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िबना सरकारी मदद के तैयार हुआ तालाब
चित्रकूट की ख्ाबरें
Updated Fri, 27 May 2016 11:25 PM IST
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कसान आलोक िद्ववेदी तालाब के पास।
- फोटो : amar ujala bureau
सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड में पानी की समस्या का निस्तारण कराने के लिए सरकार की खेत तालाब की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही। इसके बावजूद बगैर किसी सरकारी मदद के प्रगतिशील किसान आलोक द्विवेदी ने निर्धारित समय सीमा के पहले ही स्वप्रयास से जिले का पहला खेत तालाब निर्माण पूरा कर अन्य किसानों और प्रशासन के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत किया।
जिले में खेत तालाब योजना में डीएम के हस्तक्षेप के बाद सभी ब्लाकों लगभग 250 किसानों ने स्वेच्छा से अपने खेत में 50 प्रतिशत सरकारी अनुदान से तालाब खुदाई के लिए नामांकन किया था। सदर ब्लाक में एक सैकड़ा से अधिक नामांकन करने वाले किसानों में 52 वें नंबर वाले आलोक द्विवेदी के लोढ़वारा स्थित खेतों में अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में खेत तालाब का शुभारंभ खुद किया था।
लगभग 20 दिन बाद 22 मीटर चौड़े और तीन मीटर गहरे मानक के तालाब को जेसीबी, दो ट्रैक्टर और आधा दर्जन मजदूरों ने पूरा कर लिया। खुद किसान आलोक द्विवेदी ने कभी फावड़ा चलाया तो कभी ट्रैक्टर चलाया। इस खेत तालाब में 24 इंच का पाइप इंलेक्ट और आउटलेक्ट लगाया गया है। बनकट पंप कैनाल के टेल मार्ग में होने के कारण यह तालाब साल में तीन बार पानी से लबालब होगा।
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प्रगतिशील किसान ने बताया कि निजी व सरकारी अनुदान में इसे एक लाख पांच हजार में तैयार होना है। जिसे उन्होंने अपने निजी प्रयास से इतने ही बजट में बनवा लिया। इस दौरान भूमि संरक्षण विभाग के इंस्पेक्टर रमाशंकर विश्वकर्मा ने तकनीकी सहायक के रूप में इसकी लंबाई, चौड़ाई और गहराई में मदद की है। प्रगतिशील किसान ने बताया कि इस कार्य का उन्होंने संकल्प लेकर पूरा कराया।
यदि सरकार से अनुदान मिलेगा तो लेंगे। जिस तरह आवेदन किया है उसी तरह अनुदान के लिए भी फार्म भरेंगे। उन्होंने कहा कि खेत तालाब योजना किसानों के लिए कारगर है।
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जिले में खेत तालाब योजना में डीएम के हस्तक्षेप के बाद सभी ब्लाकों लगभग 250 किसानों ने स्वेच्छा से अपने खेत में 50 प्रतिशत सरकारी अनुदान से तालाब खुदाई के लिए नामांकन किया था। सदर ब्लाक में एक सैकड़ा से अधिक नामांकन करने वाले किसानों में 52 वें नंबर वाले आलोक द्विवेदी के लोढ़वारा स्थित खेतों में अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में खेत तालाब का शुभारंभ खुद किया था।
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लगभग 20 दिन बाद 22 मीटर चौड़े और तीन मीटर गहरे मानक के तालाब को जेसीबी, दो ट्रैक्टर और आधा दर्जन मजदूरों ने पूरा कर लिया। खुद किसान आलोक द्विवेदी ने कभी फावड़ा चलाया तो कभी ट्रैक्टर चलाया। इस खेत तालाब में 24 इंच का पाइप इंलेक्ट और आउटलेक्ट लगाया गया है। बनकट पंप कैनाल के टेल मार्ग में होने के कारण यह तालाब साल में तीन बार पानी से लबालब होगा।
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प्रगतिशील किसान ने बताया कि निजी व सरकारी अनुदान में इसे एक लाख पांच हजार में तैयार होना है। जिसे उन्होंने अपने निजी प्रयास से इतने ही बजट में बनवा लिया। इस दौरान भूमि संरक्षण विभाग के इंस्पेक्टर रमाशंकर विश्वकर्मा ने तकनीकी सहायक के रूप में इसकी लंबाई, चौड़ाई और गहराई में मदद की है। प्रगतिशील किसान ने बताया कि इस कार्य का उन्होंने संकल्प लेकर पूरा कराया।
यदि सरकार से अनुदान मिलेगा तो लेंगे। जिस तरह आवेदन किया है उसी तरह अनुदान के लिए भी फार्म भरेंगे। उन्होंने कहा कि खेत तालाब योजना किसानों के लिए कारगर है।