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सुरक्षा मानकों के बगैर हो रहा फोरलेन निर्माण

Sat, 17 Nov 2018 10:43 PM IST
Updated Sat, 17 Nov 2018 10:43 PM IST
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सुरक्षा मानकों के बगैर हो रहा फोरलेन निर्माण
सुरक्षा मानकों के बगैर हो रहा फोरलेन निर्माण
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डिवाइडर के लिए खोदे गए गड्ढों के पास नहीं लगे संकेतक
फट रहे वाहनों के टॉयर, गड्ढे में जा रही यात्रियों से भरी बस
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। एक तरफ जिले की पुलिस यातायात माह में लोगों को सड़क सुरक्षा के पाठ पढ़ा रही है तो दूसरी ओर पीडब्लूडी अधिकारी सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर सड़क निर्माण में जुटे हैं। इसका ताजा उदाहरण जिले का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट फोरलेन है। जनपद में गुणवत्तापूर्ण फोरलेन निर्माण की जिम्मेदारी चार एई व दस जेई को सौंपी गई है। पूरा डिवीजन इस बड़े प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग में जुटा है। बावजूद इसके कहीं भी सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है।
खंड-खंड में हो रहे फोरलेन निर्माण के चलते राहगीरों को सड़क का अंदाजा नहीं है। सड़क पर चलने के दौरान कब बड़ा गड्ढा अचानक सामने आ जाए यह जान पाना वाहन चालकों के लिए कठिन है। सड़क किनारे करीब दो से ढाई फीट तक गड्ढे खोदे गए हैं। गड्ढों को भरने के लिए सड़क से लगकर कंकड़-पत्थर गिराए गए हैं। इसके लिए ऐसे कोई संकेतक नहीं लगाए जा रहे। इससे वाहन चालकों को सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे की जानकारी मिल सके। गुलाबी सर्दी के साथ रात के आठ बजते ही कोहरे की चादरें पसरने लगी हैं। कोहरे की वजह से वाहनों के लाइट पूरी तरह काम नहीं कर पा रहे हैं। कोरम पूरा करने में जुटे जेई, इंजीनियरों की ओर से जो बालू भरी बोरियां रखवाई गई थीं वह सड़क पर होने के बजाय गड्ढों में गिरी पड़ी हैं। जो बोरे बचे हैं, उन पर रेडियम स्टीकर नहीं होने के चलते रात में दिखाई नहीं पड़ते हैं। आईटीआई चौराहा स्थित नवीन सब्जी मंडी गेट से सोनूघाट चौराहे तक सड़क के बीच में डिवाइडर बनाने के लिए करीब दो मीटर सड़क तोड़ी गई है। किनारों पर रखे बालू भरे बोरे गड्ढे में जा गिरे हैं। रात में कोहरे के चलते वाहनों के पहिये गड्ढों में जाने से वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं। आए दिन वाहनों के टॉयर फट रहे हैं। लोग दुर्घटना से बाल-बाल बच रहे हैं। यह स्थिति पीडब्लूडी दफ्तर से महज एक किमी दूर की है। दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा मानकों का और भी बुरा हाल है।
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बाल-बाल बची थी 47 लोगों की जान
एक सप्ताह पूर्व पीडब्लूडी की लापरवाही के चलते करीब 47 लोगों की जान जाते-जाते बच गई। खरोह चौराहे के पास निर्माणाधीन फोरलेन पर संकेतक नहीं होने के चलते जनरथ बस अनियंत्रित होकर 15 फीट नीचे गड्ढे में चली गई। गनीमत रही कि गड्ढे में जाने के बावजूद बस पलटने से बच गई। इसमें सवार यात्रियों को हल्की चोट आईं। किसी के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। शुक्रवार की रात सोनूघाट के पास एक ट्रक डिवाइडर के लिए बनाए गड्ढे में उतर गया। वापस सड़क पर चढ़ाने के दौरान उसका अगला टॉयर फट गया। ट्रक अनियंत्रित होकर दूसरे किनारे पर जा पहुंचा।
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निर्माणाधीन सड़क पर संकेतक चिह्न नहीं लगाना बड़ी चूक है। फिलहाल में लखनऊ में हूं, वापस लौटते ही सभी इंजीनियरों को सुरक्षा मानक पूरा करने के लिए सख्त निर्देश जारी करूंगा।
- डीके चौधरी, एक्सईएन, प्रांतीय खंड देवरिया।
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