक धरना देंगे , जब तक वेतन कटौती वापस नही हो जाती है। जबकि दूसरी तरफ दोनों डाॅक्टरों के धरने पर बैठने के कारण अन्य डाॅक्टर भी मौके पर पहुंच गए और मनाने में जुट गए। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने बताया कि एनएनसीयू पर धरना देना गलत है। दोनों संविदा के डाॅक्टर हैं। बायोमैट्रिक हाजिर का नियम है। दोनों लोग दबाव बना रहे हैं। संविदा नियमों के खिलाफ काम कर रहे है। वेतन मेरे स्तर से नहीं दिया जाता है। केवल हाजिरी भेजने का कार्य किया जाता है।
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