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जीएसटी में 1289 फर्म्स का पंजीयन नहीं
Updated Thu, 15 Jun 2017 10:32 PM IST
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आसिफ इकबाल
देवरिया। जीएसटी में 15 जून तक कारोबारियों ने इनरोलमेंट नहीं कराया तो 1289 फर्म्स खरीद-फरोख्त नहीं कर पाएंगी। यह लोग रजिस्टर्ड कारोबारियों से माल भी नहीं खरीद सकेंगे। ऐसे कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है। वाणिज्य कर महकमा उनके स्टॉक का सत्यापन करेगा।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी एक जुलाई से लागू हो जाएगी। जिले के विभिन्न इलाकों में 7347 फर्म्स में से 6533 ने पंजीयन करा लिया है। इसमें किराना, इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिक गुड्स, मोटर और मशीनरीज पार्ट्स, ठेकेदार और ऑर्डर सप्लायर्स से जुड़े कारोबारी शामिल हैं। सरकारों का दावा है कि जीएसटी लागू होने से टैक्स के बोझ से छुटकारा मिलेगा। ग्राहकों को उचित दर पर सामान मिलेंगे। गौरतलब है कि सालाना 20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी में पंजीयन कराना है लेकिन जिले के 1289 कारोबारियों ने बुधवार तक इनरोलमेंट नहीं कराया है। जीएसटी में पंजीयन कराने के लिए 15 जून की डेडलाइन दी गई थी। महकमा ने कारोबारियों के बीच यूजर आईडी और पासवर्ड वितरित कर चुकी है इसके बावजूद उनकी तरफ से पंजीयन में पहल नहीं हो रही है। इसके चलते उनके कारोबार पर खतरा मंडराने लगा है। उनकी उदासीनता पर वाणिज्य कर विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। ऐसे फर्म्स के चिन्हांकन के लिए जल्द ही अभियान शुरू करेगा। उनके गोडाउन, शो-रूम समेत अन्य प्रतिष्ठानों की जांच करेगा। गड़बड़ियों की जांच के अलावा माल की इनवॉयस भी जांचेगा इसके बाद पेनॉल्टी के साथ टैक्स वसूलेगा। इस बाबत प्रबल कुमार, डिप्टी कमिश्नर, वाणिज्य करने बताया कि 20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों को पंजीयन कराना है व्यापारियों को यूजर आईडी और पासवर्ड मुहैया करा दिया गया है। कारोबारियों को 15 जून तक पंजीयन कराने की अवधि है। ऐसा नहीं करने वाले कारोबारियों के प्रतिष्ठानों की जांच पड़ताल होगी।
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देवरिया। जीएसटी में 15 जून तक कारोबारियों ने इनरोलमेंट नहीं कराया तो 1289 फर्म्स खरीद-फरोख्त नहीं कर पाएंगी। यह लोग रजिस्टर्ड कारोबारियों से माल भी नहीं खरीद सकेंगे। ऐसे कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है। वाणिज्य कर महकमा उनके स्टॉक का सत्यापन करेगा।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी एक जुलाई से लागू हो जाएगी। जिले के विभिन्न इलाकों में 7347 फर्म्स में से 6533 ने पंजीयन करा लिया है। इसमें किराना, इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिक गुड्स, मोटर और मशीनरीज पार्ट्स, ठेकेदार और ऑर्डर सप्लायर्स से जुड़े कारोबारी शामिल हैं। सरकारों का दावा है कि जीएसटी लागू होने से टैक्स के बोझ से छुटकारा मिलेगा। ग्राहकों को उचित दर पर सामान मिलेंगे। गौरतलब है कि सालाना 20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी में पंजीयन कराना है लेकिन जिले के 1289 कारोबारियों ने बुधवार तक इनरोलमेंट नहीं कराया है। जीएसटी में पंजीयन कराने के लिए 15 जून की डेडलाइन दी गई थी। महकमा ने कारोबारियों के बीच यूजर आईडी और पासवर्ड वितरित कर चुकी है इसके बावजूद उनकी तरफ से पंजीयन में पहल नहीं हो रही है। इसके चलते उनके कारोबार पर खतरा मंडराने लगा है। उनकी उदासीनता पर वाणिज्य कर विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। ऐसे फर्म्स के चिन्हांकन के लिए जल्द ही अभियान शुरू करेगा। उनके गोडाउन, शो-रूम समेत अन्य प्रतिष्ठानों की जांच करेगा। गड़बड़ियों की जांच के अलावा माल की इनवॉयस भी जांचेगा इसके बाद पेनॉल्टी के साथ टैक्स वसूलेगा। इस बाबत प्रबल कुमार, डिप्टी कमिश्नर, वाणिज्य करने बताया कि 20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों को पंजीयन कराना है व्यापारियों को यूजर आईडी और पासवर्ड मुहैया करा दिया गया है। कारोबारियों को 15 जून तक पंजीयन कराने की अवधि है। ऐसा नहीं करने वाले कारोबारियों के प्रतिष्ठानों की जांच पड़ताल होगी।
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