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खेती
Updated Mon, 01 Oct 2018 10:32 PM IST
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कमाल का किसान तीन एकड़ में सौ क्विंटल धान
सेमरौना के सुभाष ने किया धान का रिकॉर्ड उत्पादन
पांच बीघा खेत में पक कर तैयार है धान की फसल
सुरेंद्र वत्स
रुद्रपुर। बदले परिवेश में खेती को निम्न कार्य मानने वालों को सेमरौना के किसान सुभाष ने धान का रिकॉर्ड उत्पादन कर आइना दिखा दिया हैं। उन्होंने धान की अगैती खेती कर मौसम की बेरुखी को मात देकर पैदावार का नया रिकॉर्ड बनाया है। वह तीन एकड़ में सौ क्विंटल धान पैदाकर परंपरागत खेती को भी लाभ का जरिया बना रहे हैं।
सुभाष के पांच बीघे खेत में धान की फसल पककर कटने को तैयार है। वहीं क्षेत्र के अन्य किसानों का धान अभी फूटा भी नहीं है। सेमरौना में लहलहा रही धान की फसल को देखने के लिए किसानों का मजमा लग रहा है। हर साल धान और गेहूं की परंपरागत खेती से अच्छी खासी आमदनी करने वाले सुभाष ने कहा कि आज भी खेती से उत्तम कोई काम नहीं है। बशर्ते खेती में समय को लेकर पाबंद होना पड़ेगा। उत्तम किस्म के बीज, मिट्टी की सेहत और खाद की मात्रा का ध्यान का देना अच्छी पैदावार के लिए बेहद जरूरी है। सुभाष ने अपने छह बीघे खेत में कावेरी 438 हाईब्रीड धान की रोपाई कराई। यह धान 110 दिन में पककर तैयार हो गया। धान की रोपाई जुलाई में कर दी गई। जल्दी रोपाई के कारण धान पर कम बरसात का असर नहीं पड़ा। क्रॉप कटिंग से तीन एकड़ खेत में 100 क्विंटल धान की पैदावार आंकी गई है। इस तरह किसान को धान की फसल से करीब दो लाख रुपये का मुनाफा होगा। विषम परिस्थितियों में भी धान की सफल खेती कर सुभाष अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं।
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सेमरौना के सुभाष ने किया धान का रिकॉर्ड उत्पादन
पांच बीघा खेत में पक कर तैयार है धान की फसल
सुरेंद्र वत्स
रुद्रपुर। बदले परिवेश में खेती को निम्न कार्य मानने वालों को सेमरौना के किसान सुभाष ने धान का रिकॉर्ड उत्पादन कर आइना दिखा दिया हैं। उन्होंने धान की अगैती खेती कर मौसम की बेरुखी को मात देकर पैदावार का नया रिकॉर्ड बनाया है। वह तीन एकड़ में सौ क्विंटल धान पैदाकर परंपरागत खेती को भी लाभ का जरिया बना रहे हैं।
सुभाष के पांच बीघे खेत में धान की फसल पककर कटने को तैयार है। वहीं क्षेत्र के अन्य किसानों का धान अभी फूटा भी नहीं है। सेमरौना में लहलहा रही धान की फसल को देखने के लिए किसानों का मजमा लग रहा है। हर साल धान और गेहूं की परंपरागत खेती से अच्छी खासी आमदनी करने वाले सुभाष ने कहा कि आज भी खेती से उत्तम कोई काम नहीं है। बशर्ते खेती में समय को लेकर पाबंद होना पड़ेगा। उत्तम किस्म के बीज, मिट्टी की सेहत और खाद की मात्रा का ध्यान का देना अच्छी पैदावार के लिए बेहद जरूरी है। सुभाष ने अपने छह बीघे खेत में कावेरी 438 हाईब्रीड धान की रोपाई कराई। यह धान 110 दिन में पककर तैयार हो गया। धान की रोपाई जुलाई में कर दी गई। जल्दी रोपाई के कारण धान पर कम बरसात का असर नहीं पड़ा। क्रॉप कटिंग से तीन एकड़ खेत में 100 क्विंटल धान की पैदावार आंकी गई है। इस तरह किसान को धान की फसल से करीब दो लाख रुपये का मुनाफा होगा। विषम परिस्थितियों में भी धान की सफल खेती कर सुभाष अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं।
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