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सीबीसीआईडी जांच पर हाईकोर्ट की रोक
Deoria
Updated Mon, 14 Oct 2013 05:38 AM IST
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रुद्रपुर। बहुचर्चित करहकोल कांड में एक बार फिर आरोपी ग्राम प्रधान की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। हाईकोर्ट ने पीड़िता की याचिका पर सीबीसीआईडी जांच पर रोक लगा दिया है। इस मामले में ग्राम प्रधान अखंड प्रताप सिंह सहित छह लोगों पर पंचायत में लड़की को जलाकर मारने का केस दर्ज है।
घटना 13 जून की है। गांव में पंचायत के दौरान गांव की महिला ज्ञानमती को पीटने और उसकी बेटी को जिंदा जलाने के आरोप में ग्राम प्रधान सहित छह लोगों पर हत्या का अभियोग पंजीकृत हुआ। इस मामले में ग्राम प्रधान न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ है। आरोपी ग्राम प्रधान के प्रार्थना पत्र पर शासन ने 18 सितंबर को मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने का आदेश दिया। जांच पुलिस से सीबीआईडी में स्थानांतरित होने के बाद तीन माह से गिरफ्तारी के डर से भाग रहे प्रधान को राहत मिलनी तय मानी जा रही थी। सीबीसीआईडी जांच के खिलाफ मृत लड़की की मां ज्ञानमती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। पीड़ित के अधिवक्ता आलोक यादव और संजीव सिंह की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह और नाहीद आरा मुनीश की खंडपीठ ने नौ अक्तूबर को अपने फैसले में कहा कि इस मामले में मुकामी पुलिस ने मुख्य आरोपी जयहिंद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। मामले में जांच एजेंसी बदलने से न्यायालय का काम प्रभावित होगा। ऐसे में न्यायाधीशों की पीठ ने याचिका की सुनवाई की अगली तारीख तक सीबीसीआईडी जांच पर रोक लगाकर मामले की जांचकर मुकामी पुलिस को आगे की विवेचना जारी रखने का निर्देश दिया है। दो दिन पहले गांव में सीबीसीआईडी की टीम जांच करने गई थी। लेकिन जब सीबीसीआईडी के जांच दल को स्थानीय पुलिस से हाईकोर्ट से जांच पर रोक लगने का पता चला तो वह वापस लौट गई। इस बाबत एसओ एकौना ब्रजेश यादव ने कहा कि मामले की विवेचना स्थानीय पुलिस कर रही है।
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घटना 13 जून की है। गांव में पंचायत के दौरान गांव की महिला ज्ञानमती को पीटने और उसकी बेटी को जिंदा जलाने के आरोप में ग्राम प्रधान सहित छह लोगों पर हत्या का अभियोग पंजीकृत हुआ। इस मामले में ग्राम प्रधान न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ है। आरोपी ग्राम प्रधान के प्रार्थना पत्र पर शासन ने 18 सितंबर को मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने का आदेश दिया। जांच पुलिस से सीबीआईडी में स्थानांतरित होने के बाद तीन माह से गिरफ्तारी के डर से भाग रहे प्रधान को राहत मिलनी तय मानी जा रही थी। सीबीसीआईडी जांच के खिलाफ मृत लड़की की मां ज्ञानमती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। पीड़ित के अधिवक्ता आलोक यादव और संजीव सिंह की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह और नाहीद आरा मुनीश की खंडपीठ ने नौ अक्तूबर को अपने फैसले में कहा कि इस मामले में मुकामी पुलिस ने मुख्य आरोपी जयहिंद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। मामले में जांच एजेंसी बदलने से न्यायालय का काम प्रभावित होगा। ऐसे में न्यायाधीशों की पीठ ने याचिका की सुनवाई की अगली तारीख तक सीबीसीआईडी जांच पर रोक लगाकर मामले की जांचकर मुकामी पुलिस को आगे की विवेचना जारी रखने का निर्देश दिया है। दो दिन पहले गांव में सीबीसीआईडी की टीम जांच करने गई थी। लेकिन जब सीबीसीआईडी के जांच दल को स्थानीय पुलिस से हाईकोर्ट से जांच पर रोक लगने का पता चला तो वह वापस लौट गई। इस बाबत एसओ एकौना ब्रजेश यादव ने कहा कि मामले की विवेचना स्थानीय पुलिस कर रही है।
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