फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   accused in 13 year old murder case awarded death sentence

यूपी: 13 साल पहले युवक की हत्या करने वाले को हुई फांसी की सजा

Fri, 29 Jul 2016 01:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मैनपुरी
ब्यूरो/अमर उजाला, मैनपुरी Updated Fri, 29 Jul 2016 01:54 PM IST
विज्ञापन
accused in 13 year old murder case awarded death sentence
सजा सुनाए जाने के बाद आरोपियों को जेल ले जाती पुलिस
यूपी के मैनपुरी में कुरावली क्षेत्र में 13 साल पहले हुई हत्या के मामले में दो लोगों को अपर जिला जज पंचम बच्चू सिंह ने फांसी की सजा सुनाई है। जमानत पर होने के कारण दोनों गुरुवार को घर से निर्णय सुनने के लिए अदालत आए। बाद में पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
विज्ञापन


थाना कुरावली के गांव कमलपुर मनौना निवासी सुरेंद्र 25 नवंबर 2003 को कमलपुर के प्रधान सुखवीर सिंह से मिलने गया था। वहां से वह गांव के रमेश के साथ साइकिल से गांव आ रहा था। रास्ते में सुरेंद्र का भाई सत्यपाल और चतुरी मिल गए। वहां से चारों पैदल ही आ रहे थे।
विज्ञापन


राजलपुर के पास गांव के संजू बघेल, भंवर सिंह व जबर सिंह ने उन्हें घेर लिया। तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए सुरेंद्र का हंसिया से सिर काटकर हत्या कर दी। भाई सत्यपाल ने संजू, जबर सिंह, भंवर सिंह के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने, जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कुरावली पुलिस ने विवेचना के दौरान तीनों को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम बच्चू सिंह की कोर्ट में की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, चश्मदीद गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ गवाही दी। मुकदमे के दौरान ही आरोपियों की जमानत कोर्ट से मंजूर भी हो गई।

इसके बाद पत्रावली पर आए साक्ष्य तथा प्रमाणों के आधार पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए अपर जिला जज पंचम बच्चू सिंह ने संजू बघेल तथा भंवर सिंह को हत्या कर साक्ष्य मिटाने और गैंगेस्टर एक्ट के अपराध का दोषी पाया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राजपाल सिंह तथा सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र निगम की दलीलों के आधार पर दोनों को हत्या के आरोप में फांसी की सजा, गैंगेस्टर के आरोप में छह-छह साल और छह-छह हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। निर्णय सुनने के लिए दोनों लोग गुरुवार को घर से अदालत आए थे।

शक में की थी साथी की हत्या

accused in 13 year old murder case awarded death sentence

मुकदमे के दौरान एक आरोपी जबर सिंह की मौत हो गई। मौत की सूचना कोर्ट में दी गई। इसके बाद उसका मामला खत्म कर दिया गया। गुरुवार को कोर्ट ने जैसे ही भंवर सिंह को फांसी की सजा सुनाने का निर्णय दिया परिवारीजन स्तब्ध रह गए। बाद में वह अपने वकील से काफी देर तक अकेले में बात करते रहे।

इस वजह से हुई थी सुरेंद्र की हत्या
मई 2003 में मृतक सुरेंद्र और हत्या के आरोपी संजू एक साथ जिला फीरोजाबाद के ग्राम नसीरपुर में गए थे। वहां संजू ने एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की। दोनों की ग्रामीणों ने पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने संजू को तमंचा रखने के आरोप में जेल भेज दिया।

संजू को शक था कि सुरेंद्र ने ही पुलिस से मिलकर उसे बंद कराया है। तभी से वह सुरेंद्र से रंजिश मानने लगा था। इसी के चलते उसने सुरेंद्र की साथियों की मदद से हत्या कर दी। यह तथ्य मुकदमे की सुनवाई के दौरान भी सामने आया।
 
जघन्य अपराध की वजह से हुई फांसी
मैनपुरी। सुरेंद्र की हत्या कर आरोपी सिर काट ले गए थे। पुलिस ने दो दिन बाद 27 नवंबर को कटा हुआ सिर बरामद किया था। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राजपाल सिंह ने घटना को जघन्य बताते हुए आरोपियों को फांसी की सजा देने की दलील कोर्ट में दी। राजपाल सिंह का कहना है कि इस तरह के अपराध में फांसी की सजा ही दी जानी चाहिए, ताकि अपराधी इस तरह का अपराध न कर सके।

मौत होने तक फंदे पर लटकाया जाए
मैनपुरी। अपर जिला जज ने निर्णय में लिखा है कि आरोपियों की गर्दन में फांसी का फंदा लगाया जाए। उनको तब तक फंदे पर लटकाया जाए जब तक उनकी मृत्यु न हो जाए। निर्णय सुनाए जाने के 30 दिन के अंदर आरोपी निर्णय के खिलाफ अपील भी कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed