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कहीं राहत तो कहीं आफत बनी बारिश
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:15 PM IST
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रुद्रपुर के मोहल्लों में बरसात से जल जमाव
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। उमस भरी गर्मी का संत्रास झेल रहे लोग मानसून की पहली बारिश से झूम उठे हैं। मंगलवार की रात हुई झमाझम बारिश ने खेतिहर वर्ग को बड़ी राहत दी है तो शहरी क्षेत्र के लोगों ने भी फीलगुड महसूस किया। हालांकि बारिश के कारण जगह-जगह तार-पोल टूटने से बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। इसका खामियाजा भी लोगों को भुगतना पड़ा। सुबह कई मोहल्लों में लोग पानी के लिए तरस गए। हैंडपंपों पर भीड़ लगी रही। दोपहर में धूप से भी लोग असहज नजर आए।
मानसून का इंतजार लोगों को कई दिनों से था। आसमान में बादल उमड़-घुमड़ कर ही लौट जा रहे थे। कुछ क्षेत्रों में छिटपुट बूंदाबादी भी हुई, मगर लोगों को मानसूनी बारिश के अभाव में कोई राहत नहीं मिल पा रही थी। मंगलवार की शाम से मौसम के मिजाज में बदलाव महसूस होने लगा था। तेज ठंडी हवाओं ने गर्मी से थोड़ी राहत पहुंचाई तो रात एक बजे के बाद बारिश शुरू हो गई। घंटों तक हुई बारिश से वातावरण ठंडा हो गया। उमसभरी गर्मी से बेहाल लोगों ने ठंडी हवाओं से काफी राहत महसूस की। रुक-रुक बारिश का सिलसिला भोर तक चलता रहा। इसके बाद दिन में कई बार रिमझिम बारिश होती रही। कुछ क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति रही। शहर से इतर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखा गया। धान की नर्सरी को बचाने के लिए परेशान खेतिहर तबका बारिश के बाद रोपाई की तैयारियों में जुट गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह लोग बुधवार से ही रोपाई में जुट गए।
तार-पोल टूटने से चरमराई बिजली व्यवस्था
बारिश से जहां लोगों को राहत मिली, वहीं विद्युत व्यवस्था गड़बड़ाने से दुश्वारियां भी झेलनी पड़ी। बारिश के चलते कई जगह तार-पोल टूट गए। शहर के रामलीला मैदान विद्युत उपकेंद्र से जुड़े भुजौली कॉलोनी फीडर में फाल्ट आने से रामलीला मैदान, हनुमान मंदिर, उमानगर, भुजौली, देवरिया खास सहित कई इलाकों में दोपहर तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। न्यू कॉलोनी फीडर भी ब्रेकडाउन के कारण पांच घंटे तक बंद रहा। इसके अलावा रामनाथ देवरिया, सिविल लाइन, मालवीय रोड, कसया बाईपास सहित अन्य क्षेत्रों में भी लोकल फाल्ट से आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली कटौती के कारण पेयजल समस्या से लोग जूझते रहे। सुबह पानी नहीं मिलने से लोग यहां-वहां भटकते नजर आए। एक्सईएन संतोष कुमार ने बताया कि बारिश के कारण कई जगह पर लोकल फाल्ट से आपूर्ति प्रभावित हुई थी। सुबह 11 बजे तक सभी क्षेत्रों में आपूर्ति ठीक करा दी गई थी।
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खेती को मिली संजीवनी, तेज होगी रोपाई
उप कृषि निदेशक डॉ. एके मिश्रा ने बारिश को खेती के लिए संजीवनी करार दिया। हालांकि उन्होंने रोपाई के लिए अभी और बारिश की जरूरत बताई। कहा कि तीखी धूप से नर्सरी झुलस रही थी, बारिश के बाद उसे राहत मिली है। खेतों में नमी लौट आई है, जिससे किसान अब पंपसेट या नहर से पानी चलाकर भी रोपाई शुरू कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि नर्सरी को ऊपर से दो इंच काटकर रोपाई करें, इससे अगर नर्सरी रोगग्रस्त होगी तो उसका फसल पर असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा रोपाई से पहले नर्सरी को दो प्रतिशत जिंक के घोल में डूबो लें। कतार में रोपाई से 8-10 प्रतिशत तक उत्पादन में वृद्धि होगी। खेत में मेड़ के किनारे ढैंचा बोने की भी सलाह दी है।
दोपहर में धूप ने बढ़ाई परेशानी
बारिश के कारण सुबह मौसम ठंडा रहा तो दोपहर बाद धूप ने लोगों को बेहाल किया। बारिश के बाद की धूप अधिक पीड़ा दे रही थी। अधिकतम तापमान तो नीचे आया, लेकिन न्यूनतम तापमान में कोई खास गिरावट नहीं हुई है। इससे उमस में इजाफा हुआ है। अब बीमारियों के प्रसार की भी आशंका जताई जा रही है।
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मानसून का इंतजार लोगों को कई दिनों से था। आसमान में बादल उमड़-घुमड़ कर ही लौट जा रहे थे। कुछ क्षेत्रों में छिटपुट बूंदाबादी भी हुई, मगर लोगों को मानसूनी बारिश के अभाव में कोई राहत नहीं मिल पा रही थी। मंगलवार की शाम से मौसम के मिजाज में बदलाव महसूस होने लगा था। तेज ठंडी हवाओं ने गर्मी से थोड़ी राहत पहुंचाई तो रात एक बजे के बाद बारिश शुरू हो गई। घंटों तक हुई बारिश से वातावरण ठंडा हो गया। उमसभरी गर्मी से बेहाल लोगों ने ठंडी हवाओं से काफी राहत महसूस की। रुक-रुक बारिश का सिलसिला भोर तक चलता रहा। इसके बाद दिन में कई बार रिमझिम बारिश होती रही। कुछ क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति रही। शहर से इतर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखा गया। धान की नर्सरी को बचाने के लिए परेशान खेतिहर तबका बारिश के बाद रोपाई की तैयारियों में जुट गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह लोग बुधवार से ही रोपाई में जुट गए।
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तार-पोल टूटने से चरमराई बिजली व्यवस्था
बारिश से जहां लोगों को राहत मिली, वहीं विद्युत व्यवस्था गड़बड़ाने से दुश्वारियां भी झेलनी पड़ी। बारिश के चलते कई जगह तार-पोल टूट गए। शहर के रामलीला मैदान विद्युत उपकेंद्र से जुड़े भुजौली कॉलोनी फीडर में फाल्ट आने से रामलीला मैदान, हनुमान मंदिर, उमानगर, भुजौली, देवरिया खास सहित कई इलाकों में दोपहर तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। न्यू कॉलोनी फीडर भी ब्रेकडाउन के कारण पांच घंटे तक बंद रहा। इसके अलावा रामनाथ देवरिया, सिविल लाइन, मालवीय रोड, कसया बाईपास सहित अन्य क्षेत्रों में भी लोकल फाल्ट से आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली कटौती के कारण पेयजल समस्या से लोग जूझते रहे। सुबह पानी नहीं मिलने से लोग यहां-वहां भटकते नजर आए। एक्सईएन संतोष कुमार ने बताया कि बारिश के कारण कई जगह पर लोकल फाल्ट से आपूर्ति प्रभावित हुई थी। सुबह 11 बजे तक सभी क्षेत्रों में आपूर्ति ठीक करा दी गई थी।
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खेती को मिली संजीवनी, तेज होगी रोपाई
उप कृषि निदेशक डॉ. एके मिश्रा ने बारिश को खेती के लिए संजीवनी करार दिया। हालांकि उन्होंने रोपाई के लिए अभी और बारिश की जरूरत बताई। कहा कि तीखी धूप से नर्सरी झुलस रही थी, बारिश के बाद उसे राहत मिली है। खेतों में नमी लौट आई है, जिससे किसान अब पंपसेट या नहर से पानी चलाकर भी रोपाई शुरू कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि नर्सरी को ऊपर से दो इंच काटकर रोपाई करें, इससे अगर नर्सरी रोगग्रस्त होगी तो उसका फसल पर असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा रोपाई से पहले नर्सरी को दो प्रतिशत जिंक के घोल में डूबो लें। कतार में रोपाई से 8-10 प्रतिशत तक उत्पादन में वृद्धि होगी। खेत में मेड़ के किनारे ढैंचा बोने की भी सलाह दी है।
दोपहर में धूप ने बढ़ाई परेशानी
बारिश के कारण सुबह मौसम ठंडा रहा तो दोपहर बाद धूप ने लोगों को बेहाल किया। बारिश के बाद की धूप अधिक पीड़ा दे रही थी। अधिकतम तापमान तो नीचे आया, लेकिन न्यूनतम तापमान में कोई खास गिरावट नहीं हुई है। इससे उमस में इजाफा हुआ है। अब बीमारियों के प्रसार की भी आशंका जताई जा रही है।