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नाला सफाई पर लाखों खर्च, फिर भी जलजमाव
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देवरिया। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी शहर के नाले साफ नहीं हुए। इसकी वजह से पहली बारिश में ही नगर पालिका की पोल खुल गई। तीसरे दिन भी शहर के कई मोहल्ले में घनी आबादी के बीच जलभराव है। वहीं गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे बना मुख्य नाला बारिश में ध्वस्त हो गया है। इसे ठीक करने के लिए अभी तक कोई कवायद शुरू नहीं हुआ है। समय रहते नगर पालिका प्रशासन नहीं चेता तो संक्रामक बीमारियां पांव पसारने लगेंगी।
शहर की सफाई व्यवस्था पर प्रतिदिन नगर पालिका करीब 1.20 लाख रुपये 400 सफाई कर्मियों पर खर्च करती है। टेंडर नहीं होने के कारण इन्हीं सफाई कर्मियों से शहर के नालों की सफाई कराई गई थी। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि शहर सभी प्रमुख नाले की सफाई हो चुकी थी, लेकिन जब बारिश हुई तो अधिकांश नाले बंद मिले और पानी का बहाव नहीं होने के कारण सरकारी कार्यालय, दुकान और लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया। एडीएम, एसडीएम को बारिश में छाता लगा कर चोक हुए नालों की सफाई करानी पड़ी, जबकि इन नालों की सफाई लाखों रुपये खर्च किया गया है। मुसलाधार बारिश के कारण गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे बना मुख्य नाला करीब 100 फीट से अधिक ध्वस्त हो गया। इसकी वजह से पानी के बहाव की रफ्तार कम हो गई है।
चुनाव के कारण नाला सफाई का टेंडर नहीं हुआ था। नगरपालिका के कर्मचारियों की टोली बनाकर नालों की सफाई कराई गई है। तेज बारिश और ओवरब्रिज के नीचे मुख्य नाला ध्वस्त होने के कारण मुख्य नाला क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी वजह से जलजमाव हुआ है। अब शहर की हालत सामान्य है, जहां पर जलजमाव या गंदगी है, उसे साफ कराने के लिए सफाई इंस्पेक्टर राजीव शुक्ला को निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
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सत्यप्रकाश सिंह, ईओ नगर पालिका
इन नालों की सफाई कराने का दावा
कोतवाली रोड का नाला, खरजरवा से गोस्थान तक का नाला, सिविल लाइन के पूर्वी छोर का नाला, चिरैया ढाला से भटवलिया तक का नाला, हनुमान मंदिर से रामनाथ देवरिया तक का नाला, भुजौली कालोनी का नाला, महाराणा प्रताप कालोनी का नाला, पुलिस लाइन से सिंचाई विभाग चौराहा तक का नाला, सिंचाई विभाग से खरजरवा मोड़ तक का नाले की सफाई कराने का दावा नगर पालिका कर रही है।
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शहर की सफाई व्यवस्था पर प्रतिदिन नगर पालिका करीब 1.20 लाख रुपये 400 सफाई कर्मियों पर खर्च करती है। टेंडर नहीं होने के कारण इन्हीं सफाई कर्मियों से शहर के नालों की सफाई कराई गई थी। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि शहर सभी प्रमुख नाले की सफाई हो चुकी थी, लेकिन जब बारिश हुई तो अधिकांश नाले बंद मिले और पानी का बहाव नहीं होने के कारण सरकारी कार्यालय, दुकान और लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया। एडीएम, एसडीएम को बारिश में छाता लगा कर चोक हुए नालों की सफाई करानी पड़ी, जबकि इन नालों की सफाई लाखों रुपये खर्च किया गया है। मुसलाधार बारिश के कारण गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे बना मुख्य नाला करीब 100 फीट से अधिक ध्वस्त हो गया। इसकी वजह से पानी के बहाव की रफ्तार कम हो गई है।
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चुनाव के कारण नाला सफाई का टेंडर नहीं हुआ था। नगरपालिका के कर्मचारियों की टोली बनाकर नालों की सफाई कराई गई है। तेज बारिश और ओवरब्रिज के नीचे मुख्य नाला ध्वस्त होने के कारण मुख्य नाला क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी वजह से जलजमाव हुआ है। अब शहर की हालत सामान्य है, जहां पर जलजमाव या गंदगी है, उसे साफ कराने के लिए सफाई इंस्पेक्टर राजीव शुक्ला को निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
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सत्यप्रकाश सिंह, ईओ नगर पालिका
इन नालों की सफाई कराने का दावा
कोतवाली रोड का नाला, खरजरवा से गोस्थान तक का नाला, सिविल लाइन के पूर्वी छोर का नाला, चिरैया ढाला से भटवलिया तक का नाला, हनुमान मंदिर से रामनाथ देवरिया तक का नाला, भुजौली कालोनी का नाला, महाराणा प्रताप कालोनी का नाला, पुलिस लाइन से सिंचाई विभाग चौराहा तक का नाला, सिंचाई विभाग से खरजरवा मोड़ तक का नाले की सफाई कराने का दावा नगर पालिका कर रही है।