फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   पौधे लगाएं, पर्यावरण बचाएं और मजदूरी भी पाएं 17-39-25

पौधे लगाएं, पर्यावरण बचाएं और मजदूरी भी पाएं 17-39-25

Tue, 04 Jun 2019 10:44 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2019 10:44 PM IST
विज्ञापन
पौधे लगाएं, पर्यावरण बचाएं और मजदूरी भी पाएं 17-39-25
पौधे लगाएं, पर्यावरण बचाएं और मजदूरी भी पाएं
विज्ञापन


पर्यावरण संरक्षण में जन सहभागिता के लिए मनरेगा के तहत मिलेगी मजदूरी
लघु सीमांत किसानों को जोडने पर जोर, आज से शुरू होगा गड्ढा खोदाई कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण से आप चिंतित हैं तो अब चुप बैठने की जरूरत नहीं है। उठिए और अपने घर-आंगन, खेत-खलिहान में पौधे लगाइए। लघु सीमांत किसानों और मनरेगा मजदूरों के लिए तो यह दोहरे लाभ का अवसर है। खेत के मेड़ पर पौधे लगाकर जहां वह पर्यावरण बचाएंगे, वहीं देखभाल के बदले मनरेगा के तहत मजदूरी भी पाएंगे। खेतों की सुरक्षा बोनस में रहेगी। पर्यावरण दिवस के साथ सघन पौधरोपण के लिए गड्ढा खुदाई का काम बुधवार से शुरू हो रहा है। इस बार जिले में 39.47 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है।
विकास की अंधी दौड़ में वन क्षेत्र सिकुड़ते जा रहे हैं। आबादी की जरूरत पूरी करने के लिए कंक्रीट के जंगलों में तेजी से तब्दील होते शहरी क्षेत्र में अब गिनती के पेड़-पौधे ही शेष रह गए हैं। जिले में पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ही शासन ने इस बार गत वर्ष के सापेक्ष चार गुना अधिक लक्ष्य आवंटित किया है। वन विभाग के मुताबिक वर्ष 2018 में पूरे जिले में 10.85 लाख पौधे लगाए थे, जबकि इस बार 39.47 लाख पौधरोपण का लक्ष्य मिला है। सभी विभागों के जरिए जन सहभागिता के जरिए इसे पूरा करने का खाका तैयार हो रहा है। सबसे बड़ी भागीदारी ग्राम्य विकास, राजस्व और पंचायतीराज विभाग की है। लक्ष्य का 60 फीसदी इन्हीं के हिस्से है।
विज्ञापन


150 पौधे लगाने पर मिलेंगे 18200 रुपये
पौधरोपण को गति देने के लिए ग्राम विकास विभाग ने इसे मनरेगा से जोड़ा है। इसके तहत किसानों को खेत में पौधे लगाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बदले में उन्हें मजदूरी, खाद और रखवाली का पैसा भी मिलेगा। डीसी मनरेगा गजेंद्र तिवारी बताते हैं कि एक किसान अगर 150 पौधे लगाता है तो उसे सौ दिन की मजदूरी व रखवाली के खर्च रुप में 18200 रुपये दिए जाएंगे। लघु सीमांत किसानों को इससे ज्यादा से ज्यादा जोड़ने पर जोर है। करीब 26 लाख व्यक्तिगत पौधरोपण कराया जाएगा। ग्राम प्रधान के जरिए इन्हें चिह्नित करने का कार्य पूरा हो गया है। अब सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। पर्यावरण दिवस के साथ गड्ढे खोदने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पौधों की रक्षा करेंगे अभिभावक
पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर गांव में वृक्ष अभिभावक बनाए जा रहे हैं। ग्राम प्रधान, बीडीसी व सचिव के अलावा गांव के जागरूक व्यक्ति को यह जिम्मेदारी दी जा रही है। उनका दायित्व होगा कि अपने गांव में प्रमुखता से पौधरोपण कराएं और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। जिले के 1190 ग्राम पंचायतों में वृक्ष अभिभावक की तैनाती होनी है। विश्व पर्यावरण दिवस पर पथरदेवा, मेहाहरंगपुर, लार, बरहज आदि नर्सरियों में वृक्ष अभिभावक को प्रशिक्षित किया जाएगा।


पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की जागरूकता में इजाफा हुआ है। देवरिया में इस बार पौधरोपण का लक्ष्य बढ़ाया गया है। कोशिश है कि सभी विभागों के जरिए व्यापक जन सहभागिता सुनिश्चित करते हुए पौधे लगाए जाएं, जिससे उनकी सुरक्षा भी हो सकेगी। - पीके गुप्ता, डीएफओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed