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एक साथ उठीं तीन अर्थियां तो हर आंख हुई नम
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पुत्र का शव जाते देख फफककर रो पड़ी उसकी मां। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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राजापुर(चित्रकूट)। बांदा के कमासिन क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में मृत तीनों दोस्तों के शव एक साथ मोहल्ले से जब उठे तो परिजन रोने-बिलखने लगे और वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं।
गौरतलब है कि गुरुवार तड़के कस्बे के दोस्त की बारात से लौटते समय राजापुर निवासी तीन दोस्त नीरज सोनी, लाला मोदनवाल व राजबहादुर यादव की बांदा के कमासिन के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। गुरुवार रात लगभग नौ बजे तीनों के शव बांदा से राजापुर पहुंचे थे।
शुक्रवार की सुबह तीनों के घर में सांत्वना देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। तीनों दोस्तों के शव एक साथ उनके घरों से अंतिम संस्कार के लिए यमुना नदी किनारे पहुंचे। इधर कस्बे से जब तीनों शव उठे तो मानों वहां मौजूद हर शख्स रो पड़ा।
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तीनों दोस्तों के शव एक साथ निकलने पर लोगों ने कहा कि तीनों के अलग-अलग व्यापार थे पर आपस में तीनों गहरे दोस्त थे। किसी ने सोचा तक नहीं था कि तीनों दोस्तों की यह दोस्ती अंतिम समय तक साथ रहेगी। एक साथ तीनों की मौत और तीनों के एक साथ अंतिम संस्कार होने की बात भी किसी ने सोची तक नहीं थी।
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गौरतलब है कि गुरुवार तड़के कस्बे के दोस्त की बारात से लौटते समय राजापुर निवासी तीन दोस्त नीरज सोनी, लाला मोदनवाल व राजबहादुर यादव की बांदा के कमासिन के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। गुरुवार रात लगभग नौ बजे तीनों के शव बांदा से राजापुर पहुंचे थे।
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शुक्रवार की सुबह तीनों के घर में सांत्वना देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। तीनों दोस्तों के शव एक साथ उनके घरों से अंतिम संस्कार के लिए यमुना नदी किनारे पहुंचे। इधर कस्बे से जब तीनों शव उठे तो मानों वहां मौजूद हर शख्स रो पड़ा।
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तीनों दोस्तों के शव एक साथ निकलने पर लोगों ने कहा कि तीनों के अलग-अलग व्यापार थे पर आपस में तीनों गहरे दोस्त थे। किसी ने सोचा तक नहीं था कि तीनों दोस्तों की यह दोस्ती अंतिम समय तक साथ रहेगी। एक साथ तीनों की मौत और तीनों के एक साथ अंतिम संस्कार होने की बात भी किसी ने सोची तक नहीं थी।

मोहल्ले से एक साथ तीन शव उठने पर रोते बिलखते व गमगीन परिजन। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT