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Chitrakoot News: राखी बांधने जा रही बहनों के लिए कम पड़ी बसें
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चित्रकूट। रक्षाबंधन से एक दिन पहले शुक्रवार को शहर के अस्थायी बस स्टैंड पर महिलाओं की खासी भीड़ रही। बस आते ही चढ़ने के लिए मारामारी मच जाती थी। सीटें न मिलने से कुछ महिलाएं उतर जाती थी लेकिन कुछ खड़े होकर ही गईं। कई महिलाएं तो रोडवेज बसों में चढ़ ही नहीं पाई। मजबूरी में प्राइवेट वाहनों से जाना पड़ा। महिलाओं को भेजने के इंतजाम कम पड़ गए।
रक्षाबंधन के लिए सीएम ने एक दिन पहले शुक्रवार सुबह छह बजे से ही महिलाओं और साथ एक व्यक्ति को फ्री में यात्रा की घोषणा की थी। बेड़ी पुलिया व शहर के अस्थायी बस स्टैंड पर दोपहर से महिलाओं की भीड़ लग गई। यहां जिले के अलावा बांदा, हमीरपुर, फतेहपुर, प्रयागराज व कौशांबी डिपो की बसों का संचालन था।
बांदा की ओर से बस आते ही चढ़ने के लिए तो मारा मारी मच जाती थी। पहले चढ़ने के चक्कर में धक्का मुक्की भी होती रही। पांच मिनट में ही बस भर जाती थी। अस्थायी बस स्टैंड पर जगह न होने से बसें सड़क पर ही खड़ी होती रहीं। इससे दिनभर जाम की स्थिति बनती रही। बस खड़ी होते ही जाम लग जाता था। पुलिस कर्मी जाम हटाने में परेशान रहे।
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-- -- -- -- -- -इनसेट
बरामदे में बैठकर दी बसों की जानकारी
अस्थायी रोडवेज बस स्टैंड कर्वी पर ताला लगा होने के बाद भी कर्मचारियों ने बसों की सेवा की जानकारी बरामदे में बैठकर दी। सुबह से शाम तक कर्मचारियों ने लाउडस्पीकर से बसों के आवागमन की जानकारी यात्रियों को दी। संवाद
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रक्षाबंधन के लिए सीएम ने एक दिन पहले शुक्रवार सुबह छह बजे से ही महिलाओं और साथ एक व्यक्ति को फ्री में यात्रा की घोषणा की थी। बेड़ी पुलिया व शहर के अस्थायी बस स्टैंड पर दोपहर से महिलाओं की भीड़ लग गई। यहां जिले के अलावा बांदा, हमीरपुर, फतेहपुर, प्रयागराज व कौशांबी डिपो की बसों का संचालन था।
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बांदा की ओर से बस आते ही चढ़ने के लिए तो मारा मारी मच जाती थी। पहले चढ़ने के चक्कर में धक्का मुक्की भी होती रही। पांच मिनट में ही बस भर जाती थी। अस्थायी बस स्टैंड पर जगह न होने से बसें सड़क पर ही खड़ी होती रहीं। इससे दिनभर जाम की स्थिति बनती रही। बस खड़ी होते ही जाम लग जाता था। पुलिस कर्मी जाम हटाने में परेशान रहे।
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बरामदे में बैठकर दी बसों की जानकारी
अस्थायी रोडवेज बस स्टैंड कर्वी पर ताला लगा होने के बाद भी कर्मचारियों ने बसों की सेवा की जानकारी बरामदे में बैठकर दी। सुबह से शाम तक कर्मचारियों ने लाउडस्पीकर से बसों के आवागमन की जानकारी यात्रियों को दी। संवाद