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प्रभारी सीडीओ के निरीक्षण में तीन अधिकारी समेत 55 मिले अनुपस्थित
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प्रभारी सीडीओ के निरीक्षण में तीन अधिकारी समेत 55 मिले अनुपस्थित
देवरिया। दफ्तर पहुंचने में समय की अनदेखी करना विकास भवन के अधिकारी-कर्मचारियों को महंगा पड़ गया। शुक्रवार सुबह प्रभारी सीडीओ सुमित यादव के निरीक्षण में तीन अधिकारी समेत 55 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
विकास भवन के ज्यादातर अधिकारी कार्यालय देर से पहुंचते हैं। कई अधिकारी ऐसे हैं जो अपने आवास से क्षेत्र भ्रमण पर निकल जाते हैं। इससे शिकायत लेकर कार्यालय आए फरियादियों को बिना सुनवाई के वापस लौटना पड़ता है। बुधवार को गांधी सभागार में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी अधिकारियों को सुबह दस से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।
अगले ही दिन अधिकारी डीएम के निर्देशों को भुला बैठे। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की ओर से किए गए पड़ताल में दस बजे तक कोई अधिकारी दफ्तर नहीं पहुंचा। एक-एक कर अधिकारी सुबह 11 बजे तक दफ्तर आते रहे। यही हाल कर्मचारियों का भी रहा। जो आए थे वह अधिकारी की गैर मौजूदगी इधर-उधर घूमते नजर आए। शुक्रवार के अंक अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रभारी सीडीओ सुमित यादव ने शुक्रवार सुबह 10.15 बजे विकास भवन के समस्त अनुभागों का निरीक्षण किया। इसमें जिला दिव्यांगजन अधिकारी मीनू सिंह, एक्सईएन आरईडी टीएन राय, एडीपीआरओ जयप्रकाश अनुपस्थित मिले। सभी का एक दिन का वेतन बाधित करते हुए प्रभारी सीडीओ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया।
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यहां के इतने कर्मचारी मिले अनुपस्थित
जिला विकास कार्यालय के आठ, युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी कार्यालय का एक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय के आठ, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के चार, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के दो, डीपीआरओ कार्यालय के चार, जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के दो, सहायक अभियंता लघु सिंचाई कार्यालय का एक, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक कार्यालय के तीन, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय व यूपी नेडा कार्यालय के एक-एक कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सर्वाधिक अनुपस्थिति आरईडी (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) के कर्मचारियों की रही। प्रभारी सीडीओ के निरीक्षण में यहां 17 कर्मचारी गैरहाजिर मिले।
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देवरिया। दफ्तर पहुंचने में समय की अनदेखी करना विकास भवन के अधिकारी-कर्मचारियों को महंगा पड़ गया। शुक्रवार सुबह प्रभारी सीडीओ सुमित यादव के निरीक्षण में तीन अधिकारी समेत 55 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
विकास भवन के ज्यादातर अधिकारी कार्यालय देर से पहुंचते हैं। कई अधिकारी ऐसे हैं जो अपने आवास से क्षेत्र भ्रमण पर निकल जाते हैं। इससे शिकायत लेकर कार्यालय आए फरियादियों को बिना सुनवाई के वापस लौटना पड़ता है। बुधवार को गांधी सभागार में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी अधिकारियों को सुबह दस से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।
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अगले ही दिन अधिकारी डीएम के निर्देशों को भुला बैठे। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की ओर से किए गए पड़ताल में दस बजे तक कोई अधिकारी दफ्तर नहीं पहुंचा। एक-एक कर अधिकारी सुबह 11 बजे तक दफ्तर आते रहे। यही हाल कर्मचारियों का भी रहा। जो आए थे वह अधिकारी की गैर मौजूदगी इधर-उधर घूमते नजर आए। शुक्रवार के अंक अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रभारी सीडीओ सुमित यादव ने शुक्रवार सुबह 10.15 बजे विकास भवन के समस्त अनुभागों का निरीक्षण किया। इसमें जिला दिव्यांगजन अधिकारी मीनू सिंह, एक्सईएन आरईडी टीएन राय, एडीपीआरओ जयप्रकाश अनुपस्थित मिले। सभी का एक दिन का वेतन बाधित करते हुए प्रभारी सीडीओ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया।
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यहां के इतने कर्मचारी मिले अनुपस्थित
जिला विकास कार्यालय के आठ, युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी कार्यालय का एक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय के आठ, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के चार, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के दो, डीपीआरओ कार्यालय के चार, जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के दो, सहायक अभियंता लघु सिंचाई कार्यालय का एक, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक कार्यालय के तीन, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय व यूपी नेडा कार्यालय के एक-एक कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सर्वाधिक अनुपस्थिति आरईडी (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) के कर्मचारियों की रही। प्रभारी सीडीओ के निरीक्षण में यहां 17 कर्मचारी गैरहाजिर मिले।