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Deoria News: मीटर विभाग और बिजली निगम की खींचातानी में फंसे 1.80 लाख उपभोक्ता
Wed, 13 Dec 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 13 Dec 2023 01:07 AM IST
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देवरिया। विभागीय उदासीनता और बिजली बिल में गड़बड़ी की वजह से ओटीएस का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है। मीटर विभाग और बिजली निगम के अफसर एक-दूसरे की गलती बताकर मामले को टरका रहे हैं। इसका नतीजा रहा कि ओटीएस के पहले चरण में सिर्फ 27500 किसानों ने बकाया 32 करोड़ रुपये जमा कराए। अभी 1.80 लाख किसान योजना का लाभ लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
बिजली निगम की ओर से बकायादारों की सहूलियत के लिए तीन चरणों में ओटीएस लागू की गई है। एक से 30 नवंबर तक पहले चरण में बिजली का बकाया बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को ब्याज की पूरी छूट थी। इसके बावजूद मात्र 27500 लोगों ने ही अपना बिल जमा किया। बिजली बिल में गड़बड़ी के कारण अधिकांश उपभोक्ता ओटीएस नहीं करा सके। देवरिया, सलेमपुर, बरहज, गौरीबाजार डिवीजन में 50 हजार से अधिक बिजली बिल में गड़बड़ी सामने आई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि मनमानी तरीके से बिल भेजा जा रहा है। उसी बिल को जेई, एसडीओ योजना का लाभ लेकर जमा करने की बात कह रहे हैं। इसलिए उपभोक्ता बकाया बिजली का बिल जमा करने से कतरा रहे हैं। वहीं मीटर विभाग की ओर से आउटसोर्सिंग पर रखे गए मीटर रीडरों की मनमानी का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि निगम के अफसरों ने अगर अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो योजना के दूसरे चरण में बकाया बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या और कम हो जाएगी।
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एक जेई निलंबित, दो को दिया गया नोटिस
ओटीएस योजना में रुचि नहीं लेने वाले भाटपाररानी के जेई गोरख गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है, जबकि लार के जेई राजकुमार प्रसाद और सलेमपुर ग्रामीण क्षेत्र के जेई विजय कुमार को नोटिस दिया गया है। ओटीएस में बकाया बिल जमा कराने में बरहज डिवीजन आगे है। सलेमपुर डिवीजन की प्रगति खराब है। एसई जीसी यादव ने सोमवार को सभी एसडीओ की बैठक कर ओटीएस के दूसरे चरण में पहले चरण से अधिक उपभोक्ताओं से बिल जमा कराने के निर्देश दिए।
मीटर रीडरों की गड़बड़ी की शिकायत एसई, एक्सईएन और एसडीओ कार्यालय से होकर मेरे पास आती है। मीटर से जुड़ी या कोई भी शिकायत सीधे मुझसे नहीं की जा सकती है। उन अफसरों के माध्यम से जो शिकायतें आती हैं, उसका समाधान कराया जाता है। - मनोज कुमार सिंह, मीटर विभाग एक्सईएन
बिजली बिल में गड़बड़ी की जो भी शिकायतें आ रही है, उसे एसडीओ के स्तर से निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं। मीटर रीडरों की वजह से बिल में गड़बड़ी की शिकायत बढ़ी है। ऐसी शिकायतों पर नजर रखी जा रही है।- जीसी यादव, एसई
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बिजली निगम की ओर से बकायादारों की सहूलियत के लिए तीन चरणों में ओटीएस लागू की गई है। एक से 30 नवंबर तक पहले चरण में बिजली का बकाया बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को ब्याज की पूरी छूट थी। इसके बावजूद मात्र 27500 लोगों ने ही अपना बिल जमा किया। बिजली बिल में गड़बड़ी के कारण अधिकांश उपभोक्ता ओटीएस नहीं करा सके। देवरिया, सलेमपुर, बरहज, गौरीबाजार डिवीजन में 50 हजार से अधिक बिजली बिल में गड़बड़ी सामने आई है।
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उपभोक्ताओं का कहना है कि मनमानी तरीके से बिल भेजा जा रहा है। उसी बिल को जेई, एसडीओ योजना का लाभ लेकर जमा करने की बात कह रहे हैं। इसलिए उपभोक्ता बकाया बिजली का बिल जमा करने से कतरा रहे हैं। वहीं मीटर विभाग की ओर से आउटसोर्सिंग पर रखे गए मीटर रीडरों की मनमानी का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि निगम के अफसरों ने अगर अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो योजना के दूसरे चरण में बकाया बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या और कम हो जाएगी।
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एक जेई निलंबित, दो को दिया गया नोटिस
ओटीएस योजना में रुचि नहीं लेने वाले भाटपाररानी के जेई गोरख गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है, जबकि लार के जेई राजकुमार प्रसाद और सलेमपुर ग्रामीण क्षेत्र के जेई विजय कुमार को नोटिस दिया गया है। ओटीएस में बकाया बिल जमा कराने में बरहज डिवीजन आगे है। सलेमपुर डिवीजन की प्रगति खराब है। एसई जीसी यादव ने सोमवार को सभी एसडीओ की बैठक कर ओटीएस के दूसरे चरण में पहले चरण से अधिक उपभोक्ताओं से बिल जमा कराने के निर्देश दिए।
मीटर रीडरों की गड़बड़ी की शिकायत एसई, एक्सईएन और एसडीओ कार्यालय से होकर मेरे पास आती है। मीटर से जुड़ी या कोई भी शिकायत सीधे मुझसे नहीं की जा सकती है। उन अफसरों के माध्यम से जो शिकायतें आती हैं, उसका समाधान कराया जाता है। - मनोज कुमार सिंह, मीटर विभाग एक्सईएन
बिजली बिल में गड़बड़ी की जो भी शिकायतें आ रही है, उसे एसडीओ के स्तर से निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं। मीटर रीडरों की वजह से बिल में गड़बड़ी की शिकायत बढ़ी है। ऐसी शिकायतों पर नजर रखी जा रही है।- जीसी यादव, एसई