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मानदेय के लिए रसोइयों ने किया प्रदर्शन
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मानदेय के लिए रसोइयों ने किया प्रदर्शन
देवरिया। समय से मानदेय देने सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के बैनर तले जिले की रसोइयों ने टाउनहाल से लेकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया। इन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट में उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर सौरभ सिंह को सौंपा।
इसके पूर्व टाउनहाल में हुई बैठक में संगठन की जिलाध्यक्ष संगीता यादव ने कहा कि जनपद के अनुसूचित जनजाति के रसोइयों को पूरे सत्र का मानदेय अब तक नहीं मिला है। ऐसे में यह भूखमरी के कगार पर हैं। संरक्षक सुरेंद्र नाथ गौतम ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। न्यायालय के आदेश के बाद भी आज तक न्यूनतम मानदेय तय नहीं किया गया। मात्र 500 रुपये मानदेय में बढोत्तरी कर सरकार खुद की पीठ थपथपा रही है। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में मीरा गोंड, रामानंद प्रजापति, रामदरस पाल, सदानंद गोंड, फूलमती, चंदा देवी, शशिप्रभा, कलावती, विजय राजभर, श्रीराम, गुलाब निषाद आदि शामिल रहे।
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देवरिया। समय से मानदेय देने सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के बैनर तले जिले की रसोइयों ने टाउनहाल से लेकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया। इन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट में उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर सौरभ सिंह को सौंपा।
इसके पूर्व टाउनहाल में हुई बैठक में संगठन की जिलाध्यक्ष संगीता यादव ने कहा कि जनपद के अनुसूचित जनजाति के रसोइयों को पूरे सत्र का मानदेय अब तक नहीं मिला है। ऐसे में यह भूखमरी के कगार पर हैं। संरक्षक सुरेंद्र नाथ गौतम ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। न्यायालय के आदेश के बाद भी आज तक न्यूनतम मानदेय तय नहीं किया गया। मात्र 500 रुपये मानदेय में बढोत्तरी कर सरकार खुद की पीठ थपथपा रही है। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में मीरा गोंड, रामानंद प्रजापति, रामदरस पाल, सदानंद गोंड, फूलमती, चंदा देवी, शशिप्रभा, कलावती, विजय राजभर, श्रीराम, गुलाब निषाद आदि शामिल रहे।
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