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भ्रष्टाचार के विरोध में शहर में सांकेतिक बंदी
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Mon, 20 Jun 2016 10:37 PM IST
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मुकदमा वापसी की मांग को लेकर छात्रनेताओं ने सिविल लाइंस में प्रदर्शन किया।
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विकास भवन में कर्मचारियों के स्थानांतरण की मंाग को लेकर छात्रनेताओं ने शहर में बंदी का आहृवान किया। हालांकि शहर में सांकेतिक बंदी रही। बवाल की आशंका से पुलिस छात्रनेताओं के पीछे घूमती रही। मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र डीएम को दिया।
पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति से जुड़े छात्रनेता सोमवार को शहर के न्यू कॉलोनी स्थित भगत सिंह चौक के समीप एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए शहर की दुकानों को बंद कराने के लिए निकल पड़े। उनका कहना था कि प्रशासन भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में जुट गया है। विकास भवन के कर्मचारियों को स्थानांतरित करने के बजाए छात्रनेताओं के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है। हालांकि छात्रनेता आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। छात्रनेताओं के आंदोलन को देखते हुए पुलिस महकमा अलर्ट रहा। हालत यह रही कि आगे-आगे छात्रनेता और उनके पीछे पुलिस के सिपाही चलते रहे।
विभिन्न इलाकों से घूमते हुए छात्रनेता करीब 12 बजे सुभाष चौक पर पहुंचे। यहां पर दुकान बंद कराने को लेकर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आनंद श्रीवास्तव सोनू से पुलिस वालों ने दुर्व्यवहार कर दिया। इसके चलते छात्रनेता भड़क उठे। कोतवाल अनिल पांडेय के हस्तक्षेप से मामला शांत हो सका। इसके बाद छात्रनेता नारेबाजी करते हुए सिविल लाइंस में पहुंचे। छात्रनेताओं के प्रदर्शन से अफरा तफरी मच गई। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे। इसके बाद पुलिस को राहत की सांस मिली। प्रदर्शन में डॉ. चतुरानन ओझा, निर्भय शाही सिंटू, फारूख खान, बलराम यादव, अमित शुक्ल, मोनू तिवारी, ऋषभ त्रिपाठी, अजय पांडेय, धर्मवीर यादव, राकेश सिंह, राधेश्याम शुक्ल, असलम शाह समेत कई अन्य लोग शामिल रहे।
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पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति से जुड़े छात्रनेता सोमवार को शहर के न्यू कॉलोनी स्थित भगत सिंह चौक के समीप एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए शहर की दुकानों को बंद कराने के लिए निकल पड़े। उनका कहना था कि प्रशासन भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में जुट गया है। विकास भवन के कर्मचारियों को स्थानांतरित करने के बजाए छात्रनेताओं के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है। हालांकि छात्रनेता आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। छात्रनेताओं के आंदोलन को देखते हुए पुलिस महकमा अलर्ट रहा। हालत यह रही कि आगे-आगे छात्रनेता और उनके पीछे पुलिस के सिपाही चलते रहे।
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विभिन्न इलाकों से घूमते हुए छात्रनेता करीब 12 बजे सुभाष चौक पर पहुंचे। यहां पर दुकान बंद कराने को लेकर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आनंद श्रीवास्तव सोनू से पुलिस वालों ने दुर्व्यवहार कर दिया। इसके चलते छात्रनेता भड़क उठे। कोतवाल अनिल पांडेय के हस्तक्षेप से मामला शांत हो सका। इसके बाद छात्रनेता नारेबाजी करते हुए सिविल लाइंस में पहुंचे। छात्रनेताओं के प्रदर्शन से अफरा तफरी मच गई। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे। इसके बाद पुलिस को राहत की सांस मिली। प्रदर्शन में डॉ. चतुरानन ओझा, निर्भय शाही सिंटू, फारूख खान, बलराम यादव, अमित शुक्ल, मोनू तिवारी, ऋषभ त्रिपाठी, अजय पांडेय, धर्मवीर यादव, राकेश सिंह, राधेश्याम शुक्ल, असलम शाह समेत कई अन्य लोग शामिल रहे।
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