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Chitrakoot News: बाढ़ से ग्रामीण परेशान, नहीं मिल रही मदद

Tue, 05 Aug 2025 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Tue, 05 Aug 2025 12:45 AM IST
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Villagers are troubled by floods, no help is being received
बाढ़ पीड़ितों का हाल लेने जाते विधायक।  - फोटो : संवाद
चित्रकूट/राजापुर/मऊ/खोही। यमुना नदी में आई बाढ़ ने मऊ व राजापुर क्षेत्र के 50 गांवों के निवासियों का जनजीवन चार दिन से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाढ़ पीड़ितों का दर्द है कि एक टाइम का ही भोजन मिलता है। उनकी गृहस्थी नष्ट हो गई। मऊ में एक कच्चा घर भी ढह गया है। स्कूल भवन में ठहराया गया लेकिन रात में बिजली न होने से खतरा भी बना है।
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कई जगह नदी का पानी बस्तियों में घुसने के कारण तीन स्कूलों के साथ अपने रिश्तेदारों के यहां टिके हुए हैं। संपर्क मार्गों में पानी भर जाने के कारण आवागमन बंद है। सबसे गंभीर स्थित मवई कला गांव के रास्ता बंद होने से हैं। समस्या का हल नहीं होने पर जब मऊ एसडीएम बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे तो ग्रामीणों ने ज्ञापन दे कर रास्ता खुलवाने की मांग की।
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यमुना नदी का पानी भले ही कम होने लगा है लेकिन नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। राजापुर के 35 व मऊ के 15 गांवों बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हालत यह है कि रास्तों में पानी भरा होने के कारण ग्रामीण चार दिन से घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हो गए हैं। सोमवार को एसडीएम सौरभ यादव के पहुंचने पर ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर रास्ता में जलभराव की समस्या को दूर करने की मांग की।
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खेतों बुआई का कार्य पिछड़ता जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों ने दो वक्त की रोटी न मिलने की भी शिकायत की। बरवार गांव के किसान मोहन निषाद, लाला ने बताया कि रास्ते में पानी भर जाने के कारण कहीं नहीं जा पा रहे हैं। राजापुर क्षेत्र में बाढ़ के कारण रविवार को भी कई गांव टापू बने रहे। अर्की गांव पानी से चारों तरफ से घिरा है। बरुआ गांव के मजरा छिवलहा पुरवा भी घिरा है। अर्की गांव के श्याम लाल, रामभराेसे ने बताया कि रास्ते के रपटे में पानी भर जाता है। यहां पर पुल बनाया जाए।
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भोजन बनाकर खिलाने की व्यवस्था नहीं की गई
मऊ। मऊ के मवई कला गांव के निवासियों को पूर्व माध्यमिक विद्यालय मवई कला में ठहराया गया है। भोजन बनाकर खिलाने की व्यवस्था नहीं की गई है। राशन सामग्री ग्रामीणों को दी गई है। इसे लेकर कई बाढ़ पीड़ित राशन सामग्री लेकर अपने रिश्तेदारों के यहां ठहर गए हैं। लेखपाल विजय बाबू त्रिपाठी ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को राशन सामग्री दी गई है। राजापुर के तिरहार क्षेत्र के जोड़ने वाले बेराउर से भदेदू गांव को जाने वाले मार्ग कनकोटा के पास मंदाकिनी नदी में पुल बना है। यहां यमुना नदी व मंदाकिनी नदी का पानी सड़क पर भर गया है। साथ ही अप्रोच मार्ग भी धंस गया है। इससे तीन दिन से आवागमन बंद है।
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बीमार ग्रामीण इलाज कराने को शहर नहीं जा पा रहे

चित्रकूट। यमुना तट पर बसे गांव के कई ग्रामीण बीमार हैं। रास्ते में पानी भरा होने के कारण शहर नहीं जा पा रहे हैं। भैरो पुरवा निवासी रामकिशोर, लाखन लाल ने बताया कि दो दिन से उसको बुखार है। रास्ता बंद होने कारण कहीं जा नहीं पा रहे हैं। राजापुर क्षेत्र के अर्की गांव के निवासी हेमनारायण ने यमुना नदी का पानी रास्ता में भरा है। इसके अलावा बताया कि बारिश भी लगातार हो रही है। इससे गांव की अंदर की गलियों में कीचड़ हो गया है। सरधुआ निवासी सोहन लाल ने बताया कि उसके बच्चे तीन दिन से स्कूल पढ़ने नहीं गए हैं। (संवाद)

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इनसेट

राजस्व विभाग की टीम कर रही व्यवस्था

राजापुर। क्षेत्र के एसडीएम राम ऋषि रमन ने बताया कि सरधुआ के कंपोजिट विद्यालय में 32 परिवार के 150 बाढ़ पीड़ितों को खाने पीने की वस्तु के साथ भोजन दिया गया है। तहसीलदार भरत प्रताप सिंह सहित राजस्व विभाग के कैलाश प्रसाद शुक्ला, राजेंद्र सिंह व्यवस्था के लिए लगाए गए हैं। बताया कि विद्यालय परिसर में मवेशियों को भी रखा गया है। सोमवार को यमुना नदी का पानी दो सेंटीमीटर की रफ्तार से खिसक रहा है। शाम 4 बजे तक 91.94 है जबकि यमुना का जलस्तर 92 .25 पर पहुंच गया था।


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अचानक मंदाकिनी नदी का पानी बढ़ा

खोही। मंदाकिनी नदी में सोमवार को आई बाढ़ का पानी रात को उतर गया था। अचानक सोमवार की सुबह एक बार फिर से बढ़ने के कारण धर्मनगरी आने वाले श्रद्धालुओं को पुलिस कर्मी रामघाट की तरफ जाने के लिए रोक दिया गया। नदी में आई बाढ़ के कारण दुकानदारों ने भी दुकानें नहीं खाेला। इससे श्रद्धालु परेशान रहे। एसपी अरुण कुमार सिंह एसडीएम उमेश चंद्र निगम ने निरीक्षण किया। जल पुलिस की व्यवस्था की गई। एसडीएम पूजा साहू, सीओ अरविंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे। वहीं मानिकपुर के बरदहा नदी का पानी भी कम नहीं हुआ है। चमरौहा गांव के पास रपटे में पानी भरा होने के कारण आवागमन करने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा चित्रकूट के मऊ थाना क्षेत्र के बरवार निवासी इंद्रेश निषाद का कच्चा घर बारिश की वजह से गिर गया। इससे घर में रखा गृहस्थी का सामान पूरी तरह से बेकार हो गया। अब परिवार के सामने खाने की समस्या हो गई है।
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