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सीडीओ की जांच में लेखाधिकारी गैरहाजिर
देवरिया
Updated Wed, 19 Apr 2017 10:56 PM IST
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बीएसए कार्यालय का सीडीओ राजेश त्यागी ने जांच किया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। बीएसए कार्यालय का सीडीओ राजेश त्यागी ने जांच किया। उस समय न तो बीएसए थे और न ही वित्त एवं लेखाधिकारी मौजूद थे। सीडीओ ने बाबुओं से पूछा कहां है बीएसए। बाबू कुछ बोलते, इससे पहले उनके मोबाइल फोन पर घंटी बजा दी गई। सीडीओ ने पूछा कहां हैं, जवाब मिला पथरदेवा में प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण करने आया हूं। देवरिया से पथरदेवा की दूरी करीब 25 किलोमीटर है। इसके बावजूद बीएसए सिर्फ 10 मिनट में कार्यालय में हाजिर हो गए। सीडीओ ने कहा कि यदि आप को विद्यालय ही चेक करना है तो सुबह सात बजे निकले।
आठ बजे से विद्यालय शुरू होते हैं। एक-दो घंटे तक जांच करने के बाद समय से कार्यालय आ सकते हैं। ‘अमर उजाला’ में मंगलवार को ‘बीएसए के चैंबर में चल रहा था पंखा, कुर्सी थी खाली’ शीर्षक से खबर छपी थी। इसमें कर्मचारियों की लेटलतीफी का उल्लेख और कार्यालय की खामियों को उजागर किया गया था। इस खबर को संज्ञान में लेते हुए डीएम अबरार अहमद ने सीडीओ को बीएसए कार्यालय का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था।
सीडीओ राजेश त्यागी परियोजना निदेशक के साथ 10 बजे बीएसए कार्यालय पहुंच गए। सीडीओ की गाड़ी रुकते ही कर्मचारियों में खलबली मच गई। सीडीओ सबसे पहले बीएसए के चैंबर में पहुंचे। उनका चैंबर खाली था। सीडीओ के आने की खबर लगते ही सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी कामेश्वर कुमार अपने चैंबर से निकलकर उनके पास आ गए।
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बीएसए कार्यालय का निरीक्षण करने के बाद दूसरे मंजिल पर स्थित वित्त एवं लेखाधिकारी रईस अहमद के चैंबर में जाकर बैठ गए। सीडीओ ने सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी से पूछा कब आते हैं रईस साहब। तभी एक कर्मचारी ने वित्त एवं लेखाधिकारी के मोबाइल फोन पर संपर्क किया। उसने बताया कि साहब आ रहे हैं, रास्ते में हैं। इसके बाद परियोजना निदेशक ने भी उनसे फोन पर बात की। वित्त एवं लेखाधिकारी ने बहाना बनाते हुए कहा कि बैतालपुर में विभागीय कार्य से आया हूं।
इस पर परियोजना निदेशक ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप गोरखपुर से बस से आ रहे हैं। आदत में सुधार कर लीजिए, अन्यथा ठीक नहीं होगा। इसी दौरान उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने संविदाकर्मी अलोक मिश्र पहुंच गए। सीडीओ ने पूछा कहां थे, अब तक। अलोक ने बताया कि आ गया था लेकिन हाजिरी नहीं लगा सका। सीडीओ ने कहा लो हाजिरी लगा लो, लेकिन एक दिन वेतन कटेगा। सर्व शिक्षा अभियान में जिला समन्वयक ज्ञानेंद्र सिंह और शिवशंकर मल्ल समय से आफिस में थे।
सीडीओ ने सभी कर्मचारियों को सामने बुलाकर एक-एक कर हाजिरी लगाई। कई कर्मचारी गैरहाजिरी मिले। एक कर्मचारी ने सीएल के प्रार्थना पत्र दे रखा था। जब प्रार्थना पत्र को दिखाने के लिए कहा गया तो कर्मचारी उपस्थिति पंजिका का पन्ना पलटने लगा लेकिन प्रार्थना पत्र नहीं मिला। ऐसे में कर्मचारी के पसीने छूटने लगे। सीडीओ राजेश त्यागी ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जांच करने आया हूं। बीएसए कार्यालय के कुछ कर्मचारी गैरहाजिर मिले हैं। वित्त एवं लेखाधिकारी भी नहीं आए हैं।
वह रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। गैरहाजिर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। बीएसए कार्यालय में कर्मचारियों की हाजिरी के लिए बायोमेट्रिक मशीन नहीं लगने पर सीडीओ राजेश त्यागी ने बीएसए से पूछा आखिर अब तक क्यों नहीं लग पाया बायोमेट्रिक हाजिरी मशीन। बीएसए ने कहा कि बायोमेट्रिक मशीन लगाने वाले आज ही आने वाले हैं। आज ही व्यवस्था सही हो जाएगी।
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आठ बजे से विद्यालय शुरू होते हैं। एक-दो घंटे तक जांच करने के बाद समय से कार्यालय आ सकते हैं। ‘अमर उजाला’ में मंगलवार को ‘बीएसए के चैंबर में चल रहा था पंखा, कुर्सी थी खाली’ शीर्षक से खबर छपी थी। इसमें कर्मचारियों की लेटलतीफी का उल्लेख और कार्यालय की खामियों को उजागर किया गया था। इस खबर को संज्ञान में लेते हुए डीएम अबरार अहमद ने सीडीओ को बीएसए कार्यालय का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था।
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सीडीओ राजेश त्यागी परियोजना निदेशक के साथ 10 बजे बीएसए कार्यालय पहुंच गए। सीडीओ की गाड़ी रुकते ही कर्मचारियों में खलबली मच गई। सीडीओ सबसे पहले बीएसए के चैंबर में पहुंचे। उनका चैंबर खाली था। सीडीओ के आने की खबर लगते ही सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी कामेश्वर कुमार अपने चैंबर से निकलकर उनके पास आ गए।
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बीएसए कार्यालय का निरीक्षण करने के बाद दूसरे मंजिल पर स्थित वित्त एवं लेखाधिकारी रईस अहमद के चैंबर में जाकर बैठ गए। सीडीओ ने सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी से पूछा कब आते हैं रईस साहब। तभी एक कर्मचारी ने वित्त एवं लेखाधिकारी के मोबाइल फोन पर संपर्क किया। उसने बताया कि साहब आ रहे हैं, रास्ते में हैं। इसके बाद परियोजना निदेशक ने भी उनसे फोन पर बात की। वित्त एवं लेखाधिकारी ने बहाना बनाते हुए कहा कि बैतालपुर में विभागीय कार्य से आया हूं।
इस पर परियोजना निदेशक ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप गोरखपुर से बस से आ रहे हैं। आदत में सुधार कर लीजिए, अन्यथा ठीक नहीं होगा। इसी दौरान उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने संविदाकर्मी अलोक मिश्र पहुंच गए। सीडीओ ने पूछा कहां थे, अब तक। अलोक ने बताया कि आ गया था लेकिन हाजिरी नहीं लगा सका। सीडीओ ने कहा लो हाजिरी लगा लो, लेकिन एक दिन वेतन कटेगा। सर्व शिक्षा अभियान में जिला समन्वयक ज्ञानेंद्र सिंह और शिवशंकर मल्ल समय से आफिस में थे।
सीडीओ ने सभी कर्मचारियों को सामने बुलाकर एक-एक कर हाजिरी लगाई। कई कर्मचारी गैरहाजिरी मिले। एक कर्मचारी ने सीएल के प्रार्थना पत्र दे रखा था। जब प्रार्थना पत्र को दिखाने के लिए कहा गया तो कर्मचारी उपस्थिति पंजिका का पन्ना पलटने लगा लेकिन प्रार्थना पत्र नहीं मिला। ऐसे में कर्मचारी के पसीने छूटने लगे। सीडीओ राजेश त्यागी ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जांच करने आया हूं। बीएसए कार्यालय के कुछ कर्मचारी गैरहाजिर मिले हैं। वित्त एवं लेखाधिकारी भी नहीं आए हैं।
वह रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। गैरहाजिर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। बीएसए कार्यालय में कर्मचारियों की हाजिरी के लिए बायोमेट्रिक मशीन नहीं लगने पर सीडीओ राजेश त्यागी ने बीएसए से पूछा आखिर अब तक क्यों नहीं लग पाया बायोमेट्रिक हाजिरी मशीन। बीएसए ने कहा कि बायोमेट्रिक मशीन लगाने वाले आज ही आने वाले हैं। आज ही व्यवस्था सही हो जाएगी।