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छुट्टा पशुओं को लेकर अब गांवों में आंदोलन शुरू
Updated Sun, 10 Dec 2017 11:13 PM IST
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छुट्टा पशुओं को लेकर नारायणपुर पुल पर धरना देते दोआबा और कछार के किसान
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। छुट्टा पशुओं को लेकर गांवों के किसानों ने भी आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। गांव-गांव आंदोलन शुरू हो जाने से प्रशासन की नींद उड़ गई है। दो दिन पहले पशुओं को लेकर रुद्रपुर नगर का चौराहा जाम करने के बाद रविवार को दोआबा के किसानों ने सैकड़ों घुमंतू पशु लेकर गोर्रा नदी पर बने नारायनपुर पुल को जाम कर दिया। उन्होंने पुल को रस्सी से घेर कर पशुबाड़ा बना दिया।
नरायनपुर पुल पर दोआबा और कछार के करीब तीन दर्जन गांवों के किसानों ने रविवार को छुट्टा पशुओं से फसलों की बर्बादी को लेकर धरना दिया। दिनभर के धरने के बाद प्रशासन की ओर से पशुओं को भेजने की कोई व्यवस्था नहीं की गई तो किसानों ने प्लास्टिक की रस्सी से पुल पर घेर कर पशुबाड़ा बना दिया हैै। घुमंतू पशु प्रशासन की गले की हड्डी बन गए है। देवरिया जिले में कोई गौशाला या पशु बाड़ा नहीं होने से प्रशासनिक अधिकारियों को उन्हें दूर जंगल में छोड़वाना पड़ रहा है। क्षेत्र में घुमंतू पशुओं की तादात इतनी बढ़ गई है कि वह गेहूूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे है। नारायनपुर पुल पर पशुओं को पकड़कर लाए किसानों ने कहा कि जब तक प्रशासन छुट्टा पशुओं से छुटकारा नहीं दिलाएगा आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन करने वालों में किसान मंटू राव, सिंकदर यादव, ब्रजेश राव, अमरजीत राव, वशिष्ठ यादव, गोरखराव, कमलेश, मुरली पांडेय, योगेश यादव, मुस्तफा अली, रामलखन साहनी आदि किसानों ने स्थाई पशुबाड़ा बनाने की मांग की है। इस संबंध में नायब तहसीलदार ने कहा कि पशुओं की जंगल में भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
फोटो समाचार
बरहज में छुट्टा पशुओं ने बढ़ाई मुसीबत
बरहज। छुट्टा पशुओं ने लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया है। आए दिन सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसके बाद भी पालिका प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। इसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती है। नगर में करीब 40 हजार की आबादी निवास करती है। सरयू नदी सहित आस्था का केंद्र और पुराना बाजार होने के कारण नगर में आसपास के लोगों की आवाजाही भी खूब रहती है। छुट्टा पशुओं की वजह से थाना, घाट, तहसील, बस स्टेशन और पैना मार्ग सहित अन्य सड़कों पर जाम लगा रहता है। इसके अलावा पशुओं की चपेट में आने से आए दिन महिलाएं और स्कूली बच्चे चोटिल भी हो रहे है। इस संबंध में एसडीएम अरूण सिंह ने बताया कि संबंधित विभाग को निर्देशित कर हल जल्द ही समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
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नरायनपुर पुल पर दोआबा और कछार के करीब तीन दर्जन गांवों के किसानों ने रविवार को छुट्टा पशुओं से फसलों की बर्बादी को लेकर धरना दिया। दिनभर के धरने के बाद प्रशासन की ओर से पशुओं को भेजने की कोई व्यवस्था नहीं की गई तो किसानों ने प्लास्टिक की रस्सी से पुल पर घेर कर पशुबाड़ा बना दिया हैै। घुमंतू पशु प्रशासन की गले की हड्डी बन गए है। देवरिया जिले में कोई गौशाला या पशु बाड़ा नहीं होने से प्रशासनिक अधिकारियों को उन्हें दूर जंगल में छोड़वाना पड़ रहा है। क्षेत्र में घुमंतू पशुओं की तादात इतनी बढ़ गई है कि वह गेहूूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे है। नारायनपुर पुल पर पशुओं को पकड़कर लाए किसानों ने कहा कि जब तक प्रशासन छुट्टा पशुओं से छुटकारा नहीं दिलाएगा आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन करने वालों में किसान मंटू राव, सिंकदर यादव, ब्रजेश राव, अमरजीत राव, वशिष्ठ यादव, गोरखराव, कमलेश, मुरली पांडेय, योगेश यादव, मुस्तफा अली, रामलखन साहनी आदि किसानों ने स्थाई पशुबाड़ा बनाने की मांग की है। इस संबंध में नायब तहसीलदार ने कहा कि पशुओं की जंगल में भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
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बरहज में छुट्टा पशुओं ने बढ़ाई मुसीबत
बरहज। छुट्टा पशुओं ने लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया है। आए दिन सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसके बाद भी पालिका प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। इसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती है। नगर में करीब 40 हजार की आबादी निवास करती है। सरयू नदी सहित आस्था का केंद्र और पुराना बाजार होने के कारण नगर में आसपास के लोगों की आवाजाही भी खूब रहती है। छुट्टा पशुओं की वजह से थाना, घाट, तहसील, बस स्टेशन और पैना मार्ग सहित अन्य सड़कों पर जाम लगा रहता है। इसके अलावा पशुओं की चपेट में आने से आए दिन महिलाएं और स्कूली बच्चे चोटिल भी हो रहे है। इस संबंध में एसडीएम अरूण सिंह ने बताया कि संबंधित विभाग को निर्देशित कर हल जल्द ही समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
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