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Chitrakoot News: 10 साल की सजा से खुश नहीं परिजन, उम्रकैद या फांसी की थी उम्मीद
Sun, 22 Feb 2026 12:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:40 AM IST
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सरैंया (चित्रकूट)। बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के एक गांव में बेटी-पत्नी की गोली मारकर हत्या के बाद सुसाइड करने के मामले में सत्र न्यायाधीश ने दोषी को 10 साल कैद और 10 हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई। हालांकि इस इस फैसले से परिजन खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि दोषी को उम्रकैद या फांसी की सजा होनी चाहिए थी।
एक गांव निवासी व्यक्ति की बेटी (16) अपने ननिहाल में रहती थी। वहां पर पंकज यादव से प्रेम प्रसंग हो गया था। वह पंकज के साथ चली गई थी। कुछ दिन बाद घर लौटी तो पिता ने गांव बुला लिया था। गांव में बेटी के मोबाइल अश्लील वीडियो देख लिया था। इस पर नाराज होकर बेटी को डांटा तो मां उसे बचाने लगी। इसी में गुस्साए व्यक्ति ने दोनों को गोली मार दी और खुद गोली मारने का प्रयास किया था लेकिन भतीजा पहुंच गया तो वह भाग गया था। इसके बाद अगले दिन ही गांव से दो किमी दूर पेड़ में फंदा लगा लिया था। उसके भतीजे ने चचेरी बहन के प्रेमी पंकज यादव के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तभी से आरोपी जेल में है। शनिवार को इस मामले में सुनाए गए फैसले के बाद परिजनों को खुशी नहीं हुई। परिजन उम्रकैद या फांसी की उम्मीद लगाए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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भतीजा का कहना है कि फैसला तो न्यायालय ने तीन साल में ही सुना दिया लेकिन इस फैसले से खुशी नहीं हैं। उनको उम्मीद थी कि दोषी को उम्रकैद या फांसी की सजा होगी।
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इस घटना के बाद परिवार में बची एक नाबालिग बेटी का कहना है कि न्यायालय ने फैसला तो सुनाया है लेकिन सजा कम हैं। उसका कहना है कि जैसे उसके माता-पिता व बहन की मौत हुई है, उसको भी वैसी ही सजा मिलनी चाहिए थी।
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एक गांव निवासी व्यक्ति की बेटी (16) अपने ननिहाल में रहती थी। वहां पर पंकज यादव से प्रेम प्रसंग हो गया था। वह पंकज के साथ चली गई थी। कुछ दिन बाद घर लौटी तो पिता ने गांव बुला लिया था। गांव में बेटी के मोबाइल अश्लील वीडियो देख लिया था। इस पर नाराज होकर बेटी को डांटा तो मां उसे बचाने लगी। इसी में गुस्साए व्यक्ति ने दोनों को गोली मार दी और खुद गोली मारने का प्रयास किया था लेकिन भतीजा पहुंच गया तो वह भाग गया था। इसके बाद अगले दिन ही गांव से दो किमी दूर पेड़ में फंदा लगा लिया था। उसके भतीजे ने चचेरी बहन के प्रेमी पंकज यादव के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तभी से आरोपी जेल में है। शनिवार को इस मामले में सुनाए गए फैसले के बाद परिजनों को खुशी नहीं हुई। परिजन उम्रकैद या फांसी की उम्मीद लगाए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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भतीजा का कहना है कि फैसला तो न्यायालय ने तीन साल में ही सुना दिया लेकिन इस फैसले से खुशी नहीं हैं। उनको उम्मीद थी कि दोषी को उम्रकैद या फांसी की सजा होगी।
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इस घटना के बाद परिवार में बची एक नाबालिग बेटी का कहना है कि न्यायालय ने फैसला तो सुनाया है लेकिन सजा कम हैं। उसका कहना है कि जैसे उसके माता-पिता व बहन की मौत हुई है, उसको भी वैसी ही सजा मिलनी चाहिए थी।