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तकनीक अपना उपज बढ़ाएं किसान: डीएम
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:18 PM IST
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विकास भवन सभागार में आयोजित गोष्ठी में किसानों के साथ बैठक करते सीडीओ
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि किसान तकनीक अपनाकर उपज बढ़ा सकते हैं। पारंपरिक खेती छोड़ किसानों को आधुनिक खेती करनी चाहिए। इसी में उनकी भलाई है। डीएम शुक्रवार को विकास भवन के सभागार में जनपद स्तरीय रबी उत्पादन गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
डीएम ने गोष्ठी के जरिए किसानों को नई तकनीक की जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए कॉल सेंटर खोला गया है। इसका नंबर 18001801551 है। किसानों को यदि कोई समस्या हो तो इस नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक आधारित खेती का जमाना है। इसे अपनाकर किसान मालामाल हो सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार पटेल ने बताया कि किसानों के लिए विभाग ने तमाम योजनाएं चला रखी हैं।
इन्हीं में एक है पारदर्शी किसान पंजीकरण योजना। इस योजना में किसान पंजीकरण कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। पंजीकरण कराने के लिए किसानों को इधर-उधर भटकने की जरूरत भी नहीं है। राजकीय कृषि बीज भंडार पर जाकर वहां के कंप्यूटर ऑपरेटर से किसान अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले गेहूं बीजों पर 14 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान देय था, अब उसे बढ़ाकर 16 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। चना बीज में इस समय अनुभव प्रजाति एवं सरसों बीज में पंत पीली प्रजाति का बीज आया है। इसकी बुआई कर किसान अधिक उत्पादन कर सकते हैं। सीडीओ राजेश त्यागी ने किसानों को फसलों की बुआई के साथ ही मत्स्य पालन की सलाह दी।
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डीएम ने गोष्ठी के जरिए किसानों को नई तकनीक की जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए कॉल सेंटर खोला गया है। इसका नंबर 18001801551 है। किसानों को यदि कोई समस्या हो तो इस नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक आधारित खेती का जमाना है। इसे अपनाकर किसान मालामाल हो सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार पटेल ने बताया कि किसानों के लिए विभाग ने तमाम योजनाएं चला रखी हैं।
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इन्हीं में एक है पारदर्शी किसान पंजीकरण योजना। इस योजना में किसान पंजीकरण कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। पंजीकरण कराने के लिए किसानों को इधर-उधर भटकने की जरूरत भी नहीं है। राजकीय कृषि बीज भंडार पर जाकर वहां के कंप्यूटर ऑपरेटर से किसान अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले गेहूं बीजों पर 14 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान देय था, अब उसे बढ़ाकर 16 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। चना बीज में इस समय अनुभव प्रजाति एवं सरसों बीज में पंत पीली प्रजाति का बीज आया है। इसकी बुआई कर किसान अधिक उत्पादन कर सकते हैं। सीडीओ राजेश त्यागी ने किसानों को फसलों की बुआई के साथ ही मत्स्य पालन की सलाह दी।
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