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लापरवाही : सड़ गया गरीबों को देने के लिए आया आलू
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न्यू पीएचसी बरियारपुर में रखी गई थी राहत सामग्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बरियारपुर(देवरिया)। इसे लापरवाही कहें या कुछ और। जो भी हो कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों को बांटने के लिए आया तीन क्विंटल आलू सड़ गया। इसे न्यू पीएचसी बरियारपुर में रखा गया था। दुर्गंध आने के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने इसे अस्पताल के पीछे फेंक दिया।
क्वारंटीन सेंटर से छुट्टी के बाद प्रवासी मजदूरों खाने-पीने की दिक्कत न हो इसके लिए शासन ने उन्हें राशन कीट मुहैया कराने का निर्देश दिया था। वितरण की जिम्मेदारी राजस्व विभाग को दी गई थी। बरियारपुर नगर पंचायत के 13 वार्डों में बाहर से आए मजदूरों की राहत सामग्री न्यू पीएचसी बरियारपुर के एक कमरे रखवाई गई थी। वितरण का कार्य दस दिन पूर्व तक हुआ। राजस्व कर्मियों ने मजदूरों खाद्यान्न में आलू की कटौती कर दी। तीन क्विंटल बचा आलू सड़ने से अस्पताल में दुर्गंध उठने लगी। अस्पताल कर्मियों ने लेखपाल को फोन कर इसकी जानकारी दी। मंगलवार को आलू अस्पताल के पीछे फेंक दिया गया।
यह होना था वितरण
आटा दस किलो, चावल दस किलो, भुना चना दो किलो, अरहर दाल दो किलो, नमक 500 ग्राम, हल्दी 250 ग्राम, मिर्च 250 ग्राम, धनिया 250 ग्राम, रिफाइंड या सरसों का तेल एक लीटर, आलू पांच किलो मजदूरों को वितरण करने का निर्देश था।
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राहत सामग्री अस्पताल पर पहुंचवाते समय बारिश से भीग गई थी। जिसे वापस करा दिया गया था। आलू सड़ने या फेंके जाने के मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
- आनंद कुमार नायक, तहसीलदार।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरियारपुर(देवरिया)। इसे लापरवाही कहें या कुछ और। जो भी हो कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों को बांटने के लिए आया तीन क्विंटल आलू सड़ गया। इसे न्यू पीएचसी बरियारपुर में रखा गया था। दुर्गंध आने के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने इसे अस्पताल के पीछे फेंक दिया।
क्वारंटीन सेंटर से छुट्टी के बाद प्रवासी मजदूरों खाने-पीने की दिक्कत न हो इसके लिए शासन ने उन्हें राशन कीट मुहैया कराने का निर्देश दिया था। वितरण की जिम्मेदारी राजस्व विभाग को दी गई थी। बरियारपुर नगर पंचायत के 13 वार्डों में बाहर से आए मजदूरों की राहत सामग्री न्यू पीएचसी बरियारपुर के एक कमरे रखवाई गई थी। वितरण का कार्य दस दिन पूर्व तक हुआ। राजस्व कर्मियों ने मजदूरों खाद्यान्न में आलू की कटौती कर दी। तीन क्विंटल बचा आलू सड़ने से अस्पताल में दुर्गंध उठने लगी। अस्पताल कर्मियों ने लेखपाल को फोन कर इसकी जानकारी दी। मंगलवार को आलू अस्पताल के पीछे फेंक दिया गया।
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यह होना था वितरण
आटा दस किलो, चावल दस किलो, भुना चना दो किलो, अरहर दाल दो किलो, नमक 500 ग्राम, हल्दी 250 ग्राम, मिर्च 250 ग्राम, धनिया 250 ग्राम, रिफाइंड या सरसों का तेल एक लीटर, आलू पांच किलो मजदूरों को वितरण करने का निर्देश था।
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राहत सामग्री अस्पताल पर पहुंचवाते समय बारिश से भीग गई थी। जिसे वापस करा दिया गया था। आलू सड़ने या फेंके जाने के मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
- आनंद कुमार नायक, तहसीलदार।