{"_id":"5776b3014f1c1b797179b65d","slug":"alvida-namaj-recited-in-mosque","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलविदा की नमाज में उमड़े रोजेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलविदा की नमाज में उमड़े रोजेदार
ब्यूरो अमर उजाला/देवरिया
Updated Fri, 01 Jul 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
नमाज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। रमजान उल मुबारक के अलविदा की नमाज शुक्रवार को अदा की गई। नमाजियों से मस्जिदें गुलजार रही। उलेमाओं ने कहा कि रमजान के रुख्सत होने में महज चंद दिन बाकी है। अधिक से अधिक समय इबादत में गुजारने की अपील की। प्रशासनिक और पुलिस अमला भी अलविदा की नमाज के मद्देनजर मुस्तैद रहा।
रमजान-उल-मुबारक का जहन्नुम से निजात का अशरा चल रहा है। शुक्रवार को 25वां रोजा था। अलविदा की वजह से मुस्लिम इलाकों में सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गई थी। दिन में 12 बजे से मस्जिदों में लोगों के आने का सिलसिला शुरू हुआ।
जो नमाज शुरू होने तक जारी रहा। शहर के तहसील रोड जामा मस्जिद नमाजियों से खचाखच भरी थी। यहां पर शहर के अलावा आस पास के गांवों से भी लोग नमाज अदा करने पहुंचे थे। मौलाना अशफाक अहमद कासमी ने कहा कि रमजान के खत्म होने में महज चंद दिन बाकी हैं।
विज्ञापन
रोजेदारों के लिए रमजान का हर लम्हा कीमती है। रोजेदार अधिक से अधिक समय इबादत में गुजारें ताकि उनके गुनाहों की माफी हो सके। यहां पर मस्जिद के बाहर नमाज अदा की गई। इसके साथ ही शहर की अन्य मस्जिदों के अलावा देहात इलाके की मस्जिदों में भी भीड़ रही। ।
विज्ञापन
रमजान-उल-मुबारक का जहन्नुम से निजात का अशरा चल रहा है। शुक्रवार को 25वां रोजा था। अलविदा की वजह से मुस्लिम इलाकों में सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गई थी। दिन में 12 बजे से मस्जिदों में लोगों के आने का सिलसिला शुरू हुआ।
विज्ञापन
जो नमाज शुरू होने तक जारी रहा। शहर के तहसील रोड जामा मस्जिद नमाजियों से खचाखच भरी थी। यहां पर शहर के अलावा आस पास के गांवों से भी लोग नमाज अदा करने पहुंचे थे। मौलाना अशफाक अहमद कासमी ने कहा कि रमजान के खत्म होने में महज चंद दिन बाकी हैं।
विज्ञापन
रोजेदारों के लिए रमजान का हर लम्हा कीमती है। रोजेदार अधिक से अधिक समय इबादत में गुजारें ताकि उनके गुनाहों की माफी हो सके। यहां पर मस्जिद के बाहर नमाज अदा की गई। इसके साथ ही शहर की अन्य मस्जिदों के अलावा देहात इलाके की मस्जिदों में भी भीड़ रही। ।