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बिजली कटौती न बढ़ाई दुश्वारियां
Updated Mon, 11 Dec 2017 11:23 PM IST
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भटवलिया स्थित ट्रांसफार्मर वर्कशाप पर स्क्रैप का लगा ढेर।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। ठंड के मौसम में भी आठ घंटे की बिजली कटौती शहरवासियों को खल रही है। यह कटौती ऐसे वक्त हो रही है, जब पीक ऑवर होता है। दिन में 11 से तीन बजे तक होने वाली कटौती को लोग किसी तरह झेल ले रहे हैं, लेकिन रात आठ से 12 बजे तक की कटौती से हर कोई परेशान है। खासकर बोर्ड की परीक्षा की तैयारियों में जुटे छात्र-छात्राएं। बोर्ड परीक्षा सिर पर आ गया है। 10 जनवरी तक यह समस्या बनी रहेगी। वजह मोतीराम अड्डा में लग रहा 500 एमबीए का ट्रांसफार्मर है।
गर्मी के दिनों में थोड़ी देर के लिए बिजली गुल होने पर लोग परेशान हो उठते थे। चूंकि ठंड है, इसलिए लोग शांत हैं। पिछले दस दिनों से शुरू हुई 11 से तीन बजे तक की कटौती महिलाओं को खलती है। क्योंकि इस वक्त महिलाएं काम निपटाकर खाली हो जाती हैं। खाली वक्त में टीवी देखकर मनोरंजन के समय उन्हें बिजली की कटौती झेलनी पड़ती है। तीन बजे जब बिजली आती है तो बच्चे स्कूल से आ जाते हैं। ऐसे में महिलाएं फिर व्यस्त हो जाती हैं। दिन की कटौती महिलाओं को खलती है तो रात में विद्यार्थी परेशान हो जाते हैं। बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी से शुरू होने वाली हैं। तैयारियों के लिए दो माह का समय है। रात का वक्त छात्र-छात्राओं के पढ़ाई का होता है। ऐसे में बिजली साथ नहीं दे रही है। इन्वर्टर वाले घरों के बच्चे तो तैयारी कर लेते हैं, लेकिन जो गांव से शहर में आकर पढ़ाई करते हैं, उनके समक्ष बड़ी समस्या है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि रात के वक्त बिजली की कटौती बंद होनी चाहिए। इस बाबत बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर रोशन ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कटौती नहीं हो रही है। मोतीराम अड्डा में अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लग रहा है, इसलिए कटौती की जा रही है।
कटौती से चार जिले प्रभावित
मोतीराम अड्डा में लग रहे 500 एमबीए ट्रांसफार्मर से चार जिले प्रभावित हैं। ये जिले गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज हैं। सभी जगहों पर बिजली की कटौती की जा रही है। 10 जनवरी तक काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद भरपूर बिजली मिलने की उम्मीद है।
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इधर-उधर पड़े हैं अग्निसुरक्षा यंत्र
विद्युत सुविधा केंद्र 33/11 केवी नाथनगर देवरिया में अग्निसुरक्षा यंत्र इधर-उधर पड़े हैं। जहां बड़े-बड़े ट्रांसफार्मर लगे हैं, वहां घास-फूस उगे हैं। जंग लगे अग्निसुरक्षा यंत्र में कौन ठीक है, कौन नहीं वहां तैनात कर्मचारी भी नहीं बताए पाए। जब उनसे पूछा गया कि ये कैसे चलता है तो बगले झांकने लगे। इंडिया मार्का हैंडपंप भी खराब है।
ट्रांसफार्मरों के स्क्रैप दे रहे दुर्घटना को दावत
भटवलिया स्थित विद्युत विभाग के परिसर में जले और खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए वर्कशॉप भी है। सैकड़ों की संख्या में खराब ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए आए हैं। इससे निकले स्क्रैप दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। 12 मार्च-2014 को यहां भीषण आग भी लग चुकी है। इसके बावजूद महकमा चेत नहीं रहा है। वर्कशॉप से सटे पेट्रोल पंप भी है। एक अनुमान के तहत 50 टन स्क्रैप वर्कशॉप में रखा है। वर्कशॉप के जूनियर इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि ठंड में ट्रांसफार्मरों के जलने की संख्या में कमी आई है। क्योंकि बिजली की खपत कम हो जाती है। 150 ट्रांसफार्मर बनकर तैयार हैं।
विद्यार्थी बोले, पढ़ाई के वक्त मिले बिजली
देवरिया खास के अजीत कुशवाहा इंटर के छात्र हैं। रात में बिजली कटौती से दुखी हैं। अजीत का कहना है कि उसके घर इन्वर्टर नहीं है। बिजली पर ही निर्भर है। रात में 12 बजे तक बिजली नहीं रहने पर पढ़ाई बाधित हो रही है। रात के जगह दिन में कटौती की जाए ताकि बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में लगे विद्यार्थी आसानी से पढ़ाई कर सकें। संकट मोचन नगर के रहने वाले आदित्य दुबे हाईस्कूल के छात्र हैं। कहा कि गर्मी हो या ठंड बिजली हमेशा परेशान करती है। बोर्ड परीक्षा करीब है। रात में बिजली काटकर सरकार बच्चों का भविष्य चौपट कर रही है। साकेतनगर के गोविंद ठाकुर इंटर के छात्र हैं। गोविंद की रात की बिजली कटौती से खुश नहीं हैं। बैतालपुर के अविनाश चौहान शहर में किराये के मकान में रहकर हाईस्कूल की पढ़ाई करते हैं। इनका कहना कि पहली बार बोर्ड की परीक्षा देने जा रहे हैं। रात की बिजली कटौती से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
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गर्मी के दिनों में थोड़ी देर के लिए बिजली गुल होने पर लोग परेशान हो उठते थे। चूंकि ठंड है, इसलिए लोग शांत हैं। पिछले दस दिनों से शुरू हुई 11 से तीन बजे तक की कटौती महिलाओं को खलती है। क्योंकि इस वक्त महिलाएं काम निपटाकर खाली हो जाती हैं। खाली वक्त में टीवी देखकर मनोरंजन के समय उन्हें बिजली की कटौती झेलनी पड़ती है। तीन बजे जब बिजली आती है तो बच्चे स्कूल से आ जाते हैं। ऐसे में महिलाएं फिर व्यस्त हो जाती हैं। दिन की कटौती महिलाओं को खलती है तो रात में विद्यार्थी परेशान हो जाते हैं। बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी से शुरू होने वाली हैं। तैयारियों के लिए दो माह का समय है। रात का वक्त छात्र-छात्राओं के पढ़ाई का होता है। ऐसे में बिजली साथ नहीं दे रही है। इन्वर्टर वाले घरों के बच्चे तो तैयारी कर लेते हैं, लेकिन जो गांव से शहर में आकर पढ़ाई करते हैं, उनके समक्ष बड़ी समस्या है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि रात के वक्त बिजली की कटौती बंद होनी चाहिए। इस बाबत बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर रोशन ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कटौती नहीं हो रही है। मोतीराम अड्डा में अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लग रहा है, इसलिए कटौती की जा रही है।
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कटौती से चार जिले प्रभावित
मोतीराम अड्डा में लग रहे 500 एमबीए ट्रांसफार्मर से चार जिले प्रभावित हैं। ये जिले गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज हैं। सभी जगहों पर बिजली की कटौती की जा रही है। 10 जनवरी तक काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद भरपूर बिजली मिलने की उम्मीद है।
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इधर-उधर पड़े हैं अग्निसुरक्षा यंत्र
विद्युत सुविधा केंद्र 33/11 केवी नाथनगर देवरिया में अग्निसुरक्षा यंत्र इधर-उधर पड़े हैं। जहां बड़े-बड़े ट्रांसफार्मर लगे हैं, वहां घास-फूस उगे हैं। जंग लगे अग्निसुरक्षा यंत्र में कौन ठीक है, कौन नहीं वहां तैनात कर्मचारी भी नहीं बताए पाए। जब उनसे पूछा गया कि ये कैसे चलता है तो बगले झांकने लगे। इंडिया मार्का हैंडपंप भी खराब है।
ट्रांसफार्मरों के स्क्रैप दे रहे दुर्घटना को दावत
भटवलिया स्थित विद्युत विभाग के परिसर में जले और खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए वर्कशॉप भी है। सैकड़ों की संख्या में खराब ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए आए हैं। इससे निकले स्क्रैप दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। 12 मार्च-2014 को यहां भीषण आग भी लग चुकी है। इसके बावजूद महकमा चेत नहीं रहा है। वर्कशॉप से सटे पेट्रोल पंप भी है। एक अनुमान के तहत 50 टन स्क्रैप वर्कशॉप में रखा है। वर्कशॉप के जूनियर इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि ठंड में ट्रांसफार्मरों के जलने की संख्या में कमी आई है। क्योंकि बिजली की खपत कम हो जाती है। 150 ट्रांसफार्मर बनकर तैयार हैं।
विद्यार्थी बोले, पढ़ाई के वक्त मिले बिजली
देवरिया खास के अजीत कुशवाहा इंटर के छात्र हैं। रात में बिजली कटौती से दुखी हैं। अजीत का कहना है कि उसके घर इन्वर्टर नहीं है। बिजली पर ही निर्भर है। रात में 12 बजे तक बिजली नहीं रहने पर पढ़ाई बाधित हो रही है। रात के जगह दिन में कटौती की जाए ताकि बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में लगे विद्यार्थी आसानी से पढ़ाई कर सकें। संकट मोचन नगर के रहने वाले आदित्य दुबे हाईस्कूल के छात्र हैं। कहा कि गर्मी हो या ठंड बिजली हमेशा परेशान करती है। बोर्ड परीक्षा करीब है। रात में बिजली काटकर सरकार बच्चों का भविष्य चौपट कर रही है। साकेतनगर के गोविंद ठाकुर इंटर के छात्र हैं। गोविंद की रात की बिजली कटौती से खुश नहीं हैं। बैतालपुर के अविनाश चौहान शहर में किराये के मकान में रहकर हाईस्कूल की पढ़ाई करते हैं। इनका कहना कि पहली बार बोर्ड की परीक्षा देने जा रहे हैं। रात की बिजली कटौती से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।