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दिल्ली में गिरफ्तार हुए आतंकियों के अमरोहा से जुड़े तार, इंजीनियरिंग कॉलेज में छुपे थे दोनों
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:15 PM IST
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आईएसआईएस आतंकी गिरफ्तार
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल से ने राजधानी से आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया जिनमें से एक के तार अमरोहा से जुड़े है। दोनों की पहचान परवेज राशिद और जमशेद जहूर के रूप में हुई है। परवेज अमरोहा के डीएनएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग का छात्र बताया जा रहा है ।
अमरोहा का डीएनएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रोजाना से कुछ अलग लग रहा था ,अपने एक साथी की खबर ने सभी को सकते में डाल दिया है। अमरोहा के इस कॉलेज में पांच सौ छात्र पढ़ते हैं जो इस घटना के बाद क्लास के बाहर कॉलेज में लगातार आ रहे लोग और खासतौर पर पुलिस की पलटन को देखने के लिए खड़े थे ।
उत्तर प्रदेश पुलिस के खुफिया विभाग और सेंटर इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ आतंकवादी परवेज रशीद लोन के बारे में पूरी जानकारी जुटाने कॉलेज आये थे। परवेज इसी इंजीनियरिंग कॉलेज का पूर्व छात्र था जिसे दिल्ली के एक बस स्टॉप से गिरफ्तार गया था और पुलिस के मुताबिक परवेज और उसके साथी के इस्लामिक स्टेट के एक धड़े से सांठ-गांठ की खुफिया जानकारी मिली थी।
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अमरोहा में पूछ-ताछ के दौरान पता चला कि आखिरी बार परवेज यही मंगलवार को देखा गया था। पुलिस का अंदाजा है कि कथित आतंकवादी ने अपने कॉलेज का इस्तेमाल छुपने के लिये किया था ताकि वो दिल्ली से जम्मू भाग सके।
कॉलेज के एक प्रबंधक के मुताबिक परवेज लोन अपने एक दोस्त के साथ लगभग 11:30 बजे डीएनएस कॉलेज में दाखिल हुआ था। लोन ने अपने दोस्त के बारे में बताया कि उसे डीएनएस कॉलेज में दाखिला चाहिए। कॉलेज ने लोन पर यकीन किया और रात ठहरने के लिए जगह भी मुहैया कराई क्योंकि उसने 2012 में यही से इंजीनियरिंग की डिग्री ली और 2017 में कुछ महीने एक स्कूल में बतौर टीचर भी काम किया था।
अमरोहा में रात बिता कर दूसरे दिन लंच कर ये दोनो वहां से रवाना हो गये। दोपहर में ही परवेज लोन ने कॉलेज के एक अध्यापक बशीर अहमद डार को फोन किया था। पुलिस ने लोन के फोन कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद डार को भी स्थानीय पुलिस के जरिए उठा लिया था।
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अमरोहा का डीएनएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रोजाना से कुछ अलग लग रहा था ,अपने एक साथी की खबर ने सभी को सकते में डाल दिया है। अमरोहा के इस कॉलेज में पांच सौ छात्र पढ़ते हैं जो इस घटना के बाद क्लास के बाहर कॉलेज में लगातार आ रहे लोग और खासतौर पर पुलिस की पलटन को देखने के लिए खड़े थे ।
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उत्तर प्रदेश पुलिस के खुफिया विभाग और सेंटर इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ आतंकवादी परवेज रशीद लोन के बारे में पूरी जानकारी जुटाने कॉलेज आये थे। परवेज इसी इंजीनियरिंग कॉलेज का पूर्व छात्र था जिसे दिल्ली के एक बस स्टॉप से गिरफ्तार गया था और पुलिस के मुताबिक परवेज और उसके साथी के इस्लामिक स्टेट के एक धड़े से सांठ-गांठ की खुफिया जानकारी मिली थी।
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अमरोहा में पूछ-ताछ के दौरान पता चला कि आखिरी बार परवेज यही मंगलवार को देखा गया था। पुलिस का अंदाजा है कि कथित आतंकवादी ने अपने कॉलेज का इस्तेमाल छुपने के लिये किया था ताकि वो दिल्ली से जम्मू भाग सके।
कॉलेज के एक प्रबंधक के मुताबिक परवेज लोन अपने एक दोस्त के साथ लगभग 11:30 बजे डीएनएस कॉलेज में दाखिल हुआ था। लोन ने अपने दोस्त के बारे में बताया कि उसे डीएनएस कॉलेज में दाखिला चाहिए। कॉलेज ने लोन पर यकीन किया और रात ठहरने के लिए जगह भी मुहैया कराई क्योंकि उसने 2012 में यही से इंजीनियरिंग की डिग्री ली और 2017 में कुछ महीने एक स्कूल में बतौर टीचर भी काम किया था।
अमरोहा में रात बिता कर दूसरे दिन लंच कर ये दोनो वहां से रवाना हो गये। दोपहर में ही परवेज लोन ने कॉलेज के एक अध्यापक बशीर अहमद डार को फोन किया था। पुलिस ने लोन के फोन कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद डार को भी स्थानीय पुलिस के जरिए उठा लिया था।
डीएनएस कॉलेज,अमरोहा
अमरोहा में कॉलेज में रुकने के दौरान लोन के साथ आये एक और युवक को कोई नहीं पहचानता लेकिन पुलिस को शक है कि वो शक्स जमशेद जहूर पॉल हो सकता है जिसे दिल्ली में लोन के साथ गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस ने पॉल पर आरोप लगाया है कि वो पिछले कुछ समय से लगातार जम्मू के आईएस प्रमुख ओमर इब्न नजीर से संपर्क में था ।
दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर(स्पेशल सेल) प्रमोद कुशवाह ने बताया कि पॉल ने अातंकवादी अब्दुल्ला बसित के रहने और यात्रा का पूरा इंतजाम किया था। बसित इराक और सीरिया आईएसआईएस में भारतीयों को शामिल करने के लिये भारत में एजेंट के तौर पर काम करता है। जबकि दो लोगों को हथियार सप्लाई करने के मामले में चिंहित किया गया है जिन्होने लोन और पॉल को हथियार मुहैया कराया था। ये दोनो स्प्लायर नाबालिग बताये जा रहे हैं।
अमरोहा में जिस किराये के मकान में लोन रहता था वो डॉ इरफान अहमद का बताया जा रहा है। अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर के मकान में लोन चार महीने तक रहा था। 2012 में अमरोहा आये लोन ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए एडमिशन लिया था। पहले सेमिस्टर में वो परीक्षा में फेल कर गया था और ज्यादातर कश्मीरी छात्रों के साथ हॉस्टेल में वक्त बिताता था।
फेल होने की वजह से ग्रैजुएशन पूरी करने के लिए अमरोहा से कुछ दूर श्री वेंकेटेश्वर यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया। यहां लोन को पढ़ाने वाले टीचर ने बताया कि वो क्लास में कम ही दिखता था। फिर भी उसने परीक्षा में 60-62% अंक प्राप्त किये।
परवेज और जमशेद नाम के दोनों आतंकवादियों को गुरुवार रात लाल किले के नजदीक गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि ये दोनों आतंकवादी कश्मीर जा रहे थे। इनके पास से हथियार भी बरामद हुए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दोनों आतंकवादियों को पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। दोनों आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के रहने वाले हैं।
दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर(स्पेशल सेल) प्रमोद कुशवाह ने बताया कि पॉल ने अातंकवादी अब्दुल्ला बसित के रहने और यात्रा का पूरा इंतजाम किया था। बसित इराक और सीरिया आईएसआईएस में भारतीयों को शामिल करने के लिये भारत में एजेंट के तौर पर काम करता है। जबकि दो लोगों को हथियार सप्लाई करने के मामले में चिंहित किया गया है जिन्होने लोन और पॉल को हथियार मुहैया कराया था। ये दोनो स्प्लायर नाबालिग बताये जा रहे हैं।
अमरोहा में जिस किराये के मकान में लोन रहता था वो डॉ इरफान अहमद का बताया जा रहा है। अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर के मकान में लोन चार महीने तक रहा था। 2012 में अमरोहा आये लोन ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए एडमिशन लिया था। पहले सेमिस्टर में वो परीक्षा में फेल कर गया था और ज्यादातर कश्मीरी छात्रों के साथ हॉस्टेल में वक्त बिताता था।
फेल होने की वजह से ग्रैजुएशन पूरी करने के लिए अमरोहा से कुछ दूर श्री वेंकेटेश्वर यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया। यहां लोन को पढ़ाने वाले टीचर ने बताया कि वो क्लास में कम ही दिखता था। फिर भी उसने परीक्षा में 60-62% अंक प्राप्त किये।
परवेज और जमशेद नाम के दोनों आतंकवादियों को गुरुवार रात लाल किले के नजदीक गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि ये दोनों आतंकवादी कश्मीर जा रहे थे। इनके पास से हथियार भी बरामद हुए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दोनों आतंकवादियों को पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। दोनों आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के रहने वाले हैं।