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पहली बारिश में दफ्तरों-दुकानों में घुसा पानी
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एसपी कार्यालय में घुसा बारिश का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। शुक्रवार की रात हुई बारिश ने जहां गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी, वहीं शहर को जलजमाव के संकट से बांध दिया। तमाम सरकारी कार्यालयों में पानी जमा होने से ताले नहीं खुले। तो कई अधिकारी अपने आवास में ही कैद होकर रह गए। नगर पालिका चेयरमैन अलका सिंह के घर में जमा पानी निकालने के लिए पंपिंगसेट लगाया गया था। सबसे ज्यादा परेशानी स्टेडियम के पास रह रहे अधिकारियों को हुई। इधर जाने वाली सभी सड़कों पर काफी जलजमाव था। साइलेंसर में पानी घुसने से वाहन बंद हो जा रहे थे। कलेक्ट्रेट के सभी दफ्तरों में पानी जमा होने ताला लटका था। डीएम, एसडीएम, एडीएम सभी के कार्यालय पानी से घिरे हुए थे। एसपी कार्यालय, पासपोर्ट कार्यालय, पीडब्लूडी निर्माण खंड, प्रांतीय खंड, अधीक्षण अभियंता पीडब्लूडी के कार्यालय में पानी जमा होने के चलते ज्यादातर अधिकारी, कर्मचारी दफ्तर नहीं आए। इधर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का भी बुरा हाल था। तमाम दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों के सामान नुकसान हुए। कोई मोटर के जरिए बारिश का पानी बाहर करने में लगा था तो कोई थाली से। करीब 11 बजे चेयरमैन अलका सिंह ने शहर के कई मोहल्लों व सरकारी कार्यालयों का हॉल जाना। दोपहर बाद शहर वासियों को जलजमाव की समस्या से निजात मिली।
भीग गए जरूरी दस्तावेज
कलेक्ट्रेट स्थित अधिकांश दफ्तरों में पानी घुसने से आलमारी में रखे फाइल भीग गए। कुछ कार्यालयों के कर्मचारी भीगी फाइल निकालकर सुखाने में लगे थे तो वहीं कई दफ्तरों में पानी भरा होने के बावजूद कोई सुध लेने वाला नहीं था। डीएम कार्यालय, एसपी कार्यालय, डाक बंगला, जेल कैंपस, जिला अस्पताल परिसर, मृदा परीक्षण कार्यालय, कृषि कार्यालय, तहसील कार्यालय बीएसए कार्यालय, विकास भवन कैंपस के अलावा देवरिया खास, चकियवा, खरजरवा, सिविल लाइन, रामनाथ देवरिया, भुजौली समेत कई मोहल्ले में कुछ देर के लिए बाढ़ जैसा हालात हो गया था। जलनिकासी नहीं होने पर दिन में करीब दो बजे एडीएम प्रशासन राकेश पटेल और एसडीएम दिनेश मिश्र जेसीबी लेकर शहर में निकले। सिविल लाइन पर जाम हुए नाला और चेंबर की सफाई शुरू कराया तो शाम तक जलजमाव से लोगों को राहत मिली। नगर पालिका अध्यक्ष के आवास के अलावा, राघवनगर, सिविल लाइन के कई दुकानों में भी पानी भर गया है। समय रहते नगर पालिका प्रशासन नहीं चेता तो बरसात के मौसम में शहर के कई मोहल्ले बारिश की पानी से डूब जाएंगे। इस बाबत एसडीए दिनेश मिश्र ने बताया कि नगर पालिका की लापरवाही से जलजमाव हुआ है। नालों की सफाई ठीक से नहीं हुई है। इसके लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
प्लास्टिक ग्लास और पॉलिथीन से भरे थे नाले
जलजमाव के बाद अफसर नालों की सफाई के लिए निकले तो चेंबर और नाले पॉलिथीन और प्लास्टिक के ग्लास से पटे थे। सड़क के किनारे ठेला पर सत्तू, जूस अन्य खाद्य पदार्थों की दुकान लगाने वाले इसका इस्तेमाल कर नालियों में फेंक देते हैं। एडीएम प्रशासन ने एसडीएम को सड़क के किनारे बिना डस्टबीन रखे ठेला लगाने वालों से जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया।
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भीग गए जरूरी दस्तावेज
कलेक्ट्रेट स्थित अधिकांश दफ्तरों में पानी घुसने से आलमारी में रखे फाइल भीग गए। कुछ कार्यालयों के कर्मचारी भीगी फाइल निकालकर सुखाने में लगे थे तो वहीं कई दफ्तरों में पानी भरा होने के बावजूद कोई सुध लेने वाला नहीं था। डीएम कार्यालय, एसपी कार्यालय, डाक बंगला, जेल कैंपस, जिला अस्पताल परिसर, मृदा परीक्षण कार्यालय, कृषि कार्यालय, तहसील कार्यालय बीएसए कार्यालय, विकास भवन कैंपस के अलावा देवरिया खास, चकियवा, खरजरवा, सिविल लाइन, रामनाथ देवरिया, भुजौली समेत कई मोहल्ले में कुछ देर के लिए बाढ़ जैसा हालात हो गया था। जलनिकासी नहीं होने पर दिन में करीब दो बजे एडीएम प्रशासन राकेश पटेल और एसडीएम दिनेश मिश्र जेसीबी लेकर शहर में निकले। सिविल लाइन पर जाम हुए नाला और चेंबर की सफाई शुरू कराया तो शाम तक जलजमाव से लोगों को राहत मिली। नगर पालिका अध्यक्ष के आवास के अलावा, राघवनगर, सिविल लाइन के कई दुकानों में भी पानी भर गया है। समय रहते नगर पालिका प्रशासन नहीं चेता तो बरसात के मौसम में शहर के कई मोहल्ले बारिश की पानी से डूब जाएंगे। इस बाबत एसडीए दिनेश मिश्र ने बताया कि नगर पालिका की लापरवाही से जलजमाव हुआ है। नालों की सफाई ठीक से नहीं हुई है। इसके लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
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प्लास्टिक ग्लास और पॉलिथीन से भरे थे नाले
जलजमाव के बाद अफसर नालों की सफाई के लिए निकले तो चेंबर और नाले पॉलिथीन और प्लास्टिक के ग्लास से पटे थे। सड़क के किनारे ठेला पर सत्तू, जूस अन्य खाद्य पदार्थों की दुकान लगाने वाले इसका इस्तेमाल कर नालियों में फेंक देते हैं। एडीएम प्रशासन ने एसडीएम को सड़क के किनारे बिना डस्टबीन रखे ठेला लगाने वालों से जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया।
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