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Deoria News: दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पर उमड़ा आस्था का सैलाब
Mon, 10 Aug 2026 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:47 PM IST
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दुग्धेश्वर नाथ मंदिर पर अर्ध रात्रि में ही परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
रुद्रपुर। सावन के दूसरे सोमवार को पौराणिक दुग्धेश्वरनाथ मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भोर होने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई।
रात करीब दो बजे से शिवभक्त मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे थे। दिनभर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे। अनुमान के मुताबिक, करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने बाबा दुग्धेश्वरनाथ का जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में रात से ही सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था शुरू कर दी गई थी। मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग से लेकर प्रवेश द्वार तक बैरिकेडिंग की गई।
श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया गया। सुबह होते-होते मंदिर परिसर के साथ ही आसपास के मार्गों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया गया।
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दूरदराज से पहुंचे शिवभक्त सरयू नदी से जल लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे और बाबा को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित किए। भोर से शुरू हुआ जलाभिषेक का क्रम लगातार चलता रहा और शाम करीब चार बजे तक श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करते रहे।
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रात करीब दो बजे से शिवभक्त मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे थे। दिनभर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे। अनुमान के मुताबिक, करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने बाबा दुग्धेश्वरनाथ का जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में रात से ही सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था शुरू कर दी गई थी। मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग से लेकर प्रवेश द्वार तक बैरिकेडिंग की गई।
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श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया गया। सुबह होते-होते मंदिर परिसर के साथ ही आसपास के मार्गों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया गया।
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दूरदराज से पहुंचे शिवभक्त सरयू नदी से जल लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे और बाबा को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित किए। भोर से शुरू हुआ जलाभिषेक का क्रम लगातार चलता रहा और शाम करीब चार बजे तक श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करते रहे।