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सीएचसी पर 24 घंटे चलने वाले इटीसी मिले बंद
Updated Thu, 12 Jul 2018 10:28 PM IST
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औचक निरीक्षण में बंद मिले ईटीसी, इमरजेंसी में डॉक्टर नदारद
सीएमओ के निर्देश पर रात को अचानक पहुंचे एसीएमओ, खुली पोल
भटनी में ईटीसी और इमरजेंसी सेवा मिला ठप, मझगांवा में बंद था ताला
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। इंसेफेलाइटिस के उपचार में सीएचसी पर लापरवाही बरती जा रही है। रात को औचक निरीक्षण में दो सीएचसी के ईटीसी (इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर) में ताला बंद मिला। भटनी में इमरजेंसी ड्यूटी से भी डॉक्टर और कर्मचारी गायब रहे। सीएमओ ने लापरवाही डॉक्टर और कर्मचारियों को एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है।
स्थानीय स्तर पर इंसेफेलाइटिस के त्वरित उपचार के लिए सभी सीएचसी और पीएचसी पर ईटीसी बनाई गई है। इसमें पांच बेड, जरूरी दवाओं के अलावा जरूरत के सभी उपकरण उपलब्ध हैं। इसे 24 घंटे खुला रहना चाहिए। इसके लिए एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट व स्टॉफ नर्स की ड्यूटी भी लगी है। बुधवार की शाम सीएमओ ने सभी एसीएमओ को अचानक बुलाकर ईटीसी के निरीक्षण का निर्देश दिए। डॉ. राजेंद्र प्रसाद भागलपुर पीएचसी पर 8.50 बजे पहुंचे तो ईटीसी खुला था और स्टॉफ नर्स बैठी थी। ड्यूटी पर तैनात डॉ. रजत कुमार और नित्यानंद गायब मिले। वहीं लार सीएचसी के ईटीसी पर 9.45 बजे डॉ. डीएन द्विवेदी, फार्मासिस्ट मलहूूराम कन्नौजिया और स्टॉफ नर्स मौजूद मिली। डॉ. एसएन सिंह शहर से सटे मझगांवा सीएचसी पर पहुंचे तो वहां ईटीसी बंद थी और डॉक्टर व कर्मचारी गैर हाजिर मिले। आधे घंटे इंतजार के बाद भी कोई नहीं पहुंचा। भलुअनी और महेन पीएचसी पर सब कुछ ठीक मिला। डॉ. सुरेंद्र सिंह करीब नौ बजे भटनी पीएचसी पर पहुंचे। अस्पताल में अंधेरा छाया हुआ था। ईटीसी और इमरजेंसी सेवा बंद थी। कर्मचारियों को फोन भी किए, लेकिन कोई आया नहीं। डॉ. संजय चंद रामपुर कारखाना सीएचसी पर गए। ईटीसी तो खुला था, मगर स्टॉफ नर्स गायब थी। तरकुलवा सीएचसी पर ईटीसी कक्ष में बिजली नहीं थी और डॉ. अजीत सिंह ड्यूटी से गैर हाजिर मिले। डॉ. डीवी शाही की टीम ने गौरीबाजार और बैतालपुर सीएचसी का निरीक्षण किया, जहां सब कुछ ठीक था। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि ड्यूटी से गैर हाजिर डॉक्टर और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। एक दिन का वेतन भी काटा जाएगा।
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सीएमओ के निर्देश पर रात को अचानक पहुंचे एसीएमओ, खुली पोल
भटनी में ईटीसी और इमरजेंसी सेवा मिला ठप, मझगांवा में बंद था ताला
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। इंसेफेलाइटिस के उपचार में सीएचसी पर लापरवाही बरती जा रही है। रात को औचक निरीक्षण में दो सीएचसी के ईटीसी (इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर) में ताला बंद मिला। भटनी में इमरजेंसी ड्यूटी से भी डॉक्टर और कर्मचारी गायब रहे। सीएमओ ने लापरवाही डॉक्टर और कर्मचारियों को एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है।
स्थानीय स्तर पर इंसेफेलाइटिस के त्वरित उपचार के लिए सभी सीएचसी और पीएचसी पर ईटीसी बनाई गई है। इसमें पांच बेड, जरूरी दवाओं के अलावा जरूरत के सभी उपकरण उपलब्ध हैं। इसे 24 घंटे खुला रहना चाहिए। इसके लिए एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट व स्टॉफ नर्स की ड्यूटी भी लगी है। बुधवार की शाम सीएमओ ने सभी एसीएमओ को अचानक बुलाकर ईटीसी के निरीक्षण का निर्देश दिए। डॉ. राजेंद्र प्रसाद भागलपुर पीएचसी पर 8.50 बजे पहुंचे तो ईटीसी खुला था और स्टॉफ नर्स बैठी थी। ड्यूटी पर तैनात डॉ. रजत कुमार और नित्यानंद गायब मिले। वहीं लार सीएचसी के ईटीसी पर 9.45 बजे डॉ. डीएन द्विवेदी, फार्मासिस्ट मलहूूराम कन्नौजिया और स्टॉफ नर्स मौजूद मिली। डॉ. एसएन सिंह शहर से सटे मझगांवा सीएचसी पर पहुंचे तो वहां ईटीसी बंद थी और डॉक्टर व कर्मचारी गैर हाजिर मिले। आधे घंटे इंतजार के बाद भी कोई नहीं पहुंचा। भलुअनी और महेन पीएचसी पर सब कुछ ठीक मिला। डॉ. सुरेंद्र सिंह करीब नौ बजे भटनी पीएचसी पर पहुंचे। अस्पताल में अंधेरा छाया हुआ था। ईटीसी और इमरजेंसी सेवा बंद थी। कर्मचारियों को फोन भी किए, लेकिन कोई आया नहीं। डॉ. संजय चंद रामपुर कारखाना सीएचसी पर गए। ईटीसी तो खुला था, मगर स्टॉफ नर्स गायब थी। तरकुलवा सीएचसी पर ईटीसी कक्ष में बिजली नहीं थी और डॉ. अजीत सिंह ड्यूटी से गैर हाजिर मिले। डॉ. डीवी शाही की टीम ने गौरीबाजार और बैतालपुर सीएचसी का निरीक्षण किया, जहां सब कुछ ठीक था। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि ड्यूटी से गैर हाजिर डॉक्टर और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। एक दिन का वेतन भी काटा जाएगा।
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