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इलाहाबाद स्टेशन की सीढ़ियों पर ‘तिरछी’ हुई सीएम की नजर
इलाहाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Feb 2013 02:12 PM IST
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इलाहाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर छह पर हुए हादसे का मुआयना करने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहुंचे। घटना स्थल पर सीढ़ियों को देखकर सीएम की त्योरियां चढ़ गईं लेकिन बगैर कुछ बोले आगे बढ़ गए। उन्होंने रेलिंग, आसपास की छत, प्लेटफॉर्म का जायजा लिया।
सबसे पहले मुख्यमंत्री सिविल लाइंस सरकुलेटिंग एरिया से चार नंबर फुटओवर ब्रिज पर चढ़े। ब्रिज के ऊपर से ही सीढ़ियों के नीचे का जायजा लिया। इसके बाद प्लेटफार्म पर उतरकर सीधे फुटओवर ब्रिज संख्या एक पर पहुंच गए। यही वह पुल है जहां भगदड़ होने से मौतें हुईं। मुख्य घटना स्थल पर नीचे रुकने के बजाए वह सीधे सीढ़ियों से ब्रिज पर चढ़ गए। इसके बाद पलटकर सीढ़ियों की चौड़ाई का आकलन किया। फिर सीढ़ियों के बगल टिन शेड पर निगाह डाली। पूछा, क्या टिन शेड पर भी लोग कूदे थे? यात्री कहां से गिरे? पांच मिनट तक यहां रुकने के दौरान उनकी त्योरियां चढ़ी रहीं। फिर, वह फुटओवर ब्रिज से ही सीधे स्मिथ रोड पर आ गए।
मीडिया से मुखातिब मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के लिए दोषी कौन है? किसकी जिम्मेदारी है? इस पर जंच के बाद ही कुछ बोलेंगे। सीएम ने कहा कि घटना के जिम्मेदार लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तो साफ है कि भीड़ अधिक होने से हादसा हुआ। इसे सभी स्वीकार कर रहे हैं।
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अभी मृतकों के शरीर को सुरक्षित रखने और परिजनों को सौंपने के इंतजाम किए जा रहे हैं। निरीक्षण में साथ रहे बीज विकास निगम के अध्यक्ष उज्ज्वल रमण सिंह ने सवाल उठाया कि ब्रिज के दोनों ओर सीढ़ियां होतीं और चौड़ी होतीं तो हादसा बच सकता था। अन्य सपाइयों ने भी रेलवे की लापरवाही को घटना की वजह बताया, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
जंक्शन पर हुए हादसे से गया गलत संदेश: अखिलेश
झूंसी/हनुमानगंज। रेलवे स्टेशन पर हादसे से निराश मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया है कि कुंभ में आगे के स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। अमर उजाला से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे जंक्शन पर हुए हादसे से जनता के बीच गलत संदेश गया है। घटना के बाद राज्य सरकार ने चुनौती को स्वीकार किया है। आगे ऐसा न हो, इसके लिए इंतजाम दुरुस्त किए जा रहे हैं। लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
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सबसे पहले मुख्यमंत्री सिविल लाइंस सरकुलेटिंग एरिया से चार नंबर फुटओवर ब्रिज पर चढ़े। ब्रिज के ऊपर से ही सीढ़ियों के नीचे का जायजा लिया। इसके बाद प्लेटफार्म पर उतरकर सीधे फुटओवर ब्रिज संख्या एक पर पहुंच गए। यही वह पुल है जहां भगदड़ होने से मौतें हुईं। मुख्य घटना स्थल पर नीचे रुकने के बजाए वह सीधे सीढ़ियों से ब्रिज पर चढ़ गए। इसके बाद पलटकर सीढ़ियों की चौड़ाई का आकलन किया। फिर सीढ़ियों के बगल टिन शेड पर निगाह डाली। पूछा, क्या टिन शेड पर भी लोग कूदे थे? यात्री कहां से गिरे? पांच मिनट तक यहां रुकने के दौरान उनकी त्योरियां चढ़ी रहीं। फिर, वह फुटओवर ब्रिज से ही सीधे स्मिथ रोड पर आ गए।
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मीडिया से मुखातिब मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के लिए दोषी कौन है? किसकी जिम्मेदारी है? इस पर जंच के बाद ही कुछ बोलेंगे। सीएम ने कहा कि घटना के जिम्मेदार लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तो साफ है कि भीड़ अधिक होने से हादसा हुआ। इसे सभी स्वीकार कर रहे हैं।
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अभी मृतकों के शरीर को सुरक्षित रखने और परिजनों को सौंपने के इंतजाम किए जा रहे हैं। निरीक्षण में साथ रहे बीज विकास निगम के अध्यक्ष उज्ज्वल रमण सिंह ने सवाल उठाया कि ब्रिज के दोनों ओर सीढ़ियां होतीं और चौड़ी होतीं तो हादसा बच सकता था। अन्य सपाइयों ने भी रेलवे की लापरवाही को घटना की वजह बताया, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
जंक्शन पर हुए हादसे से गया गलत संदेश: अखिलेश
झूंसी/हनुमानगंज। रेलवे स्टेशन पर हादसे से निराश मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया है कि कुंभ में आगे के स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। अमर उजाला से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे जंक्शन पर हुए हादसे से जनता के बीच गलत संदेश गया है। घटना के बाद राज्य सरकार ने चुनौती को स्वीकार किया है। आगे ऐसा न हो, इसके लिए इंतजाम दुरुस्त किए जा रहे हैं। लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।