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‘गन्ना सर्वेक्षण में लापरवाही पर कार्रवाई होगी’
देविररिया, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:40 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया जिले में 2016-17 के पेराई के लिए गन्ना सर्वेक्षण कार्य की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसको लेकर तैयारी बैठक में निर्देश दिए गए। प्रतापपुर चीनी मिल की ओर से सर्वे कार्य के लिए 45 गन्ना पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। उप गन्ना आयुक्त ने कहा कि सर्वे की शुद्धता की जांच के लिए जिले और परिक्षेत्र स्तर पर टीमें बनाई गई हैं। जांच के दौरान कमी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम ने कहा कि सर्वे बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है।
इसके आधार पर सट्टा बनता है और चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति भी होती है। सर्वे कार्य को विभाग पूरी तत्परता, शुद्धता और निष्ठा के साथ पूरा करना होगा। किसानों से सर्वे कार्य होने का घोषणा पत्र भी भरवाया जाएगा। प्रत्येक गन्ना पर्यवेक्षक अपने सर्किल से संबंधित गन्ना सर्वे रजिस्टर बनाएगा जिसमें सर्वे का पूरा विवरण होगा।
प्रतापपुर चीनी मिल के महाप्रबंधक आरएस पांडेय ने कहा कि सर्वे कार्य में 45 गन्ना पर्यवेक्षकों को लगाया गया है, जो जीपीएस मशीन से सुबह छह बजे से सात बजे तक अनिवार्य रूप से किसानों के खेतों पर पहुंचेंगे।
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दिन भर में जितना सर्वे होगा, उसकी जानकारी शाम तक जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय को देंगे।
सर्वे के दौरान पेड़ी, पौधा, स्वीकृत और अस्वीकृत प्रजाति, अगेती प्रजाति, ट्रैंच विधि, सिंगल बड विधि और सह फसली विधि को दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा गन्ने में कोई बीमारी या कीट प्रकोप है या किसी दवा, जैव उर्वरक का प्रयोग किया गया है तो उसको भी सर्वे में के दौरान दर्ज किया जाएगा। यह सभी विकल्प एसएचसी मशीन में किया गया है।
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जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम ने कहा कि सर्वे बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है।
इसके आधार पर सट्टा बनता है और चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति भी होती है। सर्वे कार्य को विभाग पूरी तत्परता, शुद्धता और निष्ठा के साथ पूरा करना होगा। किसानों से सर्वे कार्य होने का घोषणा पत्र भी भरवाया जाएगा। प्रत्येक गन्ना पर्यवेक्षक अपने सर्किल से संबंधित गन्ना सर्वे रजिस्टर बनाएगा जिसमें सर्वे का पूरा विवरण होगा।
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प्रतापपुर चीनी मिल के महाप्रबंधक आरएस पांडेय ने कहा कि सर्वे कार्य में 45 गन्ना पर्यवेक्षकों को लगाया गया है, जो जीपीएस मशीन से सुबह छह बजे से सात बजे तक अनिवार्य रूप से किसानों के खेतों पर पहुंचेंगे।
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दिन भर में जितना सर्वे होगा, उसकी जानकारी शाम तक जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय को देंगे।
सर्वे के दौरान पेड़ी, पौधा, स्वीकृत और अस्वीकृत प्रजाति, अगेती प्रजाति, ट्रैंच विधि, सिंगल बड विधि और सह फसली विधि को दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा गन्ने में कोई बीमारी या कीट प्रकोप है या किसी दवा, जैव उर्वरक का प्रयोग किया गया है तो उसको भी सर्वे में के दौरान दर्ज किया जाएगा। यह सभी विकल्प एसएचसी मशीन में किया गया है।