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Chitrakoot News: आनंदी माता मंदिर तक पांच किमी मार्ग पथरीला
Sun, 04 Oct 2026 11:32 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:32 PM IST
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04 सीकेटीपी-11-आनंदी माता मंदिर के कीचड़ भरे रास्ते से निकलती महिला
मानिकपुर (चित्रकूट)। नवरात्र में जब श्रद्धालु पाठा के मरवरिया पहाड़ स्थित आनंदी माता के दरबार में पहुंचेंगे तो दर्शन से पहले उन्हें करीब पांच किमी की पथरीली और दुर्गम राह पार करनी होगी।
मुख्य मार्ग से मंदिर तक आज भी पगडंडीनुमा रास्ता है। कीचड़ और पत्थरों से भरे रास्ते में भक्तों को भारी परेशानी हो रही है। नवरात्र को लेकर जहां अन्य मंदिरों में साफ-सफाई चल रही है, वहीं आनंदी माता मंदिर परिसर में पेयजल के लिए बना कुआं मलबे और कीचड़ से पटा है और हैंडपंप भी खराब पड़ा है। शाम होते ही जंगल में अंधेरा छा जाता है, ऐसे में नवरात्र में बढ़ने वाली भीड़ को लेकर व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग तेज हो गई है। परहित सेवा संस्थान के प्रबंधक समाजसेवी अनुज हनुमत ने डीएम पुलकित गर्ग को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुएं की सफाई, नया पंप, सोलर लाइट और पुलिस गश्त की मांग की गई है। वन और पर्यटन विभाग के समन्वय से मंदिर क्षेत्र के विकास की भी मांग उठाई गई है। मानिकपुर के पाठा क्षेत्र में स्थित आनंदी माता मंदिर वर्षों पुराना है। 30 से अधिक गांवों के श्रद्धालु यहां दर्शन को आते हैं।
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चूल्ही गांव तक पक्की सड़क नहीं
समाजसेवी ने आदिवासी बाहुल्य चूल्ही गांव तक पक्की सड़क की भी मांग की। संपर्क मार्ग न होने से एंबुलेंस और चारपहिया वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। गंभीर मरीजों और प्रसूताओं को खाट पर मुख्य मार्ग तक लाना पड़ता है। बारिश में कच्चा रास्ता कीचड़ में बदल जाता है। डीएम ने दोनों मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के निर्देश देने का भरोसा दिया है।
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मुख्य मार्ग से मंदिर तक आज भी पगडंडीनुमा रास्ता है। कीचड़ और पत्थरों से भरे रास्ते में भक्तों को भारी परेशानी हो रही है। नवरात्र को लेकर जहां अन्य मंदिरों में साफ-सफाई चल रही है, वहीं आनंदी माता मंदिर परिसर में पेयजल के लिए बना कुआं मलबे और कीचड़ से पटा है और हैंडपंप भी खराब पड़ा है। शाम होते ही जंगल में अंधेरा छा जाता है, ऐसे में नवरात्र में बढ़ने वाली भीड़ को लेकर व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग तेज हो गई है। परहित सेवा संस्थान के प्रबंधक समाजसेवी अनुज हनुमत ने डीएम पुलकित गर्ग को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुएं की सफाई, नया पंप, सोलर लाइट और पुलिस गश्त की मांग की गई है। वन और पर्यटन विभाग के समन्वय से मंदिर क्षेत्र के विकास की भी मांग उठाई गई है। मानिकपुर के पाठा क्षेत्र में स्थित आनंदी माता मंदिर वर्षों पुराना है। 30 से अधिक गांवों के श्रद्धालु यहां दर्शन को आते हैं।
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चूल्ही गांव तक पक्की सड़क नहीं
समाजसेवी ने आदिवासी बाहुल्य चूल्ही गांव तक पक्की सड़क की भी मांग की। संपर्क मार्ग न होने से एंबुलेंस और चारपहिया वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। गंभीर मरीजों और प्रसूताओं को खाट पर मुख्य मार्ग तक लाना पड़ता है। बारिश में कच्चा रास्ता कीचड़ में बदल जाता है। डीएम ने दोनों मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के निर्देश देने का भरोसा दिया है।

04 सीकेटीपी-11-आनंदी माता मंदिर के कीचड़ भरे रास्ते से निकलती महिला