{"_id":"5a4e5c724f1c1b4d198b4dc7","slug":"41515084914-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़कों की गुणवता जांचने आई लोकायुक्त टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़कों की गुणवता जांचने आई लोकायुक्त टीम
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:31 PM IST
विज्ञापन
अबूबकर नगर मुहल्ले में लोकायुक्त टीम ने सभासद सेराज अहमद से पूछताछ किया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। शहर की कुछ सड़कों की गुणवत्ता जांचने आई लोकायुक्त की तीन सदस्यों की टीम नेे नगर पालिका से संबंधित पत्रावलियां मंगाकर जांच की। इसके बाद मौके पर पहुंची। और कुछ सड़कों के नमूने भी लिए। इससे गुरुवार को दिन भर नगरपालिका कार्यालय में हलचल का माहौल रहा। शाम को भ्रमण कर लौटी लोकायुक्त टीम जिला पंचायत के बंद कमरे में रिपोर्ट तैयार करने में व्यस्त रही।
रौनियारी टोला वार्ड-22 के पूर्व सदस्य गौहर अली सिद्दीकी ने नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह के पिछले कार्यकाल में कुछ वार्डों में सड़क, नाली, अंडर ग्राउंड पाइप लाइन समेत कई कार्यों में गोलमाल का आरोप लगाया था। मामले की शिकायत 2014 में लोकायुक्त से की थी। निर्देश पर तत्कालीन डीएम के नेतृत्व में जांच भी हुई थी। सूत्र बताते हैं कि फर्जी तरीके से लाखों रुपये के भुगतान का मामला पकड़ में आया था, लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की गई थी। पूर्व सदस्य ने बिना सूचना दिए जांच का आरोप लगाते हुए गैर जिले के अधिकारियों से जांच की मांग की थी। लोकायुक्त ने अन्वेषण अधिकारी राहुल रूसिया, राजाराम यादव और आकाश मिश्र की संयुक्त टीम को शिकायतकर्ता की मौजूदगी में जांच का निर्देश दिया था। इसी के तहत लोकायुक्त की तीन सदस्यों की टीम बुधवार की शाम को पहुंची। गुरुवार को नगर पालिका के संबंधित बाबुओं को पत्रावलियों के साथ हाजिर होने का निर्देश दिया। इसके बाद तीनों अधिकारियों ने पत्रावलियों की बारीकी से जांच की, फिर मौके पर गए। उमानगर में दो सड़कों की जांच करने के बाद अधिकारी भुजौली कॉलोनी की एक सड़क की जांच की। सीसी रोड के कैलाशपुर में भी एक सड़क की जांच की गई।
विज्ञापन
रौनियारी टोला वार्ड-22 के पूर्व सदस्य गौहर अली सिद्दीकी ने नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह के पिछले कार्यकाल में कुछ वार्डों में सड़क, नाली, अंडर ग्राउंड पाइप लाइन समेत कई कार्यों में गोलमाल का आरोप लगाया था। मामले की शिकायत 2014 में लोकायुक्त से की थी। निर्देश पर तत्कालीन डीएम के नेतृत्व में जांच भी हुई थी। सूत्र बताते हैं कि फर्जी तरीके से लाखों रुपये के भुगतान का मामला पकड़ में आया था, लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की गई थी। पूर्व सदस्य ने बिना सूचना दिए जांच का आरोप लगाते हुए गैर जिले के अधिकारियों से जांच की मांग की थी। लोकायुक्त ने अन्वेषण अधिकारी राहुल रूसिया, राजाराम यादव और आकाश मिश्र की संयुक्त टीम को शिकायतकर्ता की मौजूदगी में जांच का निर्देश दिया था। इसी के तहत लोकायुक्त की तीन सदस्यों की टीम बुधवार की शाम को पहुंची। गुरुवार को नगर पालिका के संबंधित बाबुओं को पत्रावलियों के साथ हाजिर होने का निर्देश दिया। इसके बाद तीनों अधिकारियों ने पत्रावलियों की बारीकी से जांच की, फिर मौके पर गए। उमानगर में दो सड़कों की जांच करने के बाद अधिकारी भुजौली कॉलोनी की एक सड़क की जांच की। सीसी रोड के कैलाशपुर में भी एक सड़क की जांच की गई।
विज्ञापन