{"_id":"1a4c6259e5b82f53310e2097989e5e33","slug":"12-students-grabbed-in-cheating-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 परीक्षार्थी हिन्दी में नकल करते पकड़े गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 परीक्षार्थी हिन्दी में नकल करते पकड़े गए
अमर उजाला/देवरिया
Updated Fri, 19 Feb 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन दोनों पाली में 11 परीक्षार्थी हिंदी की विषय की परीक्षा में नकल करते हुए पकड़े गए हैं। वहीं, ड्यूटी में लापरवाही करने पर चार कक्ष निरीक्षकों को कार्य मुक्त कर दिया गया है। 10वीं की परीक्षा में 18643 परीक्षार्थी अनुपस्थित मिले हैं।
प्रथम पाली में हाईस्कूल हिन्दी विषय की परीक्षा थी। पहले दिन अव्यवस्था के बीच परीक्षाएं हुई। सेक्टर मजिस्ट्रेट शासकीय वाहन के लिए तरस गए। कुछ सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने अधीनस्थों को जिम्मेदारी देकर किनारे रहे।
हालात यह रहा कि जिले के अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर धड़ल्ले से नकल कराई गई। कहीं-कहीं इमला बोलकर परीक्षा कराए जाने की सूचना मिली है। इसमें तरकुलवा, रामपुर कारखाना, देसही देवरिया, पथरदेवा, रुद्रपुर, भटनी, सलेमपुर, भागलपुर, भाटपाररानी, बरहज, बनकटा और लार के तमाम परीक्षा केंद्र शामिल हैं।
विज्ञापन
परिषदीय विद्यालयों में अध्यापन कार्य करने वाले तमाम शिक्षक अपने निजी विद्यालयों केंद्र व्यवस्थापक या कक्ष निरीक्षक बन गए हैं। इस तरह के विद्यालयों में सामूहिक रूप से रुपये लिए जाने की कंट्रोल रूम को शिकायत मिली है।
परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने सामूहिक रूप से रुपये लिए जाने की बात कह इसे प्रमाणित कर दिया। उनका कहना था कि जो लोग रुपये नहीं दे पाए हैं, उन्हें धमकी दी गई है कि अगले विषय में रुपये लकर जरूर आएंगे। सचल दस्तों की लापरवाही के चलते पहले दिन नकल कराने वाले विद्यालय अपने मकसद में कामयाब रहे। ग्रामीणों इलाकों के साथ ही शहर और शहर से सटे निजी विद्यालयों में नकल का बोलबाला रहा।
विज्ञापन
प्रथम पाली में हाईस्कूल हिन्दी विषय की परीक्षा थी। पहले दिन अव्यवस्था के बीच परीक्षाएं हुई। सेक्टर मजिस्ट्रेट शासकीय वाहन के लिए तरस गए। कुछ सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने अधीनस्थों को जिम्मेदारी देकर किनारे रहे।
विज्ञापन
हालात यह रहा कि जिले के अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर धड़ल्ले से नकल कराई गई। कहीं-कहीं इमला बोलकर परीक्षा कराए जाने की सूचना मिली है। इसमें तरकुलवा, रामपुर कारखाना, देसही देवरिया, पथरदेवा, रुद्रपुर, भटनी, सलेमपुर, भागलपुर, भाटपाररानी, बरहज, बनकटा और लार के तमाम परीक्षा केंद्र शामिल हैं।
विज्ञापन
परिषदीय विद्यालयों में अध्यापन कार्य करने वाले तमाम शिक्षक अपने निजी विद्यालयों केंद्र व्यवस्थापक या कक्ष निरीक्षक बन गए हैं। इस तरह के विद्यालयों में सामूहिक रूप से रुपये लिए जाने की कंट्रोल रूम को शिकायत मिली है।
परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने सामूहिक रूप से रुपये लिए जाने की बात कह इसे प्रमाणित कर दिया। उनका कहना था कि जो लोग रुपये नहीं दे पाए हैं, उन्हें धमकी दी गई है कि अगले विषय में रुपये लकर जरूर आएंगे। सचल दस्तों की लापरवाही के चलते पहले दिन नकल कराने वाले विद्यालय अपने मकसद में कामयाब रहे। ग्रामीणों इलाकों के साथ ही शहर और शहर से सटे निजी विद्यालयों में नकल का बोलबाला रहा।