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जिला पंचायत : 46 करोड़ का बजट मंजूर
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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में अपनी बात रखते जिला पंचायत सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में शनिवार को वित्तीय सत्र 2019-20 के लिए सदस्यों ने 46 करोड़ नौ लाख रुपये के प्रस्तावित बजट को मंजूरी दी। जिला पंचायत को विभिन्न मदों से यह आय होगी, जिसे प्रशासनिक व निर्माण कार्यों पर खर्च किया जाएगा। इस दौरान वर्ष 2018-19 के 59 करोड़ 24 लाख रुपये के संशोधित बजट का भी अनुमोदन किया गया। अधिकांश सदस्यों के बहिष्कार के बावजूद डीएम ने कार्यवाही को पूरा कराया।
दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाली बैठक का अधिकांश सदस्यों ने बहिष्कार किया। वह 23 फरवरी को सदस्यों के विरोध के कारण स्थगित हुई बैठक को बिना वार्ता आनन-फानन में बुलाने का विरोध कर रहे थे। उनकी मांग थी कि पहले अधिकारी उन्हें संतुष्ट करें, फिर बैठक कराएं। करीब एक बजे पहुंचे बतौर अध्यक्ष डीएम अमित किशोर से भी सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई। एएमए उमेश चंद्र पटेल ने नियमों के हवाले से बताया कि उत्तर प्रदेश जिला पंचायत (कार्यवाही का संचालन) नियमावली 1962 की धारा 9 (3) के अंतर्गत यह व्यवस्था है कि अगर एक बार बैठक स्थगित हो गई तो उसी बैठक को दोबारा बुलाने पर कोरम पूरा करने की बाध्यता नहीं है। नियमों के आधार पर डीएम ने बैठक की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया।
पिछली कार्यवाही की पुष्टि के बाद वर्ष 2018-19 के संशोधित बजट को पटल पर रखा गया। पूर्व में करीब 27 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था, जबकि संशोधित बजट 59 करोड़ का था। ध्वनिमत से इसे पारित किया गया। नए वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए प्रस्तावित 46.09 करोड़ के बजट को भी मंजूरी दी गई। बैठक में विधायक रामपुर कारखाना कमलेश शुक्ल, सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पीके यादव, पीडी महेश नारायण पांडेय, उपायुक्त मनरेगा गजेंद्र तिवारी, डीपीओ प्रभात कुमार आदि मौजूद रहे।
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उपस्थित सदस्यों ने उठाई यह समस्या
56 सदस्यीय सदन में करीब 15 सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने गौरीबाजार में पेयजल टंकी का निर्माण पूर्ण कराने, वार्ड नंबर 27 के सदस्य वीरेंद्र यादव ने क्षेत्र में सड़कों का निर्माण पूरा कराने, पीएचसी की बाउंड्री, शहीद प्रेमशंकर के नाम से गेट निर्माण की मांग की। जिला पंचायत की दुकानों का निर्माण शीघ्र पूरा कराने और जिला पंचायत हॉल के किराए में हुई बेतहाशा वृद्धि को कम करने की भी मांग रखी। डीएम ने एएमए को निर्देश दिए कि सभी बचे काम समय से पूरा कराएं।
सदस्यों को मिलेंगे 5-5 सोलर लाइट
डीएम ने क्रिटिकल गैप फंड से उपस्थित सभी सदस्यों को 5-5 सोलर लाइट आवंटित करने के निर्देश दिया। अन्य सदस्यों को भी उपलब्धता के आधार पर सोलर लाइट दिया जाएगा। उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रत्येक सोमवार को शाम की तिथि नीयत की।
पुलिस हस्तक्षेप से बैठक विरोधी भड़के, सांसद के घर धरना
बैठक का बहिष्कार कर रहे सदस्यों ने जिला पंचायत कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। बताते हैं कि बैठक समाप्ति के बाद डीएम ने कोतवाल को बुलाकर विरोध कर रहे सभी सदस्यों का नाम नोट करने को कहा। पुलिस विरोधी सदस्यों का नाम नोट करके मुकदमा दर्ज करेगी, इस आशंका पर सदस्य भड़क गए। गुस्से में वे जिला पंचायत परिसर स्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री व सदर सांसद कलराज मिश्र के आवास पहुंचे और धरने पर बैठ गए। सदस्यों का कहना था कि विरोध उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन उसका हनन कर रहा है। धरना-प्रदर्शन की जानकारी पर पहुंचे सांसद ने सदस्यों की शिकायत दूर कराने का आश्वासन दिया। जिला पंचायत के संचालन के लिए प्रशासक की बजाए कमेटी गठित करने की मांग को भी सीएम तक पहुंचाने को आश्वस्त किया। विरोध करने वालों में अखंड प्रताप सिंह, राजन यादव, अजय यादव, दयानंद कुशवाहा, अरुण यादव, ओमप्रकाश तिवारी, कृष्णकांत तिवारी, शकुंतला भारती, धर्मेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
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दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाली बैठक का अधिकांश सदस्यों ने बहिष्कार किया। वह 23 फरवरी को सदस्यों के विरोध के कारण स्थगित हुई बैठक को बिना वार्ता आनन-फानन में बुलाने का विरोध कर रहे थे। उनकी मांग थी कि पहले अधिकारी उन्हें संतुष्ट करें, फिर बैठक कराएं। करीब एक बजे पहुंचे बतौर अध्यक्ष डीएम अमित किशोर से भी सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई। एएमए उमेश चंद्र पटेल ने नियमों के हवाले से बताया कि उत्तर प्रदेश जिला पंचायत (कार्यवाही का संचालन) नियमावली 1962 की धारा 9 (3) के अंतर्गत यह व्यवस्था है कि अगर एक बार बैठक स्थगित हो गई तो उसी बैठक को दोबारा बुलाने पर कोरम पूरा करने की बाध्यता नहीं है। नियमों के आधार पर डीएम ने बैठक की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया।
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पिछली कार्यवाही की पुष्टि के बाद वर्ष 2018-19 के संशोधित बजट को पटल पर रखा गया। पूर्व में करीब 27 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था, जबकि संशोधित बजट 59 करोड़ का था। ध्वनिमत से इसे पारित किया गया। नए वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए प्रस्तावित 46.09 करोड़ के बजट को भी मंजूरी दी गई। बैठक में विधायक रामपुर कारखाना कमलेश शुक्ल, सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पीके यादव, पीडी महेश नारायण पांडेय, उपायुक्त मनरेगा गजेंद्र तिवारी, डीपीओ प्रभात कुमार आदि मौजूद रहे।
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उपस्थित सदस्यों ने उठाई यह समस्या
56 सदस्यीय सदन में करीब 15 सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने गौरीबाजार में पेयजल टंकी का निर्माण पूर्ण कराने, वार्ड नंबर 27 के सदस्य वीरेंद्र यादव ने क्षेत्र में सड़कों का निर्माण पूरा कराने, पीएचसी की बाउंड्री, शहीद प्रेमशंकर के नाम से गेट निर्माण की मांग की। जिला पंचायत की दुकानों का निर्माण शीघ्र पूरा कराने और जिला पंचायत हॉल के किराए में हुई बेतहाशा वृद्धि को कम करने की भी मांग रखी। डीएम ने एएमए को निर्देश दिए कि सभी बचे काम समय से पूरा कराएं।
सदस्यों को मिलेंगे 5-5 सोलर लाइट
डीएम ने क्रिटिकल गैप फंड से उपस्थित सभी सदस्यों को 5-5 सोलर लाइट आवंटित करने के निर्देश दिया। अन्य सदस्यों को भी उपलब्धता के आधार पर सोलर लाइट दिया जाएगा। उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रत्येक सोमवार को शाम की तिथि नीयत की।
पुलिस हस्तक्षेप से बैठक विरोधी भड़के, सांसद के घर धरना
बैठक का बहिष्कार कर रहे सदस्यों ने जिला पंचायत कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। बताते हैं कि बैठक समाप्ति के बाद डीएम ने कोतवाल को बुलाकर विरोध कर रहे सभी सदस्यों का नाम नोट करने को कहा। पुलिस विरोधी सदस्यों का नाम नोट करके मुकदमा दर्ज करेगी, इस आशंका पर सदस्य भड़क गए। गुस्से में वे जिला पंचायत परिसर स्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री व सदर सांसद कलराज मिश्र के आवास पहुंचे और धरने पर बैठ गए। सदस्यों का कहना था कि विरोध उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन उसका हनन कर रहा है। धरना-प्रदर्शन की जानकारी पर पहुंचे सांसद ने सदस्यों की शिकायत दूर कराने का आश्वासन दिया। जिला पंचायत के संचालन के लिए प्रशासक की बजाए कमेटी गठित करने की मांग को भी सीएम तक पहुंचाने को आश्वस्त किया। विरोध करने वालों में अखंड प्रताप सिंह, राजन यादव, अजय यादव, दयानंद कुशवाहा, अरुण यादव, ओमप्रकाश तिवारी, कृष्णकांत तिवारी, शकुंतला भारती, धर्मेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।