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गोंड़ समाज ने आगे बढ़ने का संकल्प लिया
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टाउनहाल में भारतवर्षिय गोंड आदिवासी महासभा के तरफ से आयोजित वीरांगना महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर मंचासीन मुख्य अतिथि ।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। भारतवर्षीय गोंड आदिवासी महासभा की ओर से सोमवार को वीरांगना महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाया गया। टाउनहाल से शोभायात्रा निकाली, जो शहर के विभिन्न जगहों से होकर गुजरी। समारोह कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज के इतिहास को याद करते हुए और इससे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
सुबह 10 बजे महारानी दुर्गावती की शोभायात्रा निकली। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अनुसूूचित जाति एवं जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष अनुसूईया उईके ने इसे झंडी दिखाकर रवाना किया। नगरपालिका रोड, तहसील रोड, स्टेशन रोड, मोतीलाल रोड, पोस्टमार्टम चौराहा, कचहरी चौराहा होते वापस टाउनहाल पर आकर समाप्त हुई। यहां आयोजित बलिदान दिवस समारोह में मुख्य अतिथि ने कहा कि गोंड़ों का इतिहास बहुत ही पुराना है । इनके शौर्य और पराक्रम की गाथाओं से इतिहास के पन्ने भरे पड़े हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में गोंड जाति के प्रति भेदभाव रखना ठीक नहीं है। आयोग इनकी समस्याओं के निराकरण के लिए कटिबद्ध है। जिलाध्यक्ष मुंशी प्रसाद गोंड ने कहा कि गोंड जाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र को लेकर हमेशा संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने आयोग की उपाध्यक्ष से मांग किया कि प्रदेश में ऐसी व्यवस्था बने कि समस्त जनपदों में आदिवासी जनजातियों के प्रमाण पत्र शासन के मंशा के अनुरूप सुगमता से बन सके। इस दौरान रामधनी गोंड, जयनंद प्रसाद, बैजनाथ, हृदयानंद, डॉ.कलावती, विनय, अरुण, रामअशीष, राधेश्याम गोंड आदि मौजूद रहे।
नायक उत्थान समिति ने दिया ज्ञापन
आदिवासी नायक गोंड अनुसूचित जनजाति उत्थान समिति ने सोमवार को अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष अनुसूईया उइके को ज्ञापन सौंपा। महामंत्री शिवानंद नायक ने बताया कि डाक बंगले पर नायक जाति के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें समाज के खिलाफ हो रहे साजिश को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए आयोग को कदम उठाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में राजन नायक, सुधांशू, राकेश, सोनू, आशीष, जयप्रकाश, नंदलाल गोंड, शिव गोंड, पूर्णवासी, नवीन, जनार्दन, बेचई, डॉ.सदानंद नायक आदि शामिल रहे।
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सुबह 10 बजे महारानी दुर्गावती की शोभायात्रा निकली। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अनुसूूचित जाति एवं जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष अनुसूईया उईके ने इसे झंडी दिखाकर रवाना किया। नगरपालिका रोड, तहसील रोड, स्टेशन रोड, मोतीलाल रोड, पोस्टमार्टम चौराहा, कचहरी चौराहा होते वापस टाउनहाल पर आकर समाप्त हुई। यहां आयोजित बलिदान दिवस समारोह में मुख्य अतिथि ने कहा कि गोंड़ों का इतिहास बहुत ही पुराना है । इनके शौर्य और पराक्रम की गाथाओं से इतिहास के पन्ने भरे पड़े हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में गोंड जाति के प्रति भेदभाव रखना ठीक नहीं है। आयोग इनकी समस्याओं के निराकरण के लिए कटिबद्ध है। जिलाध्यक्ष मुंशी प्रसाद गोंड ने कहा कि गोंड जाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र को लेकर हमेशा संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने आयोग की उपाध्यक्ष से मांग किया कि प्रदेश में ऐसी व्यवस्था बने कि समस्त जनपदों में आदिवासी जनजातियों के प्रमाण पत्र शासन के मंशा के अनुरूप सुगमता से बन सके। इस दौरान रामधनी गोंड, जयनंद प्रसाद, बैजनाथ, हृदयानंद, डॉ.कलावती, विनय, अरुण, रामअशीष, राधेश्याम गोंड आदि मौजूद रहे।
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नायक उत्थान समिति ने दिया ज्ञापन
आदिवासी नायक गोंड अनुसूचित जनजाति उत्थान समिति ने सोमवार को अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष अनुसूईया उइके को ज्ञापन सौंपा। महामंत्री शिवानंद नायक ने बताया कि डाक बंगले पर नायक जाति के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें समाज के खिलाफ हो रहे साजिश को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए आयोग को कदम उठाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में राजन नायक, सुधांशू, राकेश, सोनू, आशीष, जयप्रकाश, नंदलाल गोंड, शिव गोंड, पूर्णवासी, नवीन, जनार्दन, बेचई, डॉ.सदानंद नायक आदि शामिल रहे।
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