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ठंड का कहर बरकरार
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:07 PM IST
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ठंड से बचाव के लिए लोगों के शरीर पर ऊनी कपड़ा पहने लोग
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। ठंड का कहर बरकरार है, इससे हर कोई परेशान है। सूर्यदेव शनिवार को भले ही थोड़ी देर के लिए खुश हुए हों, लेकिन ठंड से निजात फिलहाल मिलता नहीं दिख रहा है। पारा दिनोंदिन नीचे गिर रहा है। पारा लुढ़क कर पांच पर पहुंच गया है। लोग ठंड से कांप रहे हैं। बुजुर्गों की मानें तो ऐसी ठंड कई वर्षों बाद आई है। यह ठंड बच्चों और बुजुर्गों को खासा परेशान कर रही है। उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
पिछले 10 दिन से सूर्यदेव बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल खेल रहे हैं। शुक्रवार को तो इस तरह की ठंड थी कि लोग खड़े-खड़े कांप रहे थे। शनिवार को भी ठंड से राहत नहीं मिली। 1.45 बजे सूर्यदेव ने थोड़ी देर के लिए दर्शन दिया। इसके बाद बादलों में छिप गई। शाम के वक्त गलन ऐसी बढ़ी कि लोग घरों में दुबक गए। सड़कों पर शाम ढलते ही सन्नाटा पसर गया। ठंड ने दुकानदारों के दुकानदारी पर भी असर डाल दिया है। घरों से लोगों के कम निकलने की वजह से बहुत से दुकानदारों को बोहनी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। सरकारी कार्यालयों में भी ठंड का असर दिखाई दे रहा है। कर्मचारी आ तो जरूर रहे हैं, लेकिन ठंड से बचने के लिए अलाव के सामने बैठे रहे। महिलाओं को बच्चों को सुरक्षित रखने की सबसे ज्यादा चिंता है। यात्रा करने वाले अभिभावक अपने बच्चों को इस कदर ढक कर रख रहे हैं कि उन्हें ठंड न लगने पाए। जिला अस्पताल में उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। डॉक्टर ने सलाह दी है कि ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल भरपूर करें। गर्म पानी के सेवन से भी ठंड से निजात मिल सकती है।
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पिछले 10 दिन से सूर्यदेव बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल खेल रहे हैं। शुक्रवार को तो इस तरह की ठंड थी कि लोग खड़े-खड़े कांप रहे थे। शनिवार को भी ठंड से राहत नहीं मिली। 1.45 बजे सूर्यदेव ने थोड़ी देर के लिए दर्शन दिया। इसके बाद बादलों में छिप गई। शाम के वक्त गलन ऐसी बढ़ी कि लोग घरों में दुबक गए। सड़कों पर शाम ढलते ही सन्नाटा पसर गया। ठंड ने दुकानदारों के दुकानदारी पर भी असर डाल दिया है। घरों से लोगों के कम निकलने की वजह से बहुत से दुकानदारों को बोहनी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। सरकारी कार्यालयों में भी ठंड का असर दिखाई दे रहा है। कर्मचारी आ तो जरूर रहे हैं, लेकिन ठंड से बचने के लिए अलाव के सामने बैठे रहे। महिलाओं को बच्चों को सुरक्षित रखने की सबसे ज्यादा चिंता है। यात्रा करने वाले अभिभावक अपने बच्चों को इस कदर ढक कर रख रहे हैं कि उन्हें ठंड न लगने पाए। जिला अस्पताल में उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। डॉक्टर ने सलाह दी है कि ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल भरपूर करें। गर्म पानी के सेवन से भी ठंड से निजात मिल सकती है।
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