देवरिया। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्देश पर मंगलवार को डिस्टि्रक्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता कार्य से विरत रहे तथा नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को सौंपा। डीएम ने आश्वासन दिया कि अधिवक्ताओं की जो भी मांग है, उससे शासन को अवगत करा दिया जाएगा। इससे पहले अधिवक्ताओं की बैठक अध्यक्ष अशोक कुमार दीक्षित की अध्यक्षता में हुई। इसमें एसपी और लार थाना प्रभारी की कार्य प्रणाली की निंदा की गई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अधिवक्ता दीवानी कचहरी से सुबह 11 बजे संघ के अध्यक्ष अशोक दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष श्रीराम तिवारी, सिंहासन गिरी, दिवाकर शुक्ला, सुभाष चंद्र राव के नेतृत्व में जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां अधिवक्ता संघ जिंदाबाद के नारे लगाए और डीएम के चेंबर में पहुंचकर अपनी बात रखी और ज्ञापन सौंपा। संघ के अध्यक्ष ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश 60 वर्ष से ऊपर के अधिवक्ताओं को पेंशन योजना से जोड़ने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, अधिवक्ताओं को चिकित्सकीय बीमा से संरक्षित करने की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार अधिवक्ताओं की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से सचिव शक्ति धर पांडेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तरुण मणि त्रिपाठी, पूर्व सचिव प्रेम नारायण मणि त्रिपाठी, मनोज राय, अरविंद साहनी, संजय श्रीवास्तव, विद्यासागर मिश्रा, मनोज कुमार विश्वकर्मा, दिव्यांश पति त्रिपाठी, कन्हैया तिवारी, सतीश कुमार मिश्र, राहुल यादव, अर्जुन यादव, केदारनाथ शर्मा, हरेंद्र राय आदि शामिल रहे।