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जमीन के अभाव में अटकीं 66 पेयजल परियोजनाएं
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जमीन के अभाव में अटकीं 66 पेयजल परियोजनाएं
जल जीवन मिशन के तहत 675 गांवों में पेयजल परियोजनाओं पर होना है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिम्मेदारों की सुस्ती के चलते जिले 66 गांवों में पेयजल की परियोजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। इनमें कुछ ऐसी ग्राम पंचायतें हैं, जहां जमीन होने के बावजूद लोगों में आपसी विवाद के कारण परियोजना की नींव नहीं पड़ पा रही है। ग्रामसभा की जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा जमा लिया है। राजस्व विभाग उन जमीनों को चिह्नित करने और कब्जा खाली कराने में नाकाम साबित हो रहा है।
ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से जल जीवन मिशन योजना शुरू की गई है। इसके तहत जिले के 675 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजना लगाने स्वीकृति मिली है। 294 परियोजनाओं को पूरा कराने की जिम्मेदारी मेसर्स गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड को मिली है। इसमें 25 परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। वहीं मेसर्स एलसी इंफ्रा लिमिटेड को आवंटित 381 परियोजनाओं में 41 के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठकों में परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होने की समस्या बीते कई माह से निगम के अधिकारी उठाते आ रहे हैं। डीएम के निर्देश के बावजूद तहसील प्रशासन की ओर से इस कार्य में सुस्ती बरती जा रही है।
इस संबंध में मुख्य राजस्व अधिकारी अमृत लाल बिंद ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जो भी परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं ज्यादातर के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है। शेष बची परियोजनाओं के लिए भी जल्द जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।
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जल जीवन मिशन के तहत 675 गांवों में पेयजल परियोजनाओं पर होना है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिम्मेदारों की सुस्ती के चलते जिले 66 गांवों में पेयजल की परियोजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। इनमें कुछ ऐसी ग्राम पंचायतें हैं, जहां जमीन होने के बावजूद लोगों में आपसी विवाद के कारण परियोजना की नींव नहीं पड़ पा रही है। ग्रामसभा की जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा जमा लिया है। राजस्व विभाग उन जमीनों को चिह्नित करने और कब्जा खाली कराने में नाकाम साबित हो रहा है।
ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से जल जीवन मिशन योजना शुरू की गई है। इसके तहत जिले के 675 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजना लगाने स्वीकृति मिली है। 294 परियोजनाओं को पूरा कराने की जिम्मेदारी मेसर्स गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड को मिली है। इसमें 25 परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। वहीं मेसर्स एलसी इंफ्रा लिमिटेड को आवंटित 381 परियोजनाओं में 41 के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठकों में परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होने की समस्या बीते कई माह से निगम के अधिकारी उठाते आ रहे हैं। डीएम के निर्देश के बावजूद तहसील प्रशासन की ओर से इस कार्य में सुस्ती बरती जा रही है।
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इस संबंध में मुख्य राजस्व अधिकारी अमृत लाल बिंद ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जो भी परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं ज्यादातर के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है। शेष बची परियोजनाओं के लिए भी जल्द जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।
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