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‘दिशा’ की बैठक में डीपीआरओ पर भड़के जनप्रतिनिधि
Updated Fri, 16 Nov 2018 10:11 PM IST
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विकास भवन के गांधी सभागार में विकास समन्वय एवं निगरानी समिति के बैठक को सांसद कलराज मिश्र ने संबोधित किया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में डीपीआरओ जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रहे। सवालों के सही जवाब देने की बजाए टालमटोल करने और दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पर विधायकों ने एक स्वर में डीपीआरओ पर कार्रवाई की मांग की। यहां तक कि सदर विधायक ने तो सदन से उठकर जाने की धमकी भी दी। बाद में सांसद कलराज मिश्र और डीएम ने मामले को संभालते हुए उन्हें शांत किया।
सदर सांसद कलराज मिश्र की अध्यक्षता में विकास भवन के गांधी सभागार में शुरू हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों ने सफाई कर्मचारियों की लापरवाही का मुद्दा उठाया। बताया कि सफाई कर्मी गांवों में नहीं जा रहे। इससे गंदगी का अंबार लगा हुआ है। डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय ने लापरवाही बरतने वाले 65 सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई की दलील दी। हालांकि उनमें से अधिकांश की बहाली के सवाल पर वह मौन साध गए। गांवों में बन रहे शौचालयों के लाभार्थियों को धनराशि प्राप्त नहीं होने और सेक्रेट्री के पास आईडी-पासवर्ड नहीं होने पर भी उनका जवाब संतोषजनक नहीं था। बार-बार वह यही कहते रहे कि उच्चाधिकारी व मंत्री, विधायक के ही दबाव में कार्रवाई नहीं की गई। विधायकों ने उनका नाम बताने को कहा, जिस पर वह टालमटोल करने लगे। इससे नाराज सदर, रामपुर कारखाना विधायक कमलेश शुक्ला, बरहज विधायक सुरेश तिवारी, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि राजू मणि ने डीपीआरओ पर कार्रवाई की मांग की। सदर विधायक ने तो यहां तक कह दिया कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह बैठक छोड़कर चले जाएंगे। बाद में डीएम अमित किशोर ने उन्हें शांत किया। सांसद कलराज मिश्र ने निर्देश दिया कि पंचायतीराज विभाग से जुड़े सभी प्रकरणों पर डीपीआरओ संग अलग से बैठक कर सूचित करें। डीएम अमित किशोर ने बैठक में उठाई गए सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान देते हुए उनमें सुधार का आश्वासन दिया। उन्होंने फसल बीमा योजना संबंधित संस्था के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह क्रॉप कटिंग का सही मूल्यांकन करें, जिससे कृषकों को उनकी फसलों में हुई हानि के अनुरूप भरपाई हो सके। बैठक में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, सलेमपुर सांसद रवींद्र कुशवाहा भी मौजूद रहे। उनके अलावा डीएफओ पीके गुप्ता, एएसपी गणेश साहा, डीडीओ श्रीकृष्ण पांडेय, पीडी महेश नारायण पांडेय, उपायुक्त मनरेगा गजेंद्र तिवारी, डीएसओ विनय सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, अर्थ संख्या अधिकारी सच्चिदानंद, उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक प्रभात यादव आदि मौजूद रहे।
ब्लॉक वार उपलब्ध कराएं लाभार्थियों की सूची
सदर सांसद कलराज मिश्र ने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जिम्मेदारी दी गई है, उसे पूरे मनोयोग से पूरा करें। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी कराए जा रहे विकास कार्यों व योजनाओं से संबंधित लाभान्वित पात्रों की सूची विकास खंडवार जन प्रतिनिधियों को अवश्य उपलब्ध कराएं, जिससे उसका सत्यापन कराया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि बैठक की सूचना व उसका एजेंडा जनप्रतिनिधियों को समय रहते संबंधित अधिकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, जिससे पूर्व बैठक मे लिए गये निर्णयों के कार्यों का अवलोकन किया जा सके।
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मीटर लग गए, नहीं आई बिजली
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जल निगम की योजना कागजों तक सिमटी है। इसी प्रकार विद्युत निगम की ओर से मीटर लगाए गए हैं, लेकिन आपूर्ति एक भी दिन नहीं की गई है और बिल उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं। ग्रामीण विद्युतीकरण योजना अंतर्गत ग्रामीण कार्यदाई संस्थाएं भी कार्य नहीं कर रही हैं, जिससे आमजन को लाभ नहीं मिल पा रहा। सरकार की भी किरकिरी हो रही है। सांसद कलराज मिश्र ने संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए डीएम को निर्देश दिया।
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सदर सांसद कलराज मिश्र की अध्यक्षता में विकास भवन के गांधी सभागार में शुरू हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों ने सफाई कर्मचारियों की लापरवाही का मुद्दा उठाया। बताया कि सफाई कर्मी गांवों में नहीं जा रहे। इससे गंदगी का अंबार लगा हुआ है। डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय ने लापरवाही बरतने वाले 65 सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई की दलील दी। हालांकि उनमें से अधिकांश की बहाली के सवाल पर वह मौन साध गए। गांवों में बन रहे शौचालयों के लाभार्थियों को धनराशि प्राप्त नहीं होने और सेक्रेट्री के पास आईडी-पासवर्ड नहीं होने पर भी उनका जवाब संतोषजनक नहीं था। बार-बार वह यही कहते रहे कि उच्चाधिकारी व मंत्री, विधायक के ही दबाव में कार्रवाई नहीं की गई। विधायकों ने उनका नाम बताने को कहा, जिस पर वह टालमटोल करने लगे। इससे नाराज सदर, रामपुर कारखाना विधायक कमलेश शुक्ला, बरहज विधायक सुरेश तिवारी, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि राजू मणि ने डीपीआरओ पर कार्रवाई की मांग की। सदर विधायक ने तो यहां तक कह दिया कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह बैठक छोड़कर चले जाएंगे। बाद में डीएम अमित किशोर ने उन्हें शांत किया। सांसद कलराज मिश्र ने निर्देश दिया कि पंचायतीराज विभाग से जुड़े सभी प्रकरणों पर डीपीआरओ संग अलग से बैठक कर सूचित करें। डीएम अमित किशोर ने बैठक में उठाई गए सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान देते हुए उनमें सुधार का आश्वासन दिया। उन्होंने फसल बीमा योजना संबंधित संस्था के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह क्रॉप कटिंग का सही मूल्यांकन करें, जिससे कृषकों को उनकी फसलों में हुई हानि के अनुरूप भरपाई हो सके। बैठक में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, सलेमपुर सांसद रवींद्र कुशवाहा भी मौजूद रहे। उनके अलावा डीएफओ पीके गुप्ता, एएसपी गणेश साहा, डीडीओ श्रीकृष्ण पांडेय, पीडी महेश नारायण पांडेय, उपायुक्त मनरेगा गजेंद्र तिवारी, डीएसओ विनय सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, अर्थ संख्या अधिकारी सच्चिदानंद, उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक प्रभात यादव आदि मौजूद रहे।
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सदर सांसद कलराज मिश्र ने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जिम्मेदारी दी गई है, उसे पूरे मनोयोग से पूरा करें। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी कराए जा रहे विकास कार्यों व योजनाओं से संबंधित लाभान्वित पात्रों की सूची विकास खंडवार जन प्रतिनिधियों को अवश्य उपलब्ध कराएं, जिससे उसका सत्यापन कराया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि बैठक की सूचना व उसका एजेंडा जनप्रतिनिधियों को समय रहते संबंधित अधिकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, जिससे पूर्व बैठक मे लिए गये निर्णयों के कार्यों का अवलोकन किया जा सके।
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मीटर लग गए, नहीं आई बिजली
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जल निगम की योजना कागजों तक सिमटी है। इसी प्रकार विद्युत निगम की ओर से मीटर लगाए गए हैं, लेकिन आपूर्ति एक भी दिन नहीं की गई है और बिल उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं। ग्रामीण विद्युतीकरण योजना अंतर्गत ग्रामीण कार्यदाई संस्थाएं भी कार्य नहीं कर रही हैं, जिससे आमजन को लाभ नहीं मिल पा रहा। सरकार की भी किरकिरी हो रही है। सांसद कलराज मिश्र ने संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए डीएम को निर्देश दिया।