फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   communal violence in mahal village in merut

मेरठ: छेड़छाड़ पर सांप्रदायिक बवाल, पथराव और फायरिंग

Fri, 22 Aug 2014 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोदीपुरम, लावड़, शामली, फलावदा
ब्यूरो/अमर उजाला, मोदीपुरम, लावड़, शामली, फलावदा Updated Fri, 22 Aug 2014 09:23 AM IST
विज्ञापन
communal violence in mahal village in merut

मेरठ में मोदीपुरम के महल गांव में छेड़छाड़ को लेकर गुरुवार को सांप्रदायिक बवाल हो गया। दो समुदायों के लोगों में जमकर पथराव, मारपीट और फायरिंग हुई। इसमें महिला समेत आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। आक्रोशित लोग पुलिस के सामने ही एक-दूसरे पर पथराव करते रहे।

विज्ञापन


बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर दोनों पक्षों को दौड़ाया। एसपी देहात ने छेड़छाड़ के विवाद से इनकार करते हुए बस में सीट को लेकर झगड़ा होना बताया है। पुलिस ने तीन होमगार्ड समेत दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लावड़ चौकी क्षेत्र के महल गांव निवासी एक विकलांग और समुदाय विशेष का एक युवक बस से कस्बे में आ रहे थे। इस दौरान दोनों पक्षों में छेड़छाड़ को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि समुदाय विशेष के युवक ने विकलांग से मारपीट कर दी। एक पक्ष का आरोप है कि उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ की गई, जबकि दूसरे पक्ष का आरोप है कि सीट को लेकर विवाद में मारपीट की गई।
विज्ञापन


मारपीट के बाद दोनों पक्षों के लोग महल बिजली घर के पास एक रेस्टोरेंट के पास पहुंचे। इस दौरान समुदाय विशेष के दो दर्जन से अधिक लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों से मारपीट कर रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ की। मौजूद लोगों ने किसी तरह दोनों पक्षों में बीचबचाव कराया। उधर लावड़ और इंचौली पुलिस जब गांव में युवकों की पहचान करने पहुंची तो दोनों समुदाय के लोग फिर आमने-सामने आ गए और पथराव कर दिया। इसमें दो दारोगा और पांच सिपाही दोनों समुदाय के के बीच पथराव और फायरिंग होते देख गली के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। इस कारण गांव में दहशत का माहौल बन गया। मामला बिगड़ता देख और पुलिस पहुंची और लाठीचार्ज कर दोनों समुदायों के लोगों को दौड़ाया। सूचना पर एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग सीओ सदर देहात अब्दुल कादिर के अलावा मवाना, दौराला आदि थानों का फोर्स लेकर गांव पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

जलालाबाद में फिर माहौल बिगाड़ने की साजिश

communal violence in mahal village in merut

शामली के जलालाबाद में शरारती तत्वों ने एक बार फिर से कस्बे का माहौल बिगाड़ने की साजिश के तहत आश्रम के धर्म स्थानों और कमरों के ताले तोड़ दिए। करीब 20 दिन पूर्व शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से इसी आश्रम में एक पॉलीथिन में मांस और आतंकी संगठन के नाम से एक धमकी भरा पत्र छोड़ते हुए धर्म स्थानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। शरारती तत्वों की इस करतूत के चलते हिंदू संगठनों में रोष व्याप्त है।

कस्बे के लुहारी मार्ग स्थित आश्रम मिट्ठी कुई में बुधवार रात घुसे शरारती तत्वों ने धर्म स्थानों के ताले तोड़ दिए। बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे पुजारी जब पूजा-पाठ के लिए आश्रम में पहुंचे, तो उन्हें धर्म स्थानों और कमरों के ताले टूटे देखकर धर्म स्थान समिति के सदस्यों को वारदात की जानकारी दी।

सूचना पर हिंदू संगठनों के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। सीओ भवन प्रकाश कुमार और थानाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर आश्रम की जांच पड़ताल की। सीओ ने इसे शरारती तत्वों की करतूत करार देते हुए लोगों को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस ने मंदिर समिति के भूषण लाल की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल में जुट गई है।

लड़की बरामदगी के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम

communal violence in mahal village in merut

मेरठ के फलावदा में समुदाय विशेष के युवक द्वारा दूसरे समुदाय के किशोरी को ले जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को कस्बा पहुंचे सरधना विधायक संगीत सोम ने पुलिस प्रशासन को लड़की बरामद करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का समय दिया। 24 अगस्त तक लड़की बरामद न होने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी। उधर, मामले को लेकर बृहस्पतिवार को भी तनाव रहा। इसके चलते पुलिस तैनात रही।

बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे कस्बे में भाजपा नगर अध्यक्ष अशोक सैनी के आवास पहुंचे सरधना विधायक संगीत सोम ने कहा कि वे क्षेत्र में शांति चाहते हैं, उन्हें मजबूर न किया जाए। पुलिस को सख्ती और डंडे से काम लेना चाहिए, नहीं तो हालात बिगड़ सकते हैं। पुलिस प्रशासन ने ऐसा नहीं किया तो लोग अगली बार वे 50 हजार लोगों के साथ पहुंचेंगे। विधायक ने यह भी कहा कि घटना का खुलासा ही नहीं चाहिए बल्कि सही आरोपी भी होने चाहिए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निहौरी में उन्होंने पुलिस प्रशासन को इतना मजबूर कर दिया था कि तीन दिन में आरोपियों को पकड़कर जेल भेजना पड़ा था। यह मामला भी साधारण नहीं है बल्कि एक गरीब परिवार की लड़की का है। घटना के कई रोज बाद भी पुलिस खाली हाथ है। 24 अगस्त तक पुलिस लड़की को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed