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कौशलयुक्त शिक्षा सबके लिए जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो,चित्रकूट
Updated Mon, 30 May 2016 12:01 AM IST
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संगोष्ठी का शुभारंभ करते ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम
- फोटो : अमर उजाला
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महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में कौशल शिक्षा का समावेश’ विषय को लेकर इंटर कालेजों के प्राचार्यो की एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के दौरान कौशल शिक्षा के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डालने के साथ ग्रामोदय विश्वविद्यालय की ओर से इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की गई। संगोष्ठी में रीवा, सतना, बांदा व चित्रकूट जनपद के 52 प्राचार्यो ने भाग लिया।
संगोष्ठी में कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को कौशलयुक्त बनाया जाएगा, जिससे वह समाज में अपने को स्थापित कर सके। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत नौकरी देना सरकार के लिए संभव नहीं है। उद्योगों को हुनरमंद लोगों की आवश्यकता है। जिसकी प्रतिपूर्ति व्यावसायिक पाठ्यक्रम के माध्यम से की जा सकती है।
कुल सचिव प्रो. रामचंद्र सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में पहली बार बैचलर आफ वोकेशन प्रोग्राम चलाने का गौरव ग्रामोदय विश्वविद्यालय को मिला है। हमारे देश में लोग कौशल से पूर्ण थे। बीच में इस दिशा में कुछ कमी आई है। दीनदयाल कौशल केंद्र के प्राचार्य इंजीनियर राजेश सिन्हा ने पाठ्यक्रम के महत्व को बताते हुए इसकी विशेषताओं पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही यूजीसी के निर्देश एवं पाठ्यक्रम की रूपरेखा बताई।
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डा. शशिकांत त्रिपाठी, आन्जनेय पांडेय, डा. हरिशंकर कुशवाहा, प्राचार्य अनुराग पाठक, जिला शिक्षा परियोजना समन्वयक गिरीश अग्निहोत्री, विद्याधाम के प्राचार्य एनके द्विवेदी, कामता विद्यालय के प्राचार्य श्रीधर त्रिपाठी, केपी मिश्रा, शिवकुमार, बाबूलाल, लक्ष्मण गर्ग, रामहरी व राधेश्याम मौजूद रहे।
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संगोष्ठी में कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को कौशलयुक्त बनाया जाएगा, जिससे वह समाज में अपने को स्थापित कर सके। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत नौकरी देना सरकार के लिए संभव नहीं है। उद्योगों को हुनरमंद लोगों की आवश्यकता है। जिसकी प्रतिपूर्ति व्यावसायिक पाठ्यक्रम के माध्यम से की जा सकती है।
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कुल सचिव प्रो. रामचंद्र सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में पहली बार बैचलर आफ वोकेशन प्रोग्राम चलाने का गौरव ग्रामोदय विश्वविद्यालय को मिला है। हमारे देश में लोग कौशल से पूर्ण थे। बीच में इस दिशा में कुछ कमी आई है। दीनदयाल कौशल केंद्र के प्राचार्य इंजीनियर राजेश सिन्हा ने पाठ्यक्रम के महत्व को बताते हुए इसकी विशेषताओं पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही यूजीसी के निर्देश एवं पाठ्यक्रम की रूपरेखा बताई।
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डा. शशिकांत त्रिपाठी, आन्जनेय पांडेय, डा. हरिशंकर कुशवाहा, प्राचार्य अनुराग पाठक, जिला शिक्षा परियोजना समन्वयक गिरीश अग्निहोत्री, विद्याधाम के प्राचार्य एनके द्विवेदी, कामता विद्यालय के प्राचार्य श्रीधर त्रिपाठी, केपी मिश्रा, शिवकुमार, बाबूलाल, लक्ष्मण गर्ग, रामहरी व राधेश्याम मौजूद रहे।