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जल प्रदूषण रोकने के लिए लगेगा ट्रीटमेंट प्लांट
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- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। शहर में जल प्रदूषण की समस्या बस कुछ ही दिन रहने वाली है। शासन की पहल पर जिला प्रशासन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए जमीन की तलाश में जुट गया है। दो हेक्टेयर जमीन मिलते ही सीवर पाइप लाइन विस्तार व ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू हो जाएगा। यह सिस्टम लगाने में करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। शहर में ज्यादातर शौचालयों के सीवेज या तो खुले में गिरा दिए जाते हैं या फिर नालियों में बहते हैं। नालों का पानी नहर के रास्ते नदियों में जाने से जल प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। नदी किनारे बसे गांवों का पानी दूषित हो रहा है। ऊपरी सतह पर लगे हैंडपंप का पानी पीने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। शहर में सीवरेज सिस्टम लगने से नदियों का प्रदूषण कम होगा ही शौचालयों का गंदा पानी उपयोगी बनाया जा सकेगा। फिलहाल यह स्कीम अमृत योजना से अच्छादित शहरों के लिए लागू की गई है, जिसमें नगर पालिका परिषद देवरिया भी है। इसके लिए जल निगम ने बीते वर्ष शासन को प्रस्ताव भेजा था।
जलभराव से मिलेगी निजात
शौचालयों का गंदा पानी व घरों का कचरा आने से बरसात में शहर की नालियां उफना जाती थीं। अब इनका बहाव अलग होने से नालों में सिल्ट बेहद कम जमा होंगे। बरसात के पानी की निकासी आसानी से हो सकेगी। सिल्ट सफाई को लेकर नगर पालिका के खर्च में कमी आएगी।
नगर पालिका की बढ़ेगी आमदनी
जल निगम ने सीवरेज सिस्टम से शहर के करीब 25 हजार घरों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। घरों के शौचालय व नालियों के गंदे पानी सीवर पाइप लाइन के जरिए ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाए जाएंगे। मल-मूत्र से खाद बनेगा। वहीं ट्रीटमेंट हो चुका जल सिंचाई के काम आएगा। नाला सफाई के खर्च से तंगहाल हो रही नगर पालिका खाद व पानी बेचकर अर्जित आय विकास कार्यों पर खर्च करेगी।
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शहर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। तीन हेक्टेयर भूमि की तलाश जारी है। जमीन उपलब्ध होते ही आगे की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
- प्रदीप कुमार, एक्सईएन जल निगम
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जलभराव से मिलेगी निजात
शौचालयों का गंदा पानी व घरों का कचरा आने से बरसात में शहर की नालियां उफना जाती थीं। अब इनका बहाव अलग होने से नालों में सिल्ट बेहद कम जमा होंगे। बरसात के पानी की निकासी आसानी से हो सकेगी। सिल्ट सफाई को लेकर नगर पालिका के खर्च में कमी आएगी।
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नगर पालिका की बढ़ेगी आमदनी
जल निगम ने सीवरेज सिस्टम से शहर के करीब 25 हजार घरों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। घरों के शौचालय व नालियों के गंदे पानी सीवर पाइप लाइन के जरिए ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाए जाएंगे। मल-मूत्र से खाद बनेगा। वहीं ट्रीटमेंट हो चुका जल सिंचाई के काम आएगा। नाला सफाई के खर्च से तंगहाल हो रही नगर पालिका खाद व पानी बेचकर अर्जित आय विकास कार्यों पर खर्च करेगी।
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शहर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। तीन हेक्टेयर भूमि की तलाश जारी है। जमीन उपलब्ध होते ही आगे की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
- प्रदीप कुमार, एक्सईएन जल निगम