फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Water conservation advice: 1.80 lakh litres of water is wasted every month due to vehicle washing.

Chitrakoot News: पानी बचाने की नसीहत, वाहनों की धुलाई से हर माह 1.80 लाख लीटर पानी बर्बाद

Sat, 28 Feb 2026 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Sat, 28 Feb 2026 12:03 AM IST
विज्ञापन
Water conservation advice: 1.80 lakh litres of water is wasted every month due to vehicle washing.
27 सीकेटीपी-08- स्टेशन रोड पर पानी से बाइक को धुलता कर्मचारी। संवाद
चित्रकूट। रंग पर्व पर पानी बचाने के लिए प्रशासन सख्ती और जागरूकता अभियान चलाए है लेकिन शहर में वाहन धुलाई केंद्रों से हर महीने लाखों लीटर शुद्ध पेयजल बर्बाद कर रहे हैं। गिरते भूगर्भ जलस्तर और पानी बचाने के अभियानों के बीच यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
विज्ञापन

शहर में लगभग 20 छोटे-बड़े वाहन धुलाई केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर प्रतिदिन करीब 100 वाहन धोए जाते हैं। एक चार पहिया वाहन की धुलाई में औसतन 120 लीटर और दो पहिया वाहन में 70 लीटर पानी खर्च होता है। औसतन प्रति वाहन 60 लीटर पानी की खपत मानी जाती है। इस हिसाब से शहर में हर दिन लगभग छह हजार लीटर शुद्ध पेयजल व्यर्थ में बहाया जा रहा है। यह आंकड़ा महीने भर में 1.80 लाख लीटर तक पहुंच जाता है।
विज्ञापन

कुछ केंद्र नगर पालिका की सप्लाई लाइन से सीधे मोटर जोड़कर पानी का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सीतापुर और रामघाट क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। बड़े केंद्र सबमर्सिबल पंप लगाकर भूगर्भ जल का दोहन कर रहे हैं, जिससे जलस्तर और नीचे जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
हर दिन 50 लोगों की बुझ सकती है प्यास
मानक के अनुसार प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में रोज व्यर्थ बह रहे छह हजार लीटर पानी से 50 से अधिक लोगों की दैनिक जरूरत पूरी की जा सकती है। इसके बाद भी पानी की इस बर्बादी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

-------
घरों और बगीचों में भी हो रही बर्बादी

वाहन धुलाई के अलावा घरों की धुलाई और बगीचों की सिंचाई में भी शुद्ध पेयजल का उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग थोड़ी सतर्कता बरतें और वैकल्पिक जल स्रोतों का उपयोग करें तो प्रतिदिन लाखों लीटर पानी बचाया जा सकता है।
-------

बोले जिम्मेदार------
शहर में संचालित धुलाई सेंटर के बारे में नगर पालिका ईओ लालजी यादव से जानकारी ली गई तो उन्होंने साफ शब्दों में जानकारी न होना बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed